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अम्बिकापुर@सरगुजा को आईआईटी की तर्ज पर सीजीआईटी की सौगात

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शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज का नामकरण बाबा कार्तिक उरांव के नाम पर,100 एकड़ में विकसित होगा संस्थान

-संवाददाता-
अम्बिकापुर,01 नवम्बर 2026 (घटती-घटना)। सरगुजा को तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है। अंबिकापुर के शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय को छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (सीजीआईटी) के रूप में विकसित किया जाएगा। संस्थान का नाम अब ‘अभियंता बाबा कार्तिक उरांव छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी,अंबिकापुर’होगा। आई आई टी की तर्ज पर विकसित होने वाले इस संस्थान से सरगुजा में तकनीकी शिक्षा, शोध और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। प्रदेश के सभी 11 लोकसभा क्षेत्रों में एक-एक सीजीआईटी विकसित करने की पहल के तहत सरगुजा लंबे समय से इस सुविधा से वंचित था। अब अंबिकापुर के इंजीनियरिंग कॉलेज को सीजीआईटी के रूप में विकसित करने की पहल से प्रदेश में ऐसे संस्थानों की संख्या सात हो जाएगी। शेष चार लोकसभा क्षेत्रों में भी संस्थान विकसित किए जाने की योजना है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने जनवरी 2024 में ही तकनीकी शिक्षा संचालक को पत्र लिखकर अंबिकापुर के इंजीनियरिंग कॉलेज को सीजीआईटी के रूप में विकसित करने की पहल की थी। 29 अक्टूबर को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान सरगुजा सांसद ने पत्र प्रस्तुत कर और दूरभाष पर चर्चा कर इस मांग को आगे बढ़ाया। इस पहल से दो महत्वपूर्ण उद्देश्य पूरे होंगे। एक ओर महान अभियंता बाबा कार्तिक उरांव के नाम पर संस्थान की पहचान स्थापित होगी, वहीं दूसरी ओर सरगुजा लोकसभा क्षेत्र में सीजीआईटी विकसित करने का मार्ग प्रशस्त होगा। संस्थान के प्राचार्य डॉ. आरएन खरे ने सांसद चिंतामणि महाराज से मुलाकात कर आभार जताया। इस पहल में इंदर भगत का भी विशेष योगदान रहा।
100 एकड़ में विकसित होगा परिसर
वर्तमान में संस्थान के पास करीब 42 एकड़ भूमि उपलब्ध है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए परिसर को 100 एकड़ में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए जिला प्रशासन से 58 एकड़ अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जाएगा। संस्थान के मास्टर प्लान के अनुसार निर्माण कार्यों और आधारभूत सुविधाओं का प्राक्कलन तैयार कराने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से सहयोग लिया जाएगा। इसके आधार पर अतिरिक्त बजट के लिए राज्य शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
नए तकनीकी पाठ्यक्रम होंगे शुरू
संस्थान में वर्तमान में सिविल,इलेक्टि्रकल,मैकेनिकल,कंप्यूटर साइंस और माइनिंग इंजीनियरिंग में बीटेक और एमटेक पाठ्यक्रम संचालित हैं। सिविल, इलेक्टि्रकल और माइनिंग विषयों में कार्यरत पेशेवरों के लिए भी बीटेक और एमटेक कार्यक्रम उपलब्ध हैं। इसी शैक्षणिक सत्र से एमबीए पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। शैक्षणिक विस्तार के तहत कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में नए बीटेक पाठ्यक्रम शुरू करने के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं।
स्वायत्त तकनीकी संस्थान बनाने का लक्ष्य…
संस्थान को भविष्य में स्वतंत्र और स्वायत्त तकनीकी संस्थान के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां आईआईटी की तर्ज पर आधुनिक प्रयोगशालाएं, गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा,अनुसंधान,नवाचार और उद्योगों के साथ सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। दीर्घकालीन लक्ष्य इसे प्रदेश के अग्रणी तकनीकी एवं शोध केंद्र के रूप में विकसित कर प्रतिष्ठित प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के स्वरूप तक पहुंचाना है। संस्थान ने इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री,सरगुजा सांसद,जिला प्रशासन,तकनीकी शिक्षा विभाग और शासन के संबंधित अधिकारियों के प्रति आभार जताया है।


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