सूरजपुर में मां काली पूजा की भव्य तैयारी,8 से 10 नवंबर तक होंगे धार्मिक आयोजन
कलश स्थापना से विसर्जन शोभायात्रा तक,17 वें वार्षिकोत्सव को लेकर जुटी मां काली पूजा समिति
-संवाददाता-
सूरजपुर,27 अक्टूबर 2026 (घटती-घटना)। नगर में आस्था, भक्ति और धार्मिक परंपरा का प्रतीक बन चुके श्री श्री सार्वजनिक मां काली पूजा समिति के आयोजन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं,समिति इस वर्ष अपना 17वां वार्षिकोत्सव मनाने जा रही है, इसके तहत भैयाथान रोड स्थित पंचमंदिर पारा के दुर्गा बाड़ी परिसर में मां काली की पूजा-अर्चना के लिए भव्य पंडाल तैयार किया जा रहा है,आयोजन को गरिमामय और व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए समिति ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने के लिए रविवार को अग्रसेन भवन में समिति की बैठक आयोजित की गई,बैठक में पूजा-अर्चना के समय, धार्मिक अनुष्ठानों, महाभंडारा, भगवती जागरण,गरबा महोत्सव और विसर्जन शोभायात्रा सहित विभिन्न कार्यक्रमों पर चर्चा की गई, साथ ही आयोजन के सुचारु संचालन के लिए समिति के पदाधिकारियों और अलग-अलग व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी निर्धारित की गई, समिति के सदस्यों के अनुसार, पिछले 17 वर्षों से सार्वजनिक रूप से मां काली पूजा का आयोजन किया जा रहा है,इस दौरान नगर के साथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर मां काली के दर्शन करते हैं और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं, लगातार आयोजित हो रहा यह कार्यक्रम अब सूरजपुर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बन चुका है।
9 नवंबर को कन्या पूजन, महाभंडारा और भगवती जागरण-सोमवार 9 नवंबर को शाम 7 बजे महाआरती के बाद कन्या पूजन एवं कन्याभोज का आयोजन होगा,इसके साथ ही महाकाली का भंडारा,माता को चुनरी भेंट करने का कार्यक्रम, भगवती जागरण और गरबा महोत्सव आयोजित किए जाएंगे,आयोजन में महाभंडारा प्रमुख आकर्षण रहेगा। इसके लिए समिति ने अलग से जिम्मेदारियां सौंपी हैं, ताकि श्रद्धालुओं को भोजन वितरण में किसी तरह की असुविधा न हो, धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भक्ति संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से वातावरण भक्तिमय बनाने की तैयारी है।
10 नवंबर को निकलेगी भव्य विसर्जन शोभायात्रा- मंगलवार 10 नवंबर को सिंदूरदान के बाद मां काली की भव्य विसर्जन शोभायात्रा निकाली जाएगी, तीन दिवसीय आयोजन का समापन धार्मिक परंपराओं के अनुरूप होगा,समिति की ओर से पूजा से लेकर विसर्जन तक की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने की तैयारी की जा रही है।
आयोजन के संचालन के लिए समिति गठित- आयोजन के सुचारु संचालन के लिए समिति ने पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां निर्धारित की हैं,इनमें रामकृष्ण ओझा, चंचलेश श्रीवास्तव,मुकेश गर्ग और पवन मित्तल को संरक्षक बनाया गया है,रूपेश मित्तल अध्यक्ष, रामजी साहू,आशीष गुप्ता और संजीत गुप्ता उपाध्यक्ष,संजय गर्ग तथा कृष्णमंगल हरिओम अग्रवाल कोषाध्यक्ष, अजय सिंह और आशिक सोनी बाबू सचिव तथा प्रवीण साहू और विक्की साहू सहसचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे, व्यवस्थापक के रूप में प्यारे साहू, सुमित मित्तल,राकेश महाराज और नितेश गुप्ता को जिम्मेदारी दी गई है,पूजा प्रमुख विकास साहू और स्पर्श श्रीवास्तव बनाए गए हैं, 9 नवंबर को आयोजित होने वाले विशाल भंडारे के लिए रामबिलास मित्तल, पूनम गर्ग, दिनेश गुप्ता, सुंदरलाल पाटकर, निरंकार सिंह चौहान और भोला साहू को भंडारा प्रमुख बनाया गया है, समिति के सदस्यों में शंकर अग्रवाल, मनोज सोनी, राकेश जायसवाल, राकेश महाराज, मयंक तिवारी, अमन ठाकुर, संदीप ठाकुर, लाला साहू, शुभम अग्रवाल, मित गुप्ता, नवीन गुप्ता, वीरू गुप्ता, दीपक साहू, अद्वैत मित्तल, अंशुल अग्रवाल, विशाल अग्रवाल, अंकुर तिवारी, ओमकार सोनी, महादेव साहू, रोहित सिंह, दीपक साहू पिंटू, प्रवीण गोयल, गोलू पांडेय, कृष्णा गुप्ता, ऋषभ जैन, नितिन सोनी, वंश अग्रवाल और काशवी मित्तल शामिल हैं।
बाल गणेश पूजा समिति भी तैयारियों में जुटी-आयोजन की तैयारियों में श्री श्री सार्वजनिक मां काली पूजा समिति के सदस्यों के साथ सहयोगी संस्था श्री बाल गणेश पूजा समिति के सदस्य भी सक्रिय हैं,दोनों समितियों के सदस्य पंडाल निर्माण,पूजा-अर्चना,भंडारा और अन्य व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने में जुटे हैं, पिछले वर्षों की तरह इस बार भी आयोजन में नगर और आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है, 17 वें वार्षिकोत्सव के माध्यम से समिति धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ नगर में सामूहिक आस्था और सांस्कृतिक सहभागिता की परंपरा को मजबूत करने की तैयारी कर रही है।
8 नवंबर को कलश स्थापना से शुरू होंगे धार्मिक अनुष्ठान…
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, रविवार 8 नवंबर को दोपहर 3 बजे कलश स्थापना के साथ धार्मिक आयोजन की शुरुआत होगी,शाम 4 बजे शिव तांडव और साढ़े पांच बजे चंडी पाठ का आयोजन किया जाएगा,इसके बाद रात 11 बजे से मां काली की विशेष पूजा-अर्चना प्रारंभ होगी,रात 2 बजे देवी अभिषेक,सुबह 3 बजे दीपदान एवं बलिदान तथा सुबह 4 बजे पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी,सुबह साढ़े चार बजे माता रानी को महाभोग लगाया जाएगा, इसके बाद हवन और आरती के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे,पूजा के लिए पंडाल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है,समिति के सदस्य श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोजन की तैयारियों में जुटे हैं।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur