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छिंदवाड़ा@छिंदवाड़ा@मध्यप्रदेश के पांढुर्णा में परम्परा के नाम पर फिर खूनी खेल

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गोटमार मेले में अब तक 1185 घायल,गंभीर हालत में 7 नागपुर रेफर…
छिंदवाड़ा,11 सितम्बर 2026। मध्य प्रदेश के पांढुर्णा जिले में एक बार फिर परम्परा के नाम खूनी खेल खेला गया। यहां शुक्रवार को पारंपरिक गोटमार मेले का आयोजन हुआ, जिसमें जाम नदी के दोनों किनारों पर बसे पांढुर्णा और सावरगांव के लोगों ने एक-दूसरे पर जमकर पथराव किया। इस भीषण पत्थरबाजी में शाम 6 बजे तक 1185 लोगों के घायल होने की सूचना है। इनमें से सात गंभीर घायलों को नागपुर रेफर किया गया है। पांढुर्णा में गोटमार मेले की परंपरा करीब 300 साल पुरानी है। इसी परम्परा के मुताबिक, शुक्रवार को यहां सुबह 11 बजे पूजा-अर्चना के साथ गोटमार मेले की शुरुआत हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने चंडी माता मंदिर और जाम नदी में गाड़े गए पलाश के झंडे की पूजा की। जाम नदी में झंडा लगाए जाने के बाद पांढुर्णा और सावरगांव के गोटमार खिलाड़ी आमने-सामने आ गए और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। शाम तक चले इस पारम्परिक खेल में 1185 लोग घायल हो चुके हैं। कई लोगों के सिर फूटे हैं और हड्डियां टूटी हैं। सावरगांव के 33 वर्षीय नितिन भादे का पैर टूट गया। 30 वर्षीय संजय धारपुरे के सिर और पैर में गंभीर चोट आई है। पांढुर्णा के सचिन हाटेकर का पैर टूट गया। प्रीतम योगेश राउत के सिर और सीने में चोट है। कैलाश नंदू साहू के सिर, कमर और पैर में चोट आई है। सभी सात गंभीर घायलों को नागपुर रेफर किया गया है।
पांढुर्णा से कांग्रेस विधायक निलेश उईके भी पत्थरबाजी करते नजर आए। वहीं, पांच साल के बच्चे योगेश मरावी का भी पत्थर लगने से सिर फूट गया। वह परिवार के साथ महाराष्ट्र के मोवाड से मेला देखने आया था। घायलों के इलाज के लिए मेला क्षेत्र में सात अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं जहां घायलों को उपचार दिया जा रहा है। गंभीर रूप से घायल लोगों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रशासन ने गंभीर मरीजों को तुरंत नागपुर जैसे बड़े अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने 44 डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई है और 22 एंबुलेंस तैनात की हैं। सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। मेले के दौरान जिला कलेक्टर नीरज वशिष्ठ, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी कैंपों पर नजर बनाए रखे। स्थिति पर नजर रखने के लिए 700 पुलिसकर्मी तैनात हैं।


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