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सूरजपुर@ नाबालिगों के हाथ में बाइक देने वालों पर सूरजपुर पुलिस का शिकंजा

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चेकिंग के दौरान 4 नाबालिग मोटरसाइकिल चलाते पकड़े गए,वाहन स्वामियों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई,25 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान
-संवाददाता-
सूरजपुर,11 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)।
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात नियमों के पालन को लेकर सूरजपुर पुलिस ने सख्ती तेज कर दी है,पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल (भापुसे) के निर्देश पर जिले में लगातार वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, इसी अभियान के दौरान पुलिस ने चार नाबालिगों को मोटरसाइकिल चलाते हुए पकड़ा और उनके वाहन स्वामियों के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की है। पुलिस की इस कार्रवाई से उन अभिभावकों और वाहन मालिकों के लिए स्पष्ट संदेश है, जो कम उम्र के बच्चों को मोटरसाइकिल या अन्य वाहन चलाने की अनुमति दे देते हैं,पुलिस ने कहा है कि नाबालिग को वाहन देना केवल बच्चे की सुरक्षा के लिए जोखिमपूर्ण नहीं है,बल्कि वाहन स्वामी अथवा अभिभावक को भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
चेकिंग में चार नाबालिग पकड़े गए- यातायात पुलिस और थाना पुलिस द्वारा जिले के विभिन्न स्थानों पर वाहन चेकिंग के दौरान चार नाबालिग मोटरसाइकिल चलाते हुए पकड़े गए, पुलिस के अनुसार संबंधित वाहनों के क्रमांक सीजी 29 एई 5054,सीजी 16 सीयू 4636, सीजी 29 एडी 3382,सीजी 29 एएच 5698 बताए गए हैं, नाबालिगों के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने उनके परिजनों को मौके पर बुलाया और उन्हें कम उम्र में बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति देने से होने वाले सड़क दुर्घटना के खतरे और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी, वहीं, संबंधित वाहन स्वामियों के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए इस्तगासा तैयार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
बच्चे के साथ दूसरे राहगीरों की सुरक्षा भी खतरे में-पुलिस का कहना है कि कम उम्र में वाहन चलाने वाले बच्चे सड़क पर उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों का सही आकलन करने में पूरी तरह सक्षम नहीं होते,तेज रफ्तार, अचानक ब्रेक,सामने से आने वाले वाहन, पैदल राहगीर अथवा अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में अनुभव की कमी के कारण दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है, नाबालिग चालक के कारण होने वाली दुर्घटना में केवल चालक ही नहीं, बल्कि वाहन में बैठे अन्य लोग,पैदल राहगीर और दूसरे वाहन चालक भी प्रभावित हो सकते हैं,इसी वजह से यातायात नियमों में निर्धारित आयु और वैध ड्राइविंग लाइसेंस की अनिवार्यता को गंभीरता से लिया जाता है।
नाबालिग को वाहन देना पड़ेगा भारी- यातायात प्रभारी बृजकिशोर पाण्डेय ने बताया कि अभिभावकों को अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नाबालिगों को वाहन चलाने की अनुमति देने से सड़क दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ती है, उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चे के निर्धारित आयु पूर्ण करने और वैध ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही वाहन चलाने की अनुमति दें,पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नाबालिग द्वारा वाहन चलाते पकड़े जाने की स्थिति में संबंधित वाहन स्वामी या अभिभावक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है तथा 25 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
अभिभावक यह न समझें कि ‘बच्चा तो पास ही जा रहा है-अक्सर अभिभावक बच्चों को यह सोचकर वाहन दे देते हैं कि उन्हें आसपास ही जाना है या बच्चा वाहन चलाना जानता है,लेकिन सड़क पर दुर्घटना के लिए दूरी नहीं, बल्कि एक क्षण की चूक ही पर्याप्त होती है, पुलिस का कहना है कि वाहन चलाने की क्षमता केवल मोटरसाइकिल चलाना सीख लेने से पूरी नहीं होती,सड़क पर यातायात का दबाव, नियमों की समझ,अचानक उत्पन्न होने वाली स्थिति में निर्णय लेने की क्षमता और कानूनी रूप से ड्राइविंग की पात्रता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, इसलिए अभिभावकों को बच्चों की जिद अथवा सुविधा के बजाय उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।
जागरूकता के साथ कार्रवाई भी जारी-सूरजपुर पुलिस द्वारा एक ओर जहां वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है,वहीं नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जा रही है, पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देश पर यातायात पुलिस और थाना पुलिस द्वारा लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है,इस दौरान विशेष रूप से नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने, बिना लाइसेंस वाहन चलाने और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर नजर रखी जा रही है।
पुलिस की अभिभावकों से अपील- सूरजपुर पुलिस ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को मोटरसाइकिल अथवा अन्य वाहन चलाने के लिए न दें,बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा को भी ध्यान में रखें,पुलिस ने कहा है कि निर्धारित आयु पूर्ण होने और नियमानुसार वैध ड्राइविंग लाइसेंस बनने के बाद ही बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति दी जाए,नाबालिग को वाहन देने और उसके वाहन चलाते पकड़े जाने की स्थिति में संबंधित वाहन स्वामी अथवा अभिभावक के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी, सूरजपुर पुलिस का संदेश साफ है—बच्चे को बाइक देना प्यार नहीं, जोखिम है, लाइसेंस की उम्र तक इंतजार ही सबसे सुरक्षित रास्ता है।


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