ब्रिक्स देशों में दुनिया की 40 प्रतिशत जीडीपी : पीएम मोदी
नई दिल्ली,11 सितम्बर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत ब्रिक्स लीडर्स ने शुक्रवार को ब्रिक्स बिजनेस फोरम में ग्लोबल ट्रेड पर बात की। इसमें सबसे अहम बयान पुतिन का रहा। उन्होंने अमेरिका और यूरोप पर तंज कसते हुए कहा, पश्चिम अब कमजोर हो रहा है,पता नहीं ये देश खुद को जी7 क्यों कहते हैं। दुनिया की 40′ से ज्यादा जीडीपी ब्रिक्स देशों से आई, जी7 की हिस्सेदारी सिर्फ 29′ रही। इसके बाद पीएम मोदी ने भी बिजनेस फोरम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों में दुनिया की आधी आबादी रहती है। ये दुनिया की 40′ जीडीपी में हिस्सा रखते हैं। भारत व्यापार बढ़ाना चाहता है और इसके लिए सुरक्षित समुद्री रास्ते जरूरी हैं। रूसी राष्ट्रपति पुतिन के मुताबिक,पीपीपी के आधार पर ब्रिक्स की हिस्सेदारी दुनिया की अर्थव्यवस्था में करीब 40′ है,जबकि जी7 की 18’। यानी आर्थिक आकार में ब्रिक्स आगे है। हालांकि जी7 को कमजोर नहीं माना जा सकता। डॉलर,बैंकिंग,निवेश और तकनीक में उसका प्रभाव अब भी बड़ा है। दूसरी तरफ ब्रिक्स की ताकत बड़ी आबादी,प्राकृतिक संसाधन और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाएं हैं।
पुतिन ने मोदी को
रूस आने का न्योता दिया…
प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच भारत मंडपम में 45 मिनट बैठक हुई। इसके बाद दोनों नेता एक ही कार से इंडस्टि्रयल एग्जीबिशन पहुंचे। बैठक में भारत-रूस रिश्तों के साथ मिडिल ईस्ट और ब्लैक सी के हालात पर चर्चा हुई। पुतिन ने मोदी को 24वें भारत-रूस समिट के लिए रूस आने का न्योता दिया, जिसे पीएम ने स्वीकार कर लिया।
मोदी-पजशकियान के बीच पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने शुक्रवार को पश्चिम एशिया के हालात और दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। दोनों नेताओं की करीब दो हफ्ते में यह दूसरी मुलाकात है। राष्ट्रपति बनने के बाद पजशकियान की यह पहली भारत यात्रा है। उनकी यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब अमेरिका की ओर से ईरान पर नए आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाने के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है।
ब्रिक्स में मेहमानों को गिफ्ट में गुडी बैग दिया
ब्रिक्स समिट में आए प्रतिनिधियों और मेहमानों को खास गुडी बैग गिफ्ट किया जा रहा है। इसमें बिहार का सत्तू और मखाना, केले के चिप्स, ओडिशा की कॉफी और गुजराती दुपट्टा है। इसका मकसद मेहमानों को भारतीय संस्कृति से परिचत कराना है।
ब्राजील बोला- भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता शानदार
ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा ने भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि भारत की अध्यक्षता शानदार और बेहद सफल रही और इस दौरान काफी काम हुआ।
अमेरिका-यूरोप पर पुतिन का तंज, ब्रिक्स उनसे बहुत आगे निकला
ब्रिक्स बिजनेस फोरम में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि समझ नहीं आता कि कुछ कमजोर हो चुके पश्चिमी देश अब भी खुद को जी7 क्यों कहते हैं। पुतिन ने कहा कि ब्रिक्स आर्थिक ताकत के मामले में जी7 से काफी आगे निकल चुका है। उनके मुताबिक, दुनिया की अर्थव्यवस्था में बड़े बदलाव हो रहे हैं और अब नए देश विकास को आगे बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की अर्थव्यवस्था का आकार लगातार बढ़ रहा है। वहीं, पश्चिमी देशों का दबदबा पहले जैसा नहीं रहा। पुतिन ने कहा कि दुनिया की अर्थव्यवस्था हमेशा बदलती रहती है और अब आर्थिक विकास के नए केंद्र सामने आ रहे हैं।
मोदी बोले- पुतिन से मिलकर खुशी हुई
पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलकर खुशी हुई। बिश्केक में हुई पिछली मुलाकात के दो हफ्ते से भी कम समय बाद दोनों नेताओं की फिर मुलाकात हुई।
मोदी बोले…दुनिया की आधी आबादी ब्रिक्स में…
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ब्रिक्स देशों में दुनिया की आधी आबादी रहती है। ये देश दुनिया की 40′ जीडीपी और 25′ से ज्यादा ग्लोबल ट्रेड में हिस्सा रखते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में दुनिया की जीडीपी करीब ढाई गुना बढ़ी,जबकि ब्रिक्स देशों की जीडीपी साढ़े चार गुना बढ़ी। यानी ब्रिक्स की अर्थव्यवस्था बाकी दुनिया से करीब दोगुनी तेजी से बढ़ी है। मोदी ने कहा कि ब्रिक्स देश अब इनोवेशन और नई टेक्नोलॉजी के बड़े केंद्र बन रहे हैं। भारत में हो रहा यह ब्रिक्स बिजनेस फोरम अब तक का सबसे बड़ा फोरम है।
पुतिन बोले…दुनिया में बड़ा बदलाव हो रहा
ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि दुनिया में इस समय बड़े और गहरे बदलाव हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि 20वीं सदी के दूसरे हिस्से में दुनिया की आर्थिक तरक्की को आगे बढ़ाने वाले पुराने आर्थिक केंद्रों की जगह अब नए देश और नई अर्थव्यवस्थाएं विकास को आगे बढ़ा रही हैं। पुतिन ने कहा कि पुराने आर्थिक केंद्रों के पास आज भी मजबूत बुनियादी ढांचा, बेहतर टेक्नोलॉजी, वैज्ञानिक क्षमता और मजबूत रिसर्च संस्थान हैं। लेकिन दुनिया और अर्थव्यवस्था हमेशा बदलती रहती है।
ईरानी राष्ट्रपति बोले…
दुनिया मुश्किल दौर में
ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि दुनिया इस समय बहुत मुश्किल दौर से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि देशों के बीच तनाव बढ़ रहा है, सप्लाई में दिक्कतें आ रही हैं और आर्थिक दबाव के जरिए दूसरे देशों पर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। इससे कारोबार का माहौल मुश्किल हो गया है। पजशकियान ने कहा कि ऐसे में सवाल है कि ब्रिक्स इन चुनौतियों का सामना कैसे करेगा। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की असली ताकत सिर्फ बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में नहीं है। ताकत तब दिखेगी, जब सदस्य देश आपस में व्यापार और निवेश बढ़ाएं और मिलकर आर्थिक परियोजनाओं में पैसा लगाएं।
4 से बढ़कर 21 देशों का हुआ
ब्रिक्स परिवार : पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम में सभी देशों के प्रतिनिधियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस साल ब्रिक्स की शुरुआत के 20 साल पूरे हो रहे हैं। मोदी ने कहा कि 2006 में जब ब्रिक्स की शुरुआत हुई थी, तब इसमें सिर्फ 4 देश थे। आज सदस्य और पार्टनर देशों को मिलाकर ब्रिक्स परिवार 21 देशों तक पहुंच गया है।
खनिज के बदले हमें
इन्वेस्टमेंट चाहिए : रामाफोसा
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने कहा कि अफ्रीका सिर्फ दुनिया को अपने खनिज देता रहे और बदले में उसे अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निवेश न मिले, ऐसा नहीं चल सकता। दिल्ली में ब्रिक्स बिजनेस फोरम में बोलते हुए उन्होंने अफ्रीकी देशों में ज्यादा निवेश और ब्रिक्स देशों के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी की जरूरत बताई।
पजशकियान बोले- अपनी करेंसी में कारोबार बढ़ाएं
ब्रिक्स बिजनेस फोरम में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि ब्रिक्स देशों को आपसी कारोबार में अपनी-अपनी करेंसी का इस्तेमाल बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था कुछ गिनी-चुनी करेंसी पर ज्यादा निर्भर है, इसलिए यह राजनीतिक संकट से प्रभावित हो सकती है।
मोदी-पुतिन बैठक : द्विपक्षीय सहयोग में प्रगति की समीक्षा व वैश्विक राजनीतिक मुद्दों पर की चर्चा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज यहां रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन से द्विपक्षीय मुलाकात की जिसमें दोनों पक्षों ने राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा,अंतरिक्ष,कौशल विकास आदि क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में प्रगति की समीक्षा की और वैश्विक एवं भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की जिसमें यूक्रेन युद्ध,काला सागर क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर हमले एवं भारतीय नाविकों की सुरक्षा के मुद्दे भी शामिल थे। पुतिन भारत की अध्यक्षता में कल से शुरू हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आज तड़के यहां पहुंचे हैं और वह तीन दिन की यात्रा पर आये हैं। भारत मंडपम में अपराहृन करीब साढ़े तीन बजे हुई इस मुलाकात के बारे में विदेश मंत्रालय ने बताया कि बैठक में दोनों नेताओं ने राजनीतिक, आर्थिक,रक्षा,ऊर्जा,अंतरिक्ष,कौशल गतिशीलता और लोगों के बीच आपसी संबंधों के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने रूस की अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक प्रदर्शनी इनोप्रोम इंडिया का स्वागत किया, जो पहली बार भारत में 9-11 सितंबर 2026 को आयोजित की गई और व्यापार तथा औद्योगिक संबंधों को और बढ़ाने में इसके महत्व पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने इनोप्रोम इंडिया प्रदर्शनी का दौरा भी किया और प्रतिभागियों से बातचीत की। विदेश मंत्रालय के अनुसार नेताओं ने बहुपक्षीय क्षेत्र में भारत-रूस जुड़ाव, विशेष रूप से 2026 में भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स के संदर्भ में, विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने आपसी हित के प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी दृष्टिकोण साझा किए, जिनमें पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र में संघर्ष शामिल हैं,जिनका समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर असर पड़ा है। प्रधानमंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि बातचीत और कूटनीति ही संघर्षों को सुलझाने का सही तरीका है और भारत शांति प्रयासों में सहायता के लिए तैयार है। दोनों नेता दोनों देशों के बीच ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझीदारी’ को और मजबूत करने के प्रयासों को आगे बढ़ाते रहने पर सहमत हुए और उन्होंने माना कि इस साझीदारी में लगातार महत्वपूर्ण वृद्धि हो रही है और इसने भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद मजबूती दिखाई है। प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन की इस साल यह दूसरी मुलाकात थी।
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