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सूरजपुर@ विश्व आदिवासी दिवस पर सरकारी आयोजन नहीं होने से कांग्रेस हमलावर

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अमरजीत भगत बोले…भाजपा आदिवासी अस्मिता की विरोधी…आदिवासी समाज को केवल वोट बैंक समझती है…
-संवाददाता-
सूरजपुर,11 अगस्त 2026 (घटती-घटना)।
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर प्रदेश में शासकीय स्तर पर आयोजन नहीं किए जाने को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है,जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से स्थानीय रेस्ट हाउस में आयोजित जिलास्तरीय पत्रकार वार्ता में पूर्व कैबिनेट मंत्री अमरजीत भगत ने भाजपा सरकार पर आदिवासी समाज की उपेक्षा करने का आरोप लगाया,उन्होंने कहा कि 9 अगस्त को पूरी दुनिया में आदिवासी समाज विश्व आदिवासी दिवस के रूप में अपनी संस्कृति,परंपरा,अस्मिता और अधिकारों का उत्सव मनाता है,लेकिन छत्तीसगढ़ में इस बार शासकीय स्तर पर आयोजन नहीं किया गया। अमरजीत भगत ने कहा कि वर्ष 2023 से पहले भाजपा के नेता भी विश्व आदिवासी दिवस की बधाई देते थे,लेकिन सत्ता में आने के बाद इस दिवस को सरकारी स्तर पर मनाने से परहेज किया जा रहा है, उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बावजूद विश्व आदिवासी दिवस पर सरकारी आयोजन नहीं होना आदिवासी समाज के प्रति सरकार की सोच को दर्शाता है, उनके मुताबिक, न तो भाजपा के नेताओं और आदिवासी नेताओं की ओर से अपेक्षित स्तर पर बधाई संदेश सामने आया और न ही राष्ट्रपति तथा मुख्यमंत्री की ओर से आदिवासी समाज को संदेश दिया गया।
‘वनवासी’ पहचान तक सीमित करने का लगाया आरोप
भगत ने आरोप लगाया कि आरएसएस आदिवासी समाज की स्वतंत्र संस्कृति और अस्मिता को स्वीकार नहीं करना चाहती और आदिवासियों को केवल‘वनवासी’की पहचान तक सीमित करना चाहती है, उन्होंने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस आदिवासी समाज की एकता,संस्कृति,सभ्यता और अधिकारों को दुनिया के सामने रखने का महत्वपूर्ण अवसर है,इसे सरकारी स्तर पर नहीं मनाना आदिवासी समाज की भावनाओं की अनदेखी है,उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की आबादी में आदिवासी समाज की हिस्सेदारी करीब 32 प्रतिशत है,बस्तर से लेकर सरगुजा,कांकेर,नारायणपुर,दंतेवाड़ा, बीजापुर,सुकमा,कोरबा,जशपुर,बलरामपुर और गरियाबंद तक आदिवासी समाज ने अपनी संस्कृति,परंपराओं और संघर्ष के माध्यम से प्रदेश की पहचान को मजबूत किया है,ऐसे में आदिवासी समाज से जुड़े महत्वपूर्ण दिवस को शासकीय स्तर पर महत्व नहीं दिया जाना गंभीर विषय है।
जल-जंगल-जमीन के अधिकार से समझौता नहीं
पूर्व मंत्री ने कहा कि आदिवासी समाज अपनी अस्मिता,अधिकार तथा जल, जंगल और जमीन के अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेगा,उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस चाहे विश्व आदिवासी दिवस का विरोध करें,लेकिन आदिवासी समाज अपनी पहचान और गौरव के साथ इस दिवस को मनाता रहा है और आगे भी मनाता रहेगा,भगत ने भाजपा पर आदिवासी समाज को केवल वोट बैंक के रूप में देखने का आरोप लगाया,उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति और अस्मिता को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने के बजाय उसके अधिकारों और परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
कांग्रेस बोली….सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए लड़ेंगे- जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि सिंह ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल एक कार्यक्रम नहीं,बल्कि आदिवासी समाज के सम्मान,अधिकार,संस्कृति और अस्मिता से जुड़ा विषय है,उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की परंपराओं और अधिकारों की अनदेखी कांग्रेस स्वीकार नहीं करेगी। कांग्रेस जल,जंगल और जमीन के अधिकार तथा आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी, पत्रकार वार्ता में कांग्रेस महामंत्री संजय डोशी, उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन,इस्माईल खान, जीएस मिश्रा,प्रवेश गोयल,विद्यासागर सिंह, विनय मिश्रा,त्रिभुवन सिंह, वेदप्रकाश मिश्रा,सुनील सारथी,संतोष पावले,राजपाल कसेरा,समीर सिंह, सुनील प्रजापति,अविनाश साहू, लिवनेश सिंह और परमेश्वर राजवाड़े सहित कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


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