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अम्बिकापुर@अंबिकापुर में 1251 ई-रिक्शा में 713 का फिटनेस फेल,फिर भी सड़कों पर फर्राटा

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  • वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश मिश्रा ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन,
  • परिवहन और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम से जांच कराने की मांग


-संवाददाता-
अम्बिकापुर,11 अगस्त 2026 (घटती-घटना)। शहर की सड़कों पर दौड़ रहे ई-रिक्शा की फिटनेस को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अंबिकापुर आरटीओ कार्यालय में 18 जून 2026 तक कुल 1,251 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं, जिनमें से महज 538 ई-रिक्शा का फिटनेस वैध बताया गया है,जबकि 713 ई-रिक्शा फिटनेस फेल हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में फिटनेस फेल ई-रिक्शा सड़कों पर बेरोकटोक संचालित होने का आरोप लगाया गया है। इस मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश मिश्रा ने कलेक्टर सरगुजा को ज्ञापन सौंपकर फिटनेस फेल ई-रिक्शा के खिलाफ तत्काल सघन जांच एवं कार्रवाई की मांग की है।
फिटनेस फेल वाहन यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा
कैलाश मिश्रा ने ज्ञापन में कहा है कि फिटनेस फेल ई-रिक्शा का सार्वजनिक मार्गों पर संचालन यात्रियों और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ई-रिक्शा शहर में सार्वजनिक परिवहन का महत्वपूर्ण साधन बन चुके हैं और प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इनमें सफर करते हैं। ऐसे में वाहनों की तकनीकी स्थिति और फिटनेस की नियमित जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब किसी वाहन को फिटनेस जांच में असुरक्षित या निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है तो उसके सड़क पर संचालन पर रोक लगनी चाहिए। इसके बावजूद फिटनेस फेल ई-रिक्शा का लगातार संचालन व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
परिवहन-यातायात पुलिस की संयुक्त जांच की मांग
ज्ञापन में कहा गया है कि ई-रिक्शा के संबंध में पंजीयन,फिटनेस, लाइसेंस एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच को लेकर परिवहन विभाग और यातायात पुलिस के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। कैलाश मिश्रा ने कलेक्टर से मांग की है कि परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर शहर में सघन जांच अभियान चलाया जाए। इस दौरान प्रत्येक ई-रिक्शा का पंजीयन,फिटनेस,चालक का लाइसेंस और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाए।
713 फिटनेस फेल वाहनों पर कार्रवाई क्यों नहीं?
ज्ञापन में सबसे बड़ा सवाल यही उठाया गया है कि यदि आरटीओ के रिकॉर्ड में 713 ई-रिक्शा फिटनेस फेल हैं तो वे सड़क पर कैसे संचालित हो रहे हैं। फिटनेस फेल ई-रिक्शा के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होने से नियमों का पालन करने वाले वाहन संचालकों के बीच भी सवाल खड़े हो रहे हैं। मिश्रा ने मांग की है कि फिटनेस फेल पाए जाने वाले ई-रिक्शा को तत्काल नियमानुसार कार्रवाई के दायरे में लाया जाए तथा फिटनेस प्रमाणित होने तक उनके सार्वजनिक मार्ग पर संचालन पर रोक लगाई जाए।


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