सुपरमैन’ रंजीत गुप्ता की टीम ने 78 नशीले इंजेक्शन के साथ नितीश गुप्ता को दबोचा,दूसरा आरोपी फरार,लगातार कार्रवाई के बाद भी बड़े नेटवर्क पर उठ रहे सवाल
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,08 जुलाई 2026 (घटती-घटना)। संभागीय आबकारी उड़नदस्ता प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी सुपरमैन रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में चल रहे ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत नशीले इंजेक्शनों के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई सामने आई है। श्याम लॉज से 20 नशीले इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किए गए साहिल तिर्की से पूछताछ के आधार पर टीम ने महज 24 घंटे के भीतर उसके कथित सप्लायर नितीश गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से 39 नग REXOGESIC और 39 नग AVIL इंजेक्शन, कुल 78 इंजेक्शन बरामद किए गए। वहीं उसका भाई सौरभ गुप्ता अभी भी फरार है। आबकारी विभाग के अनुसार, 7 जुलाई को श्याम लॉज से गिरफ्तार साहिल तिर्की ने पूछताछ में बताया कि उसने नशीले इंजेक्शन सुभाष नगर स्थित किराये के मकान में रहने वाले दो भाइयों नितीश गुप्ता और सौरभ गुप्ता से खरीदे थे। दोनों मूलतः बलरामपुर जिले के चलगली थाना क्षेत्र के अलका गांव के निवासी हैं। साहिल के बयान के आधार पर आबकारी टीम ने उसी शाम सुभाष नगर स्थित किराये के मकान में दबिश दी। मौके पर नितीश गुप्ता बैग लेकर निकलने की तैयारी में मिला। तलाशी के दौरान बैग से 39 नग REXOGESIC और 39 AVIL इंजेक्शन बरामद हुए। आरोपी को एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(सी) और 29 के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया,जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
लगातार दूसरी बार सप्लायर तक पहुंची टीम
हाल के दिनों में यह दूसरा बड़ा मामला है, जिसमें आबकारी उड़नदस्ता केवल कैरियर तक सीमित नहीं रही,बल्कि पूछताछ के आधार पर कथित सप्लायर तक भी पहुंची। इससे पहले वाहिद अंसारी की गिरफ्तारी के बाद मोशीम अंसारी को भी गिरफ्तार किया गया था। अब साहिल तिर्की के मामले में भी टीम ने एक दिन के भीतर कथित सप्लायर तक पहुंचकर कार्रवाई की है। इससे यह संकेत मिलता है कि पूछताछ के आधार पर नेटवर्क की अगली कडि़यों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
लेकिन हर कार्रवाई के बाद सामने आता है नया सप्लायर
हालांकि लगातार हो रही इन कार्रवाइयों के बीच एक बड़ा सवाल फिर खड़ा हो गया है। वाहिद अंसारी,मोशीम अंसारी,प्रदीप राजवाड़े, लुंड्रा क्षेत्र के आरोपी,साहिल तिर्की और अब नितीश गुप्ता—लगातार नए नाम सामने आ रहे हैं। यह स्थिति इस ओर संकेत करती है कि नशीले इंजेक्शनों का नेटवर्क केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी कई परतें अब भी सक्रिय हो सकती हैं।
सप्लायर के ऊपर कौन?
आबकारी विभाग ने नितीश गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है और उसके भाई सौरभ गुप्ता की तलाश जारी है। लेकिन जांच का अगला और महत्वपूर्ण चरण यह होगा कि नितीश और सौरभ को नशीले इंजेक्शन कहां से मिल रहे थे।
क्या वे किसी बड़े सप्लायर से जुड़े थे?
क्या इंजेक्शन वैध दवा वितरण प्रणाली से बाहर निकाले गए?
क्या बैच नंबर के आधार पर सप्लाई चेन की जांच होगी?
क्या इस मामले में औषधि प्रशासन और पुलिस की संयुक्त जांच आगे बढ़ेगी?
इन सवालों के जवाब अभी सामने आने बाकी हैं।
ऑपरेशन क्लीन की अगली चुनौती
सुपरमैन रंजीत गुप्ता ने इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन क्लीन’ की बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि सरगुजा जिले के बचे हुए प्रमुख सप्लायरों में से एक तक टीम पहुंचने में सफल रही है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि क्या जांच नितीश गुप्ता और उसके फरार भाई तक सीमित रहती है,या फिर उनके ऊपर मौजूद सप्लाई नेटवर्क की अगली कडि़यों तक भी पहुंचती है। क्योंकि नशे के कारोबार पर स्थायी रोक तभी संभव मानी जाएगी, जब केवल फुटकर विक्रेता ही नहीं, बल्कि पूरे सप्लाई नेटवर्क का खुलासा हो।
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