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अम्बिकापुर@निजी अस्पतालों पर सख्ती : फायर सेफ्टी,पार्किंग और डॉक्टरों के पंजीयन सहित सभी मानकों का पालन अनिवार्य

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सीएमएचओ ने जारी किए निर्देश,दस्तावेज अधूरे मिलने या नियमों के उल्लंघन पर नर्सिंग होम एक्ट-2010 के तहत होगी कार्रवाई


-संवाददाता-
अम्बिकापुर,08 जुलाई 2026 (घटती-घटना)। जिले में संचालित निजी स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यप्रणाली को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), सरगुजा ने जिले के सभी निजी नर्सिंग होम,पैथोलॉजी लैब, डायग्नोस्टिक सेंटर और कलेक्शन सेंटर संचालकों को नर्सिंग होम एक्ट-2010 के तहत निर्धारित सभी मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक निजी स्वास्थ्य संस्थान में फायर सेफ्टी प्रमाण-पत्र,बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन की वैध अनुमति, एक्स-रे बॉक्स,इमरजेंसी किट तथा संबंधित चिकित्सकों का छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल में वैध पंजीयन अनिवार्य रूप से उपलब्ध होना चाहिए।
सीएमएचओ ने यह भी निर्देश दिए हैं कि मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक संस्थान में स्वच्छ शौचालय,नियमित साफ-सफाई और पर्याप्त वाहन पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही सूचना पटल पर कार्यरत चिकित्सकों के नाम,उनकी शैक्षणिक योग्यता, मेडिकल पंजीयन,ओपीडी समय तथा उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का स्पष्ट प्रदर्शन किया जाना भी अनिवार्य होगा। स्वास्थ्य विभाग ने उन संस्थानों को भी चेतावनी दी है,जिनके दस्तावेज या आवश्यक प्रमाण-पत्र अभी तक पूर्ण नहीं हैं। ऐसे संचालकों को सभी अभिलेख शीघ्र कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अनुज्ञप्ति और पंजीयन संबंधी प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण किया जा सके। सीएमएचओ ने स्पष्ट किया है कि विभागीय निरीक्षण के दौरान यदि निर्धारित मानकों का उल्लंघन,आवश्यक दस्तावेजों की कमी या अन्य अनियमितताएं पाई जाती हैं तो नर्सिंग होम एक्ट-2010 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित संस्थान की अनुज्ञप्ति और पंजीयन स्थगित करने की अनुशंसा भी की जा सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी निजी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थानों से शासन द्वारा निर्धारित मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने और समय पर सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने की अपील की है,ताकि मरीजों को सुरक्षित,गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
नर्सिंग होम एक्ट-2010 के प्रमुख प्रावधान
– निजी अस्पताल,नर्सिंग होम,डे-केयर सेंटर,पैथोलॉजी लैब और डायग्नोस्टिक सेंटर का पंजीयन एवं अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) अनिवार्य है।
– संस्थान में निर्धारित मानकों के अनुरूप भवन, पर्याप्त स्थान, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाएं होना आवश्यक है।
– फायर सेफ्टी (अग्निशमन) प्रमाण-पत्र अनिवार्य है।
– बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के नियमों का पालन करना होगा।
– सभी चिकित्सकों का छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल/राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (जहां लागू हो) में वैध पंजीयन होना चाहिए।
– प्रशिक्षित नर्सिंग एवं तकनीकी स्टाफ की उपलब्धता आवश्यक है।
– आवश्यक चिकित्सा उपकरण,इमरजेंसी किट और जीवनरक्षक सुविधाएं उपलब्ध होना अनिवार्य है।
– मरीजों का रिकॉर्ड एवं उपचार संबंधी दस्तावेज निर्धारित अवधि तक सुरक्षित रखना होगा।
– सूचना पटल पर चिकित्सकों के नाम, योग्यता, पंजीयन संख्या, ओपीडी समय और उपलब्ध सेवाओं की जानकारी प्रदर्शित करनी होगी।
– निर्धारित मानकों का उल्लंघन होने पर निरीक्षण,नोटिस,लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।


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