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अयोध्या@राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर आरएसएस का बड़ा बयान,पहली बार दत्तात्रेय होसबले बोले…दोषियों को मिले कठोर सजा…

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संघ सरकार्यवाह बोले…करोड़ों रामभक्तों की आस्था को पहुंचा है आघात ट्रस्ट और एसआईटी से पारदर्शी जांच व सख्त कार्रवाई की अपेक्षा
अयोध्या,03 जुलाई 2026। राम मंदिर के दान पात्रों से कथित धन चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि जांच में कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसे कठोर से कठोर दंड मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मामला करोड़ों रामभक्तों की आस्था और विश्वास से जुड़ा है,इसलिए इसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच बेहद जरूरी है। होसबले ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि पर बना भव्य मंदिर पीढि़यों के संघर्ष, त्याग और करोड़ों श्रद्धालुओं के समर्पण का प्रतीक है। ऐसे में दान पात्रों में जमा राशि से जुड़ी कथित गड़बड़ी की घटना ने पूरे हिंदू समाज की भावनाओं को आहत किया है। उन्होंने कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के आग्रह पर उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया है और अब कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। संघ की अपेक्षा है कि जांच पूरी निष्पक्षता से हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संघ सरकार्यवाह ने यह भी कहा कि इस घटना के बाद जो भ्रम और असमंजस की स्थिति बनी है, उसे जल्द समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि मंदिर प्रबंधन और एसआईटी वित्तीय प्रबंधन,संचालन व्यवस्था और पारदर्शिता से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से समीक्षा करेंगे। उनका कहना था कि मजबूत और पारदर्शी व्यवस्थाएं ही श्रद्धालुओं के विश्वास को और सुदृढ़ बनाए रखेंगी। होसबले ने पूरे हिंदू समाज से भी धैर्य और संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस घटना का फायदा उठाकर हिंदू विरोधी और राष्ट्र विरोधी ताकतें समाज और धार्मिक आस्था को बदनाम करने की कोशिश कर सकती हैं,इसलिए ऐसे प्रयासों को विफल करना सभी की जिम्मेदारी है। इस बीच, मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पिछले पांच वर्षों के खातों का दोबारा ऑडिट कराने का फैसला किया है। प्रारंभिक जांच में वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद अब निर्माण कार्यों पर हुए खर्च के साथ-साथ दान में मिले सोने-चांदी के आभूषणों और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं का भी विस्तृत मिलान किया जाएगा। जांच एजेंसियों का उद्देश्य पूरे वित्तीय रिकॉर्ड की दोबारा समीक्षा कर किसी भी संभावित गड़बड़ी की पुष्टि करना है।


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