मुख्य वन संरक्षक दिलराज प्रभाकर के निर्देशन में आयोजित प्रशिक्षण,डॉ. डी.के. सोनी ने बताए अधिनियम के कानूनी व व्यावहारिक पहलू
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,03 जुलाई 2026 (घटती-घटना)। सरगुजा वन वृत्त के सामान्य टेरिटोरियल एवं वन्यजीव प्रभागों के जन सूचना अधिकारियों और प्रथम अपीलीय अधिकारियों के लिए सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम-2005 पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों को आरटीआई अधिनियम के नवीनतम प्रावधानों, कानूनी प्रक्रियाओं तथा सूचना आवेदनों के समयबद्ध और प्रभावी निराकरण के संबंध में प्रशिक्षित करना था। मुख्य वन संरक्षक दिलराज प्रभाकर के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला में सरगुजा संभाग के छह वन मंडलों से जन सूचना अधिकारी, प्रथम अपीलीय अधिकारी, वन परिक्षेत्र अधिकारी,कंप्यूटर ऑपरेटर एवं शाखा प्रभारी सहित लगभग 125 अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यशाला के मुख्य संसाधन व्यक्ति एवं प्रशिक्षक आरटीआई कार्यकर्ता और अधिवक्ता डॉ. डी.के. सोनी ने सूचना का अधिकार अधिनियम की विभिन्न धाराओं,सूचना उपलब्ध कराने की प्रक्रिया, अपील व्यवस्था, समय-सीमा तथा न्यायालयों एवं सूचना आयोगों के महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए अधिनियम के व्यावहारिक पक्षों पर भी विस्तार से चर्चा की। मुख्य वन संरक्षक दिलराज प्रभाकर ने कहा कि आरटीआई अधिनियम वर्ष 2005 से लागू है और समय-समय पर अधिकारियों का प्रशिक्षण आवश्यक होता है। उन्होंने बताया कि पिछले लगभग एक वर्ष से इस विषय पर कोई कार्यशाला आयोजित नहीं हुई थी, जबकि इस दौरान कई नए व्यावहारिक और कानूनी पहलू सामने आए हैं। इन्हें ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित अधिकारियों के लिए यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कोरिया (बैकुंठपुर) की वनमंडलाधिकारी प्रभाकर खलखो ने कहा कि आरटीआई को लेकर आम नागरिकों के साथ-साथ कई बार अधिकारियों के बीच भी भ्रांतियां रहती हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम सूचना मांगने वाले और सूचना उपलब्ध कराने वाले अधिकारियों के बीच बेहतर समझ विकसित करने में सहायक होते हैं, जिससे समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराने और अनावश्यक विवादों से बचने में मदद मिलती है। कार्यशाला में उपस्थित वनमंडलाधिकारियों, एसडीओ एवं रेंजरों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता जताई।
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