- आबकारी विभाग की जांच के बाद भी उठे कई सवाल
- शराब की गुणवत्ता खराब,पानी मिलाकर बिक्री
- की उपभोक्ताओं से मिल रही शिकायतों का दावा… उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
चिरमिरी,01 जुलाई 2026 (घटती-घटना)। चिरमिरी शहर में कथित रूप से मिलावटी शराब की बिक्री को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता,जिला उपाध्यक्ष एवं पूर्व महापौर के. डोमरू रेड्डी ने मोर्चा खोल दिया है,उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि शहर की अधिकांश देशी एवं अंग्रेजी शराब दुकानों में लंबे समय से कथित रूप से मिलावटी शराब की बिक्री हो रही है, शिकायत के बाद आबकारी विभाग की टीम ने विभिन्न शराब दुकानों पर जांच की,जिससे शहर में पूरे मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई। रेड्डी का कहना है कि उन्हें लगातार शराब उपभोक्ताओं से शिकायतें मिल रही थीं कि शराब की गुणवत्ता खराब है तथा उसमें कथित रूप से मिलावट की जा रही है,इन शिकायतों के आधार पर उन्होंने स्वयं कई दुकानों के आसपास जाकर जानकारी जुटाई और उसके बाद मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत के बाद हरकत में आया आबकारी विभाग
शिकायत दर्ज होने के बाद आबकारी विभाग की टीम ने चिरमिरी के विभिन्न देशी एवं अंग्रेजी शराब दुकानों का निरीक्षण किया,विभागीय टीम ने दुकानों और भंडारण स्थलों की जांच भी की,लेकिन आधिकारिक तौर पर किसी भी स्थान पर मिलावटी शराब मिलने की पुष्टि नहीं हुई,हालांकि शिकायतकर्ता का आरोप है कि जांच की सूचना पहले ही संबंधित लोगों तक पहुंच जाने के कारण संभावित सबूत हटाए जा सकते हैं, जिससे जांच का उद्देश्य प्रभावित हो जाता है।
उपभोक्ताओं ने टीम के सामने भी गुणवत्ता पर उठाए सवाल
के. डोमरू रेड्डी का दावा है कि जांच के दौरान डोमनहिल, गोदरीपारा एवं छोटा बाजार स्थित शराब दुकानों में मौजूद कुछ ग्राहकों ने आबकारी टीम के सामने ही शराब की गुणवत्ता पर सवाल उठाए,उनके अनुसार कुछ उपभोक्ताओं ने कथित रूप से कहा कि सामान्य दिनों में शराब पतली या पानी मिली हुई प्रतीत होती है, जबकि जांच वाले दिन गुणवत्ता बेहतर रहने की बात कही,हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
मिलीभगत के कारण प्रभावी कार्रवाई नहीं…
रेड्डी ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में विभागीय स्तर से लेकर अन्य संबंधित पक्षों के बीच कथित मिलीभगत के कारण प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है, उनका कहना है कि यदि शिकायतों की निष्पक्ष और गोपनीय जांच कराई जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है,उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर राजनीतिक संरक्षण और निगरानी तंत्र की कमजोरी के कारण शराब दुकानों में अनियमितताओं की आशंका बनी रहती है।
शराब दुकानों के स्थान चयन पर भी उठाए सवाल
पूर्व महापौर ने केवल मिलावट के आरोप ही नहीं लगाए, बल्कि शराब दुकानों के संचालन की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए,उनका कहना है कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों और मुख्य सड़कों के किनारे शराब दुकानों का संचालन सामाजिक दृष्टि से भी उचित नहीं है, उन्होंने सरकार से मांग की कि शराब दुकानों के संचालन संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए तथा आवश्यक होने पर संवेदनशील क्षेत्रों से दुकानों को अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए।
उच्चस्तरीय जांच की मांग…
कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार एवं आबकारी विभाग से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए,यदि जांच में मिलावट,अनियमितता अथवा किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों,कर्मचारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए,उन्होंने यह भी मांग की कि चिरमिरी शहर में कथित रूप से अवैध एवं मिलावटी शराब के कारोबार पर स्थायी रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
जनता में बढ़ी चर्चा…
शिकायत और उसके बाद हुई विभागीय कार्रवाई के बाद शहर में शराब की गुणवत्ता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, कई लोगों का मानना है कि यदि समय-समय पर अचानक और निष्पक्ष जांच की जाए तो उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ेगा तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
आबकारी विभाग का पक्ष
आबकारी विभाग की ओर से जांच के दौरान किसी भी दुकान अथवा भंडारण स्थल पर मिलावटी शराब मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है,यदि विभाग का विस्तृत पक्ष या जांच रिपोर्ट प्राप्त होती है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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