कांग्रेस एमएलए बोलीं…गरीबों का घर उजाड़कर विधायक आवास नहीं चाहिए…
रायपुर,01 जुलाई 2026। रायपुर के नकटी गांव में सोमवार को विधायक कॉलोनी बनाने नकटी गांव में 80 घरों पर बुलडोजर चला दिया गया। अब इसके विरोध में बुधवार को प्रभावितों ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर दिया। उनका कहना है कि प्रशासन ने घर दिए हैं, जिनमें किसी तरह की सुविधाएं नहीं हैं। घर इतने छोटे हैं कि उसमें परिवार का रह पाना संभव नहीं है। ग्रामीणों के इस प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस फोर्स लगाई गई है। पुलिस ने कलेक्ट्रेट में बैरिकेडिंग कर ग्रामीणों को रोकने की कोशिश की और उन्हें समझाइश दी, लेकिन फिर भी वे डटे हुए हैं। इस प्रदर्शन में रायपुर जिला कांग्रेस के नेता भी मौजूद रहे। वहीं,कांग्रेस विधायक जनकराम ध्रुव और चातुरीनंद के बाद कविता लहरे ने भी नकटी गांव विस्थापन के विरोध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। विधायक चातुरीनंद ने कहा कि हम जनता के सिर पर छत देने के लिए चुने गए हैं,छीनने के लिए नहीं। गरीबों का घर उजाड़कर ऐसा विधायक आवास बिल्कुल नहीं चाहिए। इसके अलावा नकटी गांव को लेकर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लिखी एक साल पुरानी चिट्ठी वायरल हो रही है। जिसमें उन्होंने विधायक कॉलोनी के लिए जमीन चयन पर आपत्ति जताई थी। पत्र में कहा था कि गरीबों को हटाना मानवीय दृष्टि से उचित नहीं है।
विधायक कॉलोनी दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग…
सरायपाली से कांग्रेस विधायक चातुरीनंद ने नकटी गांव तोड़ने के विरोध में सीएम साय को पत्र लिखा है। उन्होंने नकटी गांव में विधायक कॉलोनी बनाने की योजना वापस लेने या नया रायपुर में कहीं कॉलोनी को शिफ्ट करने की मांग की है। विधायक ने इस पूरी घटना को अत्यंत पीड़ादायक,अमानवीय और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
गरीबों का घर उजाड़कर विधायक आवास नहीं चाहिए…
चातुरीनंद ने पत्र में लिखा है कि, गरीबों का आशियाना उजाड़कर जनप्रतिनिधियों के लिए आलीशान आवास बनाना किसी भी तरह से न्यायोचित नहीं है। जनता ने हमें उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए चुना है, न कि उनके सिर से छत छीनकर अपने लिए सुविधाएं खड़ी करने के लिए। मैं इस कार्रवाई का पुरजोर विरोध करती हूं और नकटी गांव के सभी पीडि़त परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी हूं। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि, गरीबों का घर उजाड़कर उन्हें ऐसा विधायक आवास बिल्कुल नहीं चाहिए।
कोर्ट जाएगी कांग्रेस : नया रायपुर के नकटी गांव में बुलडोजर चलाने पर बिफरे बैज, बोले-पार्टी गांव वालों के साथ
राजधानी रायपुर के नकटी गांव में प्रशासन द्वारा की गई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 29 जून को प्रशासन ने गांव में वर्षों से रह रहे लोगों के घरों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें बारिश के पहले बेघर कर दिया। कांग्रेस इस मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाएगी और आगामी विधानसभा मानसून सत्र में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी। श्री बैज ने कहा कि नकटी गांव में कई परिवार 20 से 40 वर्षों से निवास कर रहे थे, लेकिन प्रशासन ने उनकी बात सुने बिना घरों को तोड़ दिया। उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई के दौरान 85 प्रधानमंत्री आवास और इंदिरा आवास भी ध्वस्त कर दिए गए। बैज ने कहा कि ग्रामीण अपने मकान बचाने के लिए रोते-बिलखते रहे, लेकिन प्रशासन ने उनकी एक नहीं सुनी। पीसीसी चीफ ने आरोप लगाया कि विधायक कॉलोनी निर्माण के लिए गरीबों के घर तोड़े गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नया रायपुर में पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, तो वहां कॉलोनी बनाने के बजाय गरीबों को उजाड़ने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने कहा कि सरकार ने पुनर्वास से पहले प्रभावित लोगों से कोई संवाद नहीं किया।
25 सदस्यीय परिवारों को दिया जा एक कमरे का मकान
श्री बैज ने पुनर्वास व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि 25 सदस्यीय परिवारों को एक कमरे का मकान दिया जा रहा है, जो पूरी तरह अव्यवहारिक है। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से बातचीत की। उनके अनुसार, पुनर्वास के तहत दिए गए मकानों में बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं, जबकि उन मकानों की कीमत साढ़े पांच लाख से लेकर साढ़े आठ लाख रुपये बताई जा रही है। उन्होंने पूछा कि इसका भुगतान कौन करेगा।
नकटी गांव की कार्रवाई से पूरे प्रदेश में भय का माहौल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नकटी गांव की कार्रवाई से पूरे प्रदेश में भय का माहौल पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि किसी गरीब का घर तोड़कर विधायक और अधिकारियों के लिए आवास बनाना कांग्रेस को स्वीकार नहीं है। बैज ने बताया कि कांग्रेस विधायक चातुरी नंद और जनक ध्रुव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि गरीबों का आवास तोड़कर उन्हें अपना आशियाना नहीं चाहिए।
बच्चों की साइकिलें, पढ़ाई की किताबें और घरेलू सामान मलबे में गए दब
उन्होंने भाजपा विधायकों से भी अपील की कि वे ऐसे आवास स्वीकार न करें। उन्होंने आरोप लगाया कि बुलडोजर कार्रवाई के दौरान बच्चों की साइकिलें, पढ़ाई की किताबें और घरेलू सामान भी मलबे में दब गए। साथ ही भाजपा के सांसदों और विधायकों पर लोगों को यह भरोसा दिलाकर गुमराह करने का आरोप लगाया कि उनके घर नहीं टूटेंगे।
लोगों से माफ़ी मांगे सरकार
कांग्रेस ने मांग की है कि जिन लोगों के घर तोड़े गए हैं, उनसे सरकार सार्वजनिक रूप से माफी मांगे, उचित मुआवजा दे और उसी स्थान पर नया आवास बनाकर उपलब्ध कराए। बैज ने यह भी आरोप लगाया कि नकटी गांव में कुछ उद्योगपतियों और सरकार के करीबी लोगों की जमीन है, जिन्हें फायदा पहुंचाने के लिए यह परियोजना लाई जा रही है। उन्होंने सरकार से पूरे क्षेत्र का सीमांकन सार्वजनिक करने की मांग की।
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