Breaking News

प्रतापपुर@मौत का घाट’ कहलाने वाले पेण्डारी को मिलेगा सुरक्षित स्वरूप

Share


डीजीपीएस सर्वे शुरू, सर्वे रिपोर्ट के बाद तय होगा सड़क चौड़ीकरण…घाट कटिंग या पुल निर्माण का विकल्प
-संवाददाता-
प्रतापपुर,01 जुलाई 2026 (घटती-घटना)। लगातार सड़क हादसों के कारण ‘मौत का घाट’ के नाम से पहचाने जाने वाले प्रतापपुर क्षेत्र के पेण्डारी घाट को अब सुरक्षित बनाने की कवायद शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ शासन ने लोक निर्माण विभाग के वर्ष 2026-27 के मुख्य बजट में इस महत्वपूर्ण परियोजना को शामिल किया है। इसके तहत अंबिकापुर-धनवार-वाराणसी राज्य मार्ग (एसएच-2ए) स्थित पेण्डारी घाट में डीजीपीएस (डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग सूरजपुर संभाग की निगरानी में तकनीकी विशेषज्ञ पूरे घाट क्षेत्र का सर्वे कर रहे हैं। विभाग के उपअभियंता सुधीर बड़ा की मौजूदगी में सर्वे टीम घाट की भौगोलिक स्थिति, सड़क की संरचना और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का अध्ययन कर रही है।
सर्वे के बाद तय होगा निर्माण का स्वरूप : डीजीपीएस सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि पेण्डारी घाट में किस तरह का निर्माण जरूरी है। इसमें घाट कटिंग, सड़क चौड़ीकरण, रिटेनिंग वॉल निर्माण या व्हायाडक्ट (ऊंचा पुल) जैसे विकल्पों पर विचार किया जाएगा। सर्वे पूरा होने के बाद विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कर शासन की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
खतरनाक मोड़ और ढलान बनते हैं हादसों का कारण : पेण्डारी घाट लंबे समय से सड़क दुर्घटनाओं के लिए बदनाम रहा है। यहां तीखे मोड़, अधिक ढलान और सड़क किनारे गहरी खाई के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश के मौसम में फिसलन और कम दृश्यता के कारण हादसों का खतरा और बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस घाट में कई दुर्घटनाओं में लोगों की जान जा चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं। क्षेत्रवासियों की लंबे समय से मांग रही है कि घाट को सुरक्षित बनाया जाए।
विधायक की पहल से आगे बढ़ी प्रक्रिया : प्रतापपुर विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने कहा कि पेण्डारी घाट की समस्या को उन्होंने लगातार विधानसभा में उठाया और सुरक्षित निर्माण की मांग की थी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सर्वे की अनुमति दी है। उन्होंने कहा कि सर्वे पूरा होने के बाद निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
लोगों को सुरक्षित आवागमन की उम्मीद : क्षेत्रवासियों का कहना है कि पेण्डारी घाट के सुरक्षित निर्माण से प्रतापपुर, सूरजपुर और अंबिकापुर के बीच आवागमन आसान और सुरक्षित होगा। लोगों को उम्मीद है कि वर्षों से हादसों की पहचान बन चुका पेण्डारी घाट जल्द ही सुरक्षित मार्ग के रूप में नई पहचान हासिल करेगा।


Share

Check Also

सूरजपुर@ प्रतापपुर पुलिस ने 6 लाख की चोरी गई कार बरामद कर आरोपी को दबोचा

Share तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना से मिली सफलता,आरोपी से चोरी की हुंडई आई20 …

Leave a Reply