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अम्बिकापुर@बिजली दर वृद्धि,स्मार्ट मीटर और अघोषित कटौती के खिलाफ कांग्रेस का घेराव

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  • भारी बारिश में सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता,मुख्यमंत्री के नाम सौंपा 5 सूत्रीय ज्ञापन…
  • कांग्रेस नेता बोले…बिजली महंगी,व्यवस्था बदहाल और जनता पर बढ़ता जा रहा आर्थिक बोझ


-संवाददाता-
अम्बिकापुर,18 जून 2026 (घटती-घटना)। प्रदेश में बिजली दरों में वृद्धि,ईंधन प्रभार,स्मार्ट मीटर और अघोषित बिजली कटौती के विरोध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा ने नमना स्थित विद्युत विभाग के कार्यपालन यंत्री कार्यालय का घेराव कर मुख्यमंत्री के नाम पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बाल कृष्णा पाठक के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में जिले के सभी ब्लॉक अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष,मोर्चा एवं संगठन प्रकोष्ठों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। भारी बारिश के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर ‘बिजली दर वृद्धि वापस लो‘,‘अदाणी का स्मार्ट मीटर लगाना बंद करो‘,‘जनता पर आर्थिक बोझ डालना बंद करो’ जैसे नारे लगाए और विद्युत विभाग के कार्यालय तक मार्च किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण आम जनता लगातार बढ़ते बिजली बिलों और खराब बिजली व्यवस्था से परेशान है।
बिजली दर वृद्धि और ईंधन प्रभार वापस लेने की मांग : कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में हाल ही में बढ़ाई गई विद्युत दरों तथा 12 प्रतिशत की दर से लगाए गए ईंधन प्रभार को तत्काल वापस लेने की मांग की। पार्टी नेताओं का कहना है कि महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ती जीवन-यापन लागत के बीच बिजली की कीमतों में वृद्धि सीधे तौर पर आम उपभोक्ताओं,किसानों,छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। कांग्रेस का आरोप है कि एक ओर लोगों की आय में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई है, वहीं दूसरी ओर बिजली,पानी, खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक सेवाओं की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में बिजली दरों में बढ़ोतरी जनविरोधी निर्णय साबित हो रही है।
अंबिकापुर की बिजली व्यवस्था पर भी उठाए सवाल : ज्ञापन में अंबिकापुर शहर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि शहर में लगातार अघोषित बिजली कटौती हो रही है,जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों की कथित मिलीभगत के कारण मेंटेनेंस कार्यों में लापरवाही बरती जा रही है। नतीजतन छोटी-छोटी तकनीकी समस्याएं भी लंबे समय तक बनी रहती हैं और उपभोक्ताओं को घंटों बिजली संकट झेलना पड़ता है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि शहर की संपूर्ण बिजली व्यवस्था कुछ ठेका कर्मचारियों के भरोसे छोड़ दी गई है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उपभोक्ताओं से नियमित रूप से बिल और विभिन्न शुल्क वसूले जा रहे हैं, तो उन्हें निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति क्यों नहीं मिल पा रही है?
‘बिजली बिल हाफ योजना’ दोबारा लागू करने की मांग : कांग्रेस ने सरकार से बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी वापस लेने के साथ-साथ पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की लोकप्रिय ‘बिजली बिल हाफ योजना’ को पुनः लागू करने की मांग भी की। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस योजना से लाखों घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिली थी और वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में ऐसी जनहितकारी योजना की आवश्यकता पहले से अधिक है।
‘जनता महंगी बिजली और खराब व्यवस्था दोनों झेल रही’ : प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि एक ओर भाजपा सरकार की नीतियों के कारण आम लोगों का बिजली बिल कई गुना बढ़ गया है, वहीं दूसरी ओर बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी लगातार बदहाल होती जा रही है। भीषण गर्मी और उमस के मौसम में बार-बार बिजली गुल होने से आम नागरिक, व्यापारी, विद्यार्थी और मरीज सभी प्रभावित हो रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि यदि सरकार बिजली दरों में वृद्धि कर रही है तो उसे उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं भी उपलब्ध करानी चाहिए। लेकिन वर्तमान स्थिति में जनता महंगी बिजली और खराब व्यवस्था दोनों का सामना कर रही है।
स्मार्ट मीटर को बताया उपभोक्ताओं के साथ धोखा
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए। ज्ञापन में कहा गया कि स्मार्ट मीटर लगाने के बाद अनेक उपभोक्ताओं को वास्तविक खपत से अधिक बिजली बिल मिलने की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर की त्रुटिपूर्ण गणना के कारण उपभोक्ताओं को अनुबंधित भार से अधिक खपत दर्शाकर बिल भेजे जा रहे हैं। इतना ही नहीं, कई मामलों में अनुबंधित भार के उल्लंघन का अतिरिक्त सरचार्ज लगाकर उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है। कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था को आम जनता के साथ धोखा बताते हुए इसकी तकनीकी जांच कराने और इसे अनिवार्य करने के बजाय स्वैच्छिक बनाए जाने की मांग की है।
चेतावनीः मांगें नहीं मानी
गईं तो आंदोलन होगा तेज

प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि बिजली दरों में की गई वृद्धि वापस नहीं ली गई, स्मार्ट मीटर व्यवस्था की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई और अघोषित बिजली कटौती पर रोक नहीं लगी तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। कांग्रेस ने कहा कि बिजली केवल एक सेवा नहीं बल्कि हर नागरिक की बुनियादी आवश्यकता है। इसलिए सरकार को राजस्व बढ़ाने के बजाय उपभोक्ताओं को राहत देने और बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। सरगुजा में हुआ यह घेराव प्रदेशभर में बिजली दरों, स्मार्ट मीटर और बिजली आपूर्ति को लेकर बढ़ती जन असंतोष की भावना का संकेत माना जा रहा है।


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