नई दिल्ली,15 जून 2026। अयोध्या के भव्य और ऐतिहासिक श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान में कथित चोरी और वित्तीय वित्तीय गड़बडि़यों का गंभीर मामला अब देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर दस्तक दे चुका है। इस संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल मामले पर त्वरित सुनवाई के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत से विशेष गुहार लगाई गई है। सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने वकील अनूप अवस्थी ने इस पूरे प्रकरण में न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने और सुप्रीम कोर्ट की सीधी निगरानी में एक निष्पक्ष व स्वतंत्र जांच कराने की पुरजोर मांग की है। सीजेआई ने अदालत कक्ष में मौजूद सभी अधिवक्ताओं से पुरजोर अनुरोध किया है कि वे कोर्ट रूम के भीतर किसी भी केस की मौखिक मेंशनिंग करने से पूरी तरह बचें। सीजेआई सूर्य कांत ने साफ शब्दों में कहा, ‘मौखिक बहस की जगह पर आप कृपया अपनी बात का एक लिखित नोट जमा करें, इसके बाद हम खुद यह तय करेंगे कि मामले में क्या जरूरी है और क्या नहीं।’ इस पूरे विवाद के राजनीतिक और सामाजिक तूल पकड़ने से ठीक पहले, उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने शनिवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन और दान राशि से संबंधित गंभीर आरोपों की जांच के लिए 3 सदस्यीय विशेष जांच दल के गठन का आधिकारिक ऐलान कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, खुद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के विशेष अनुरोध के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों पर इस उच्च स्तरीय एसआईटी टीम का गठन किया गया है।
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