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अम्बिकापुर@ऑनलाइन सट्टे की लत ने ली युवा कारोबारी की जान

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लाखों के कर्ज और मानसिक दबाव से टूटा व्यवसायी,सुसाइड नोट में छलकाया दर्द


-संवाददाता-
अम्बिकापुर,09 मई 2026 (घटती-घटना)। ऑनलाइन सट्टे की बढ़ती लत अब लोगों की जिंदगी पर भारी पडऩे लगी है। शहर के मायापुर निवासी एक युवा व्यवसायी ने लाखों रुपए के कर्ज और मानसिक तनाव से परेशान होकर जहर सेवन कर आत्मघाती कदम उठा लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। मृतक ने मरने से पहले पत्नी और पिता के नाम सुसाइड नोट भी छोड़ा है, जिसमें उसने अपने हालात, कर्ज और सट्टे की बुरी आदत का जिक्र करते हुए माफी मांगी है। जानकारी के अनुसार मायापुर निवासी संदीप अग्रवाल (40) पुराना बस स्टैंड स्थित दुर्गा बाड़ी के सामने ड्राइफ्रूट्स की दुकान संचालित करता था। शुक्रवार दोपहर करीब 12.30 बजे वह दुकान से घर पहुंचा। घर पहुंचते ही उसने अपने पिता से कहा कि अब वह परिवार को परेशान नहीं करेगा। उसने बताया कि दुकान में कीटनाशक का सेवन कर लिया है। यह सुनते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। घर में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल उसे इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे मिशन अस्पताल लेकर पहुंचे,जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
तेजी से बढ़ रहा ऑनलाइन सट्टे का जाल : शहर में ऑनलाइन सट्टे और गेमिंग एप्स का जाल तेजी से फैल रहा है। मोबाइल फोन के जरिए युवा आसानी से सट्टेबाजी की दुनिया में पहुंच रहे हैं। शुरुआत में कम रकम जीतने के लालच में लोग इसमें शामिल होते हैं, लेकिन बाद में भारी नुकसान और कर्ज के कारण मानसिक तनाव का शिकार हो जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन सट्टा आर्थिक ही नहीं,मानसिक और सामाजिक रूप से भी लोगों को बर्बाद कर रहा है। कई मामलों में लोग कर्ज, दबाव और बदनामी के डर से गलत कदम उठा लेते हैं।
क्रिकेट सट्टे में हार चुका था लाखों रुपए
परिजनों ने बताया कि संदीप पिछले कुछ समय से ऑनलाइन सट्टे की गिरफ्त में था। वह क्रिकेट मैचों में ऑनलाइन पैसा लगाता था। शुरुआत में छोटे दांव लगाने वाला संदीप धीरे-धीरे बड़े अमाउंट तक पहुंच गया। लगातार हार के कारण उस पर लाखों रुपए का कर्ज हो गया था। बताया जा रहा है कि कर्ज चुकाने के लिए वह कई लोगों से रुपए उधार ले चुका था। कारोबार में भी नुकसान हो रहा था। ऐसे में आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता गया। परिजन कई बार उसे समझाते रहे, लेकिन वह इस लत से बाहर नहीं निकल सका।
सुसाइड नोट में छलका दर्द
मृतक ने पत्नी और पिता के नाम अलग-अलग सुसाइड नोट छोड़ा है। नोट में उसने अपने किए पर पछतावा जताते हुए परिवार से माफी मांगी है। उसने लिखा कि उसके ऊपर काफी कर्ज हो चुका है और अब वह उसे चुका पाने की स्थिति में नहीं है। सुसाइड नोट में उसने यह भी लिखा कि कई लोगों ने ऊंचे ब्याज पर उसे पैसे दिए और लंबे समय तक ब्याज लेते रहे। कुछ लोग उसे सट्टा खिलाते थे और हारने के बाद पैसों के लिए दबाव बनाते थे। हालांकि उसने किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं लिखा है। पुलिस के अनुसार सुसाइड नोट में किसी को सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है। फिलहाल नोट को जब्त कर जांच में शामिल किया गया है।
परिवार की जिम्मेदारी भी थी कंधों पर
संदीप अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। परिवार की पूरी जिम्मेदारी उसी पर थी। घर में पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। पिता की तबीयत भी अक्सर खराब रहती है। ऐसे में परिवार पूरी तरह संदीप पर निर्भर था। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। मोहल्ले के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं। आसपास के लोगों का कहना है कि संदीप मिलनसार स्वभाव का था, लेकिन पिछले कुछ महीनों से वह काफी तनाव में रहने लगा था।
पुलिस कर रही मामले की जांच
कोतवाली थाना प्रभारी शशिकांत सिन्हा ने बताया कि मृतक ने पत्नी और पिता के नाम से दो सुसाइड नोट छोड़े हैं। नोट में कर्ज, व्यापार में नुकसान और सट्टे का जिक्रहै। किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं लिखा गया है। मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि मृतक किन लोगों के संपर्क में था और उस पर किस प्रकार का आर्थिक दबाव था। वहीं घटना के बाद शहर में ऑनलाइन सट्टे के बढ़ते दुष्प्रभाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है।


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