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अम्बिकापुर@रसोई गैस महंगी होने पर कांग्रेस का प्रदर्शन,अंबिकापुर में धरना

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महंगाई, गैस संकट और सप्लाई कमी को लेकर सरकार पर निशाना,आमजन और कारोबारियों की समस्याएं उठाईं


-संवाददाता-
अम्बिकापुर,04 मई 2026 (घटती-घटना)। रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि और बढ़ती महंगाई के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा ने सोमवार को अंबिकापुर में धरना-प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आम जनता और छोटे व्यापारियों की परेशानियों को उठाया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में युद्ध शुरू होने के बाद घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में करीब 60 रुपए तक बढ़ोतरी हुई है,वहीं कमर्शियल सिलेंडर 1400 रुपए तक महंगा हो चुका है। सप्लाई में कमी के चलते गैस की उपलब्धता प्रभावित है और जमाखोर इसका फायदा उठाकर ज्यादा कीमत वसूल रहे हैं। इससे छोटे व्यवसायियों का काम प्रभावित हो रहा है और खाद्य सामग्री की कीमतें भी बढ़ रही हैं।
गैस महंगी,कारोबार पर असर गहरा
धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि कमर्शियल गैस पर निर्भर होटल,ढाबा और छोटे व्यवसाय सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। कई स्थानों पर गैस की अनुपलब्धता के कारण कारोबार ठप होने की स्थिति बन गई है, जबकि बढ़ती लागत के कारण आम लोगों की थाली भी महंगी हो रही है। पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण देश ने सस्ते तेल और गैस देने वाले भरोसेमंद साझेदारों को खो दिया है। उन्होंने कहा कि बढ़ती कीमतों के लिए केवल अंतरराष्ट्रीय हालात नहीं बल्कि सरकार की नीति भी जिम्मेदार है।
नीतियों पर उठे सवाल,महंगाई को बताया बड़ी चुनौती
जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि केंद्र की नीतियों के कारण देश को अंतरराष्ट्रीय दबाव में झुकना पड़ा है,जिसका असर आम जनता पर पड़ रहा है। निगम नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने रुपये की गिरती स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि इसका सीधा असर आम लोगों की क्रय शक्ति पर पड़ा है। प्रदेश महामंत्री द्वितेंद्र मिश्रा ने कहा कि सरकार की आर्थिक नीतियां पूंजीपतियों के पक्ष में हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग पर दबाव बढ़ा है।
कृषि क्षेत्र पर भी असर,बढ़ सकती है महंगाई
पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ रहा है। कृषि उपकरणों और सिंचाई संसाधनों की लागत बढ़ने से किसानों की परेशानी बढ़ी है। उन्होंने आशंका जताई कि खाद की कमी और लागत बढ़ने से उत्पादन प्रभावित होगा,जिससे आने वाले समय में अनाज महंगा हो सकता है। धरना-प्रदर्शन में अजय अग्रवाल, जेपी श्रीवास्तव, डॉ. अजय तिर्की सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।


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