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नई दिल्ली@जनगणना 2026 : पहले चरण के लिए 33 सवाल तय

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ऑनलाइन पोर्टल पर भी जानकारी दे सकेंगे,लिव-इन कपल को शादीशुदा का दर्जा मिलेगा
नई दिल्ली,30 मार्च 2026। जनगणना-2026 का पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो रहा है। केंद्र सरकार ने इसके लिए 33 सवाल जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि स्थिर रिश्ते में रहने वाले लिव-इन कपल्स को भी शादीशुदा माना जाएगा। ऐसा तब ही होगा जब कपल मानेगा कि उनका रिश्ता लंबा चलने वाला है। पहले चरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया गया है,जहां लोग खुद अपनी जानकारी भर सकेंगे। उनकी मदद के लिए इस पोर्टल पर स्न्रक्त (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल) भी दिए गए हैं। यह चरण ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना’ कहलाता है। इसका मकसद देश में घरों और बुनियादी सुविधाओं की जानकारी जुटाना है,ताकि सरकार बेहतर योजनाएं बना सके। दूसरे चरण में आबादी से जुड़ी डिटेल जानकारी ली जाएगी। भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण कहते हैं, ‘जनगणना की संदर्भ तिथि (रेफरेंस डेट) बहुत महत्वपूर्ण है। संदर्भ समय 1 मार्च की आधी रात है, जो 28 फरवरी 2027 और 1 मार्च 2027 के बीच पड़ती है। इस संदर्भ तिथि का उल्लेख 16 जून 2025 को जारी पहली अधिसूचना में किया गया था, जिसमें जनगणना कराने के इरादे की घोषणा की गई थी। इसी संदर्भ तिथि के कारण इसे जनगणना 2027 कहा जाता है। 16 जून, 2025 को अधिसूचना प्रकाशित होने के बाद प्रक्रिया शुरू हो गई थी, लेकिन संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 ही बनी हुई है। जनगणना के परिणामों से प्रत्येक प्रशासनिक इकाई, राज्य, जिले, गांव और वार्ड की जनसंख्या और विभिन्न आंकड़ों की एक झलक मिलेगी, जैसा कि वे 1 मार्च, 2027 को 00ः00 बजे की स्थिति में होंगे। इसलिए यह संदर्भ तिथि बहुत महत्वपूर्ण है।
भारत में जनगणना दो चरणों में की जाती है। पहला चरण ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना’ है, जिसमें घरों की सूची बनाना और उनकी गिनती करना शामिल है।’
पहला फेज 1 अप्रैल 2026 से…
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 8 जनवरी को बताया था कि देश में होने वाली जनगणना 2027 का पहला फेज 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच किया जाएगा। हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने यहां 30 दिनों में यह काम पूरा करेंगे। सरकार ने यह भी कहा कि घरों की लिस्टिंग शुरू होने से 15 दिन पहले लोगों को खुद से जानकारी भरने (सेल्फ एन्यूमरेशन) का विकल्प भी दिया जाएगा। दरअसल, जनगणना 2021 में होनी थी, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से इसे टाल दिया गया था। यह अब 2027 में पूरी होगी।


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