
- बिना ‘सुविधा शुल्क’ नहीं हो रहा भुगतान? कोरिया कोषालय पर गंभीर सवाल…
- भुगतान में देरी और अवैध वसूली के आरोप, कोषालय की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल…
- पेंशन से लेकर बिल तक अटके : कोरिया कोषालय में व्यवस्था पर सवाल…
- कोषालय में लंबित फाइलें और लेन-देन के आरोप,कर्मचारी कर रहे भुगत
- क्या बिना भुगतान के नहीं चलता भुगतान सिस्टम? कोरिया कोषालय कटघरे में…
- कोरिया जिला कोषालय में भुगतान प्रक्रिया पर सवाल,जांच की उठी मांग…
-रवि सिंह-
बैकुंठपुर,26 मार्च 2026 (घटती-घटना)। कोरिया जिले के जिला कोषालय में भुगतान प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं, विभिन्न विभागों के कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और अन्य हितग्राहियों का कहना है कि देयकों के भुगतान में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है और बिना अनौपचारिक लेन-देन के फाइलों का निपटारा नहीं हो रहा है, यह स्थिति प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर प्रश्न खड़े कर रही है।
भुगतान प्रक्रिया में देरी के आरोप
सूत्रों के अनुसार,कोषालय में प्रस्तुत किए गए बिलों को समय पर निपटाने के बजाय लंबित रखा जा रहा है, फाइलों को विभिन्न आपत्तियों के आधार पर रोका जाता है,मामूली त्रुटियों को आधार बनाकर बार-बार वापस किया जाता है,भुगतान की प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबा किया जाता है, इससे संबंधित कर्मचारियों और हितग्राहियों को आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
अनौपचारिक लेन-देन की शिकायतें
कई कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि भुगतान प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए अप्रत्यक्ष रूप से ‘सुविधा शुल्क’ की मांग की जाती है,बिना लेन-देन के बिलों के पारित होने में देरी बड़े बिलों पर अधिक राशि की मांग,भुगतान के लिए अलग-अलग स्तर पर संपर्क सूत्रों का कहना है कि यह प्रक्रिया अब व्यवस्थित रूप ले चुकी है।
पेंशनभोगियों पर सबसे अधिक प्रभाव
इस स्थिति का सबसे अधिक असर सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर देखा जा रहा है, पेंशन और अन्य देयकों के लिए बार-बार कार्यालय आना पड़ता है,वृद्धावस्था में लंबी प्रतीक्षा और असुविधा,समय पर भुगतान न मिलने से दैनिक जीवन प्रभावित पेंशनभोगियों के लिए यह समस्या विशेष रूप से संवेदनशील है।
यात्रा भत्ता बिलों में अधिक शिकायतें
सूत्रों के अनुसार, यात्रा भत्ता से संबंधित बिलों में अधिक समस्या सामने आ रही है,इन बिलों को अधिक समय तक लंबित रखा जाता है समाधान के लिए अनौपचारिक अपेक्षाएं सामने आती हैं, कर्मचारियों को भुगतान के लिए अतिरिक्त दबाव का सामना करना पड़ता है।
संचार के नए माध्यमों के उपयोग के आरोप
कुछ मामलों में यह भी आरोप लगाए गए हैं कि संपर्क के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है, व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से बातचीत,भुगतान से संबंधित शर्तों पर अनौपचारिक संवाद, सीधे कार्यालय में चर्चा से बचने की प्रवृत्ति इन आरोपों की पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हुई है, लेकिन ये शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
शिकायत करने में हिचकिचाहट
कर्मचारियों का कहना है कि वे औपचारिक शिकायत करने से बचते हैं,शिकायत के बाद फाइलों में और अधिक आपत्तियां लगने की आशंका,कार्यों में और देरी होने का डर, प्रशासनिक दबाव का वातावरण इस कारण कई मामलों में शिकायत दर्ज नहीं हो पाती।
मार्च माह में भी लंबित बिल
वित्तीय वर्ष के अंतिम माह मार्च में,जब भुगतान प्रक्रिया तेज होनी चाहिए,उस समय भी कई बिल लंबित बताए जा रहे हैं,शासन के निर्देशों के बावजूद देरी हो रही,कुछ बिलों का त्वरित निपटारा व अन्य बिलों का लंबे समय तक लंबित रहना यह स्थिति प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।
विभागों पर प्रभाव
भुगतान में देरी का असर विभिन्न विभागों पर भी पड़ रहा है, योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा वेंडरों को समय पर भुगतान नहीं,कार्यों की गति प्रभावित समय पर भुगतान न होने से सरकारी योजनाओं का संचालन भी प्रभावित हो सकता है।
प्रशासनिक पारदर्शिता पर प्रश्न
इन आरोपों के चलते प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर प्रश्न उठ रहे हैं,जहां शासन स्तर पर भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था और त्वरित सेवा की बात कही जाती है, वहीं जमीनी स्तर पर अलग स्थिति सामने आ रही है।
संभावित जांच और कार्रवाई
स्थानीय स्तर पर यह मांग उठ रही है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए,लंबित बिलों की समीक्षा,भुगतान प्रक्रिया की जांच,जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान,यदि आरोप सही पाए जाते हैं,तो आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है, कोरिया जिला कोषालय से संबंधित ये आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और इनका प्रभाव सीधे कर्मचारियों और आम नागरिकों पर पड़ रहा है,समयबद्ध और पारदर्शी जांच के माध्यम से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे।
अस्वीकरण
यह समाचार सूत्रों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है,इसकी स्वतंत्र पुष्टि शेष है, संबंधित पक्षों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
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