- दिल दहला देने वाला हादसाः ट्रेन की चपेट में आया युवक,साहस की मिसाल बनी युवती
- अंबिकापुर-जबलपुर ट्रेन हादसाः युवक के कटे दोनों पैर,युवती बनी फरिश्ता
- पटरी पर छटपटाता रहा युवक, युवती की हिम्मत ने बचाई जान
- दोनों पैर गंवाए,पर जिंदा है उम्मीद—एक युवती की सूझबूझ से बची जान
-ओंकार पाण्डेय-
सूरजपुर,24 फरवरी 2026 (घटती-घटना)। शनिवार की रात सूरजपुर जिले में हुई एक भयावह घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। अंबिकापुर-जबलपुर पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आने से 24 वर्षीय युवक के दोनों पैर जांघ के ऊपर से कट गए। युवक रेलवे ट्रैक पर गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा मिला। समय पर एक युवती की हिम्मत और सूझबूझ के कारण उसे अस्पताल पहुंचाया जा सका,जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
दोस्तों के साथ निकला था,देर रात मिली सूचना
जानकारी के अनुसार,गोपालपुर निवासी मयंक तिवारी (पिता मनोज नाथ तिवारी), उम्र 24 वर्ष, शनिवार शाम को अपने दोस्तों के साथ घर से घूमने निकला था, देर रात तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजन चिंतित थे, इसी बीच रात करीब 10ः30 बजे परिजनों को मोबाइल के माध्यम से सूचना मिली कि सूरजपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 500 मीटर की दूरी पर अंबिकापुर-जबलपुर ट्रेन की चपेट में आने से मयंक गंभीर रूप से घायल हो गया है, सूचना मिलते ही परिजन घटनास्थल की ओर दौड़े, रेलवे फाटक के पास ट्रेन की रफ्तार धीमी थी,चालक को हादसे की भनक लगते ही ट्रेन रोक दी गई। नीचे उतरकर यात्रियों ने देखा कि युवक पटरी पर छटपटा रहा है, उसके दोनों पैर घुटनों के ऊपर से कट चुके थे और खून बह रहा था।
भीड़ खड़ी रही,युवती ने संभाली कमान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना का दृश्य इतना भयावह था कि कई यात्री नीचे उतरकर दूर से देख रहे थे,लेकिन कोई सीधे मदद करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था, तभी कटनी से अंबिकापुर आ रही एक युवती ने असाधारण साहस दिखाया, उसने मोबाइल की टॉर्च जलाकर ट्रेन के नीचे जाकर युवक की स्थिति देखी, तुरंत अपने स्टॉल (दुपट्टे) को फाड़कर कटे हिस्सों पर कसकर बांधा,ताकि रक्तस्राव रोका जा सके,इसके बाद आसपास मौजूद लोगों की मदद से युवक को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया,बताया जा रहा है कि गंभीर अवस्था में भी युवक होश में था और बात कर पा रहा था, युवती ने उसका मोबाइल लेकर पासवर्ड पूछा और उसके परिजनों को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। इस बीच स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस की व्यवस्था की।
मेडिकल कॉलेज में इलाज जारी
गंभीर रूप से घायल मयंक तिवारी को तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया,डॉक्टरों की टीम ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को अत्यंत गंभीर बताया है,अत्यधिक रक्तस्राव के कारण स्थिति नाजुक बनी हुई है, चिकित्सक लगातार निगरानी कर रहे हैं।
हादसा, आत्मघात या साजिश?
घटना के बाद इलाके में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं,कुछ लोगों का दावा है कि युवक के पैर बांधकर उसे पटरी पर लिटाया गया था,वहीं दूसरी ओर यह भी चर्चा है कि युवक अपने दोस्तों के साथ था और संभवतः शराब सेवन के बाद विवाद की स्थिति बनी,हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया है,मामले की जांच शुरू कर दी गई है,सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और युवक के साथ रहे लोगों से पूछताछ की जा रही है,ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मामला दुर्घटना है,आत्मघाती कदम है या किसी आपराधिक साजिश का हिस्सा।
रेलवे सुरक्षा पर भी सवाल
यह घटना रेलवे ट्रैक के पास सुरक्षा व्यवस्था और जागरूकता को लेकर भी सवाल खड़े करती है, देर रात रेलवे फाटक के पास युवक का ट्रैक पर पहुंचना और इस प्रकार ट्रेन की चपेट में आना कई संभावनाओं की ओर इशारा करता है।
बहादुरी की मिसाल बनी युवती
इस दर्दनाक घटना के बीच जिस युवती ने साहस दिखाया,उसकी सर्वत्र सराहना हो रही है, यदि वह समय पर रक्तस्राव रोकने का प्रयास न करती,तो स्थिति और भयावह हो सकती थी, स्थानीय लोग उसे ‘साहस की मिसाल’ बता रहे हैं, एक ओर जहां यह घटना परिवार और क्षेत्र के लिए गहरा आघात है, वहीं दूसरी ओर यह मानवता और साहस की एक प्रेरक कहानी भी बन गई है, अब सबकी नजर पुलिस जांच और युवक की स्वास्थ्य स्थिति पर टिकी है।
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