Breaking News

कोरिया@बैकुंठपुर में परो वायरस का कहर,3 दिन में 8 पिल्लों की मौत,विभाग की चुप्पी पर सवाल

Share

  • खामोश मौत का वायरस! बैकुंठपुर में तेजी से मर रहे पिल्ले,पशु चिकित्सा विभाग बेखबर
  • परो वायरस ने बढ़ाई चिंता: बैकुंठपुर की गलियों में पिल्लों की मौत,रोकथाम पर सुस्ती
  • लावारिस पिल्लों पर संकट,प्रशासन मौन: बैकुंठपुर में परो वायरस का फैलाव
  • मौसम बदला,वायरस सक्रिय: बैकुंठपुर में 8 पिल्लों की मौत से हड़कंप
  • टीकाकरण नहीं,जागरूकता नहीं! बैकुंठपुर में परो वायरस पर विभाग की निष्कि्रयता
  • बीमारी से ज्यादा लापरवाही घातक? बैकुंठपुर में परो वायरस से पिल्लों की मौत
  • नगर में फैला परो वायरस,पिल्लों की जान पर बन आई — कार्रवाई कब करेगा विभाग?

कोरिया 13 फरवरी 2026(घटती-घटना)। नगर क्षेत्र में इन दिनों परो वायरस का खतरा तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है,मौसम परिवर्तन के साथ सक्रिय हुआ यह घातक वायरस कम उम्र के कुत्तों के पिल्लों पर भारी पड़ रहा है। बीते तीन दिनों के भीतर नगर के अलग-अलग मोहल्लों में 8 पिल्लों की मौत हो चुकी है,जिससे पशुपालकों और पशु प्रेमियों में चिंता और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है। लगातार सामने आ रहे मामलों ने पशु चिकित्सा विभाग की तैयारियों और सक्रियता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
तेजी से फैल रहा संक्रमण,छोटे पिल्ले सबसे ज्यादा प्रभावित
स्थानीय नागरिकों और पशुपालकों के अनुसार,परो वायरस मुख्य रूप से 2 से 6 महीने तक के पिल्लों को अपनी चपेट में ले रहा है, संक्रमित पिल्लों में अचानक दस्त शुरू होना,उल्टी, शरीर में कमजोरी,सुस्ती,पानी की कमी और भोजन से दूरी जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। कई मामलों में बीमारी इतनी तेजी से बढ़ रही है कि इलाज शुरू होने से पहले ही पिल्लों की मौत हो जा रही है,नगर के वार्ड क्रमांक 5, 7 और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों में लगातार पिल्लों के बीमार होने की जानकारी सामने आई है,जिससे संक्रमण के फैलाव की आशंका और गहरी हो गई है।
पालतू और लावारिस पिल्लों के बीच फर्क
जहां पालतू कुत्तों के मालिक निजी पशु चिकित्सकों की मदद से अपने पिल्लों का इलाज करा रहे हैं और कुछ मामलों में उन्हें बचाने में सफल भी हुए हैं,वहीं लावारिस पिल्लों के लिए यह वायरस मौत का कारण बनता जा रहा है,नगर के कई स्थानों पर बीमार और कमजोर पिल्ले सड़कों और गलियों में पड़े नजर आ रहे हैं, लेकिन उनके उपचार की कोई व्यवस्थित व्यवस्था नहीं दिख रही।
पशु चिकित्सा विभाग की भूमिका पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि हालात गंभीर होने के बावजूद पशु चिकित्सा विभाग की ओर से अब तक कोई विशेष अभियान नहीं चलाया गया है। न तो प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कराया गया है और न ही टीकाकरण या जागरूकता को लेकर कोई ठोस पहल सामने आई है, नागरिकों का कहना है कि हर साल मौसम बदलते ही परो वायरस के मामले सामने आते हैं, इसके बावजूद विभाग पहले से तैयारी नहीं करता, जिससे हर बार पिल्लों की जान जोखिम में पड़ जाती है।
विशेषज्ञों की चेतावनी और सुझाव
पशु विशेषज्ञों के मुताबिक, परो वायरस अत्यंत संक्रामक होता है और संक्रमित मल,गंदगी या संक्रमित स्थान के संपर्क से तेजी से फैलता है,उन्होंने बताया कि साफ-सफाई,समय पर टीकाकरण और संक्रमित पिल्लों को अलग रखना ही सबसे प्रभावी बचाव है, विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि यदि समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो संक्रमण का दायरा बढ़ सकता है और अन्य पशुओं के लिए भी खतरा बन सकता है।
नगरवासियों की मांग
नगरवासियों और पशु प्रेमियों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से प्रभावित क्षेत्रों में पशु चिकित्सा टीम भेजी जाए, लावारिस पिल्लों के लिए अस्थायी उपचार शिविर लगाए जाएं और नगर स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए,लोगों का कहना है कि यदि अभी ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में पिल्लों की मौत का आंकड़ा और बढ़ सकता है।


Share

Check Also

रायपुर@ रायपुर में 14.555 किलो गांजा जब्त,4 गिरफ्तार

Share पान मसाला की पैकिंग और टेप में छिपाकर रखी थी गांजे की खेपरायपुर,23 सितम्बर …

Leave a Reply