रामानुजगंज 02 मार्च 2022 (घटती घटना)। महाशिवरात्रि का पर्व हिन्दू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस पावन दिन ही भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। भोलेनाथ के भक्तों के लिए इस दिन का विशेष महत्व होता है। इस दिन सच्चे मन और पूरे विधि-विधान से की गई पूजा बहुत फलती है। और आदियोगी प्रसन्न होकर अपने भक्तों को हर कष्ट से मुक्त कर देते हैं। यूं तो महाशिवरात्रि के अवसर पर सुबह से लेकर शाम तक महादेव की पूजा और दर्शन के लिए प्राचीन शिव मंदिर सहित महामाया मंदिर राम मंदिर एवं नगर के अन्य मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी रही। लेकिन शिवपुराण के अनुसार माना गया है कि महाशिवरात्रि के दिन रात्रि पूजन का विशेष महत्व होता है। इसी वजह से भक्तजन यदि चारों पहर यानी संध्याकाल से लेकर अगले दिन ब्रह्ममुहूर्त तक भोलेनाथ की पूजा करेंते रहे। उन्हें शिवशंभु का खास आशीर्वाद प्राप्त हुआ। मान्यता है कि ये चारों पहर की पूजा धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष सभी को सिद्ध करने वाला होता है।
सागर फाउंडेशन के नेतृत्व में निकली शिव बारात की झांकी
नगर की समाज सेवी संस्था सागर फाउंडेशन के अध्यक्ष रमन अग्रवाल, पदाधिकारियों एवं समस्त सदस्यों के नेतृत्व में शिव बारात की झांकी स्थानीय शिव मंदिर से आरती उपरांत निकाली गई। शिव बारात की झांकी में भगवान शिव के रूप में धारण कर युवक और बच्चे रथ पर सवार थे वही भूत पिशाच का रूप धारण कर इस बारात में शिव भक्त नाचते गाते और झुमते हुए आगे बढ़ते रहे। नगर भ्रमण के दौरान बारातियों का जगह जगह शिव भक्तों के द्वारा जलपान करा उनका स्वागत किया गया। तत्पश्चात बारात मां महामाया मंदिर जा पहुंचा जहां बारातियों का स्वागत उपरांत पंच ब्राह्मणों के द्वारा मंत्र उच्चारण कर विधि-विधान से विवाह संपन्न कराया गया। वही आरती उपरांत सभी भगतों को प्रसाद वितरण कर कार्यक्रम का समापन किया गया।
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