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पस्ता@लापरवाह स्कॉर्पियो चालक ने बाइक को मारी ठोकर सहायक उप निरीक्षक की पत्नी की दर्दनाक मौत

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बाइक चालक को आई मामूली चोट,पुलिस जांच में जुटी,तेज रफ्तार से चला रहे लापरवाह स्कॉर्पियो चालक ने बाइक सवार को पीछे से टक्कर मारकर आरोपी वाहन चालक हो गया फरार
-संवाददाता-
पस्ता,07 अगस्त 2025(घटती-घटना)
। बलरामपुर जिले के पास्ता थाना क्षेत्र अंतर्गत डौरा चौकी के ग्राम कोदौरा मेन रोड पर बुधवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे में सहायक उप निरीक्षक की पत्नी की मौत हो गई। तेज रफ्तार चला रहे लापरवाह स्कॉर्पियो चालक ने बाइक सवार को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी,जिससे बाइक में बैठी महिला की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। इलाज के लिए अस्पताल में आ गया जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई,जबकि बाइक चालक को मामूली चोटें आई हैं। डौरा चौकी प्रभारी विजय कुमार दुबे ने बताया कि रनहत थाना में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक जहूर साय की पत्नी सोनमती कच्छप (40 वर्ष) बुधवार को अपने एक परिचित के साथ बाइक में सवार होकर डुमरखोला से प्रतापपुर जा रही थीं। दोपहर करीब 12 बजे ग्राम कोदौरा के पास पीछे से आ रही तेज रफ्तार काले रंग की स्कॉर्पियो(सीजी 30 एच 5469) ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में सोनमती कच्छप को गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल प्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया,जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं बाइक चला रहे व्यक्ति को मामूली चोटें आई हैं, जिनका इलाज जारी है। घटना के बाद स्कॉर्पियो चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। स्कॉर्पियो वाहन का नंबर प्लेट टूट कर सड़क पर ही गिर गया,वाहन नंबर के आधार पर पुलिस फरार वाहन चालक की तलाश में जुट गई है इस घटना के बाद पूरे परिवार और पुलिस विभाग में शोक की लहर है।
वैकल्पिक के रास्ते से जाने पर हो रहे हैं ऐसे हादसे : सड़क की बदहाल स्थिति के कारण वाहन चालक वैकल्पिक रास्तों से गंतव्य तक जाने को हो रहे हैं मजबूर. इसलिए इस तरह के हादसों के शिकार, एनएच 343 खराब होने से राहगीर कर रहे वैकल्पिक रास्ते का चयन बलरामपुर जिले से होकर गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग 343 आज अपने अस्तित्व के संकट से गुजर रहा है। अंबिकापुर से पस्ता तक का सफर करना अब सड़क पर नहीं, गड्ढों में सड़क ढूंढकर चावल को को जानकी बाजी लगा कर हमसे वाना पर रहा है। वाहन चालक खुद यह कहते नजर आ रहे हैं कि अब सड़क में गड्ढे नहीं बल्कि गड्ढों में सड़क ढूंढनी पड़ रही है।एनएच विभाग के द्वारा गुणवत्ता और दीर्घकालिक मरम्मत की कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई। जिसका खामियाजा अब आमजनता भुगत रही है जिसके कारण टू व्हीलर फोर व्हीलर एवं बड़ी वाहनों कर वैकल्पिक रास्ते ढूंढकर जाना पड़ता है। यह बताना लाजमी होगा कि गागर और गेउर नदी की दोनों पुलियों की हालत अत्यंत चिंताजनक है। ना सिर्फ इनके ऊपर गड्ढे गहरे हो चुके हैं,बल्कि रेलिंग टूट चुकी है और ढलाई का सरिया ऊपर दिख रहा है। जिससे यहां से गुजरना अब किसी जानकी बाजी लगा कर सफर करने से कम नहीं। पल पल बारिश, धूल और अंधेरे में हादसे का खतरा और अधिक बढ़ गया है।
सड़क की बदहाल स्थिति के कारण वैकल्पिक रास्ते पे मजबूर है…
सड़क की बदतर स्थिति को देखते हुए राहगीर अब बलरामपुर पहुंचने के लिए प्रतापपुर-सेमरसोत मार्ग का उपयोग कर रहे हैं, जो अपेक्षाकृत बेहतर है। लेकिन इस वैकल्पिक मार्ग पर वाहनों की तेज रफ्तार अब दुर्घटनाओं की वजह बन रही है। स्थानीय ग्रामीणों ने तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाने की मांग की है।क्षेत्रवासी और वाहन चालकों का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क और पुलों की मरम्मत नहीं की गई, तो यह मार्ग पूरी तरह से अवरोधक बन जाएगा और हादसों की संख्या और अधिक बढ़ सकती है।


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