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मनोरंजन @ आईआईटी से पढ़ाई,बड़ी सैलरी को मारी लात,ट्यूशन पढ़ाकर किया गुजारा,अब ओटीटी का है बेताज बादशाह, हर सीरीज है सुपरहिट

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बॉलीवुड में समय-समय पर ऐसे कलाकार सामने आए हैं जिन्होंने बिना फिल्मी बैकग्राउंड के अपनी प्रतिभा के दम पर अलग जगह बनाई है। आयुष्मान खुराना,सुशांत सिंह राजपूत और शाहरुख खान जैसे सितारों की तरह ही एक और नाम इन दिनों खासा चर्चित है, जो अपनी एक्टिंग के दम पर घर-घर में पहचान बना रहा है। ओटीटी की दुनिया का जाना-माना नाम बन चुका ये एक्टर अपनी हर सीरीज से लोगों का दिल जीतता आ रहा रहा है। वैसे एक्टिंग से भी ज्यादा इनकी एजुकेशनल म्ॉलीफिकेश प्रभावित करती है। ये एक ऐसे एक्टर हैं जिन्होंने एक्टिंग से पहले पढ़ाई में भी छक्का जड़ा। शानदार म्ॉलीफिकेशन के बाद इन्होंने हाई पेइंग जॉब की और फिर एक्टिंग की ओर इनका झुकाव हो गया और अपनी सुरक्षित नौकरी को लात मारकर ये अभिनय की दुनिया में आ गए। आज ये ओटीटी
स्पेस के सबसे पसंदीदा चेहरों में से एक बन गए हैं। ये एक्टर कोई और नहीं बल्कि पंचायत और कोटा फैक्ट्री स्टार जितेंद्र कुमार हैं।
कैसा रहा बचपन और पढ़ाई?
1 सितंबर 1990 को राजस्थान के एक छोटे से गांव खैरथल में जन्मे जितेंद्र कुमार को बचपन से ही अभिनय का शौक था। वे अक्सर शाहरुख खान,नाना पाटेकर और अमिताभ बच्चन की नकल किया करते थे। उनकी अभिनय में रुचि के बावजूद उनका शैक्षणिक सफर बेहद प्रभावशाली रहा। माध्यमिक शिक्षा के बाद उनके पिता ने उन्हें आईआईटी प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए कोटा भेजा। मेहनती और बुद्धिमान होने के कारण जितेंद्र कुमार ने परीक्षा पास की और आईआईटी खड़गपुर में सिविल इंजीनियरिंग में दाखिला लिया। आईआईटी में पढ़ाई के दौरान ही उनका रुझान थिएटर की ओर हुआ। उन्होंने हिंदी टेक्नोलॉजी ड्रामेटिक सोसाइटी में भाग लेना शुरू किया और वहीं उनकी मुलाकात टीव्हीएफ के क्रिएटिव डायरेक्टर बिस्वपति सरकार से हुई। जितेंद्र ने कई नाटकों में अभिनय किया और यहीं से उनका अभिनय करियर शुरू हुआ।
कैरियर की शुरुआत और संघर्ष
आईआईटी से 2012 में ग्रैजुएट होने के बाद जितेंद्र टीव्हीएुफ से जुड़ गए। हालांकि शुरुआत में उन्हें संघर्ष का सामना करना पड़ा। कुछ समय बाद उन्होंने एक्टिंग छोड़ कर बेंगलुरु की एक मल्टी नेशनल कंपनी में इंजीनियर के तौर पर नौकरी कर ली, लेकिन जब टीव्हीएफ का स्केच मुन्ना जज्बाती वायरल हुआ, जिसमें वे एक अत्यधिक भावुक प्रशिक्षु की भूमिका में थे तो चीजें बदल गईं। जितेंद्र ने आठ महीने के भीतर अपनी नौकरी छोड़ दी और अभिनेता बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए मुंबई आ गए। यहां उनका असली संघर्ष शुरू हुआ। उन्होंने गुजारे के लिए छात्रों को ट्यूशन देना शुरू किया और कोचिंग सेंटर में आईआईटी जेईई की तैयारी करवाने लगे। जितेंद्र खुद बताते हैं, मैंने अपने पुराने नोट्स निकाले और फिर से पढ़ाई शुरू की। मैं रविवार को पढ़ाता था और सप्ताह के बाकी दिन एक्टिंग करता था।
सफलता की ओर कदम
धीरे-धीरे उन्होंने टीव्हीएफ की सीरीज टीव्हीएफ पिचर्स, बैचलर्स, बिष्ट प्लीज!, एफ .ए.टी.एच.ई.आर.एस. और इम्मैच्योर जैसे शोज
में छोटे लेकिन यादगार रोल किए। हालांकि उनकी असली पहचान बनी कोटा फैक्ट्री से जिसमें उन्होंने जीतू भैया का किरदार निभाया, एक ऐसा आईआईटी कोच जो हजारों स्टूडेंट्स के लिए प्रेरणा बन गया। साल 2020 में आई वेब सीरीज पंचायत ने उन्हें पूरे देश में लोकप्रिय बना दिया। अब वे भारत के सबसे ज्यादा फीस लेने वाले ओटीटी कलाकारों में से एक हैं। जितेंद्र ने 2014 में फिल्म शुरुआत का इंटरवल से डेब्यू किया और बाद में गॉन केश, शुभ मंगल ज़्यादा सावधान,जादूगर और ड्राई डे जैसी फिल्मों में अभिनय किया। लेकिन ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उनकी पकड़ सबसे मजबूत रही है। आकिरी बार जितेंद्र पंचायत सीजन 3 में नजर आए और इसमें भी उनके काम की खूब सराहना हुई। अब वो जल्द ही इसी सीरीज के सीजन चार में नजर आएंगे।


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