रायपुर,15 जून 2026। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकायों में एल्डरमैन (मनोनीत पार्षद) की नियुक्ति नहीं हो सकी है। राज्य के नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में बड़ी संख्या में ये पद खाली पड़े हैं, जिसको लेकर अब राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। कांग्रेस शासनकाल में नियुक्त किए गए एल्डरमैनों को हटाए जाने के बाद से प्रदेशभर के निकायों में ये पद रिक्त हैं। इसके बाद नई नियुक्तियों को लेकर भाजपा सरकार की ओर से अब तक अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। एल्डरमैन नियुक्ति को भाजपा संगठन के लिए भी अहम माना जा रहा है। लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहे कार्यकर्ता इन पदों पर जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। माना जा रहा है कि सरकार सामाजिक,राजनीतिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए नामों का चयन कर सकती है। प्रदेश में करीब 194 नगरीय निकाय हैं, जिनमें नगर निगम,नगर पालिका और नगर पंचायत शामिल हैं। नियमों के अनुसार इन निकायों में निर्धारित संख्या में मनोनीत पार्षद नियुक्त किए जा सकते हैं। इससे कुल संभावित नियुक्तियों का आंकड़ा 700 से अधिक पहुंच सकता है।
कांग्रेस और भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप : एल्डरमैन नियुक्ति में देरी को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साध रही है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार आर्थिक बोझ और अंदरूनी खींचतान के कारण फैसला नहीं ले पा रही है। वहीं भाजपा का कहना है कि नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी और पार्टी के योग्य एवं सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जाएगी।
सिर्फ राजनीतिक पद नहीं,परिषद में भी अहम भूमिका : एल्डरमैन का पद केवल राजनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि नगरीय प्रशासन में भी इसकी भूमिका मानी जाती है। विशेषज्ञता रखने वाले लोगों को निकायों से जोड़ने का उद्देश्य स्थानीय विकास योजनाओं में सहयोग लेना होता है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur