
राष्ट्रीय उद्यान सीमा से 12 किलोमीटर दूर बिहारपुर वन परिक्षेत्र में स्थित है जल प्रपात
इस स्थान का अपने आप में विशेष धार्मिक महत्व भी है।
-राजन पाण्डेय-
कोरिया, 05 मई 2025 (घटती-घटना)। गुरूघासीदास राष्ट्रीय उद्यान के रेहण्ड, मोहली परिक्षेत्र से लगभग 15 किलोमीटर दूर बिहारपुर वन परिक्षेत्र में स्थित रकसगंडा जल प्रपात जो की रेंहड नदी पर्वत श्रृंखला से गिरती है। एक बार देखने के बाद ये दृश्य मन में बस जाने वाला है। ऊंचाई से पानी गिरने के कारण नीचे जलप्रपात के पास एक संकरा कुंड बन गया है। जानकार बताते हैं कि कुंड बेहद गहरा है। यहां भविष्य में एडवेंचर टूरिज्म की काफी संभावनाएं हैं।
राजस्व क्षेत्र के दृष्टि से देखा जाए तो रकसगंडा सूरजपुर जिला क्षेत्र में है सघन वनों के बीच प्राकृतिक सौदर्य से भरा पड़ा है। यहां पर दूर दूर से पर्यटक आकर प्रकृतिक नजारे का आंनद लेते है। रकसगंडा पर्यटन एवं धार्मिक स्थल के रूप में विख्यात है।पुराने लोगों का कहना है है की घने वनों एवं उबड़ खाबड़ पत्थरों को तराश कर इसे घूमने लायक बनाया गया है। इस स्थान को करीब से देखने के लिए नदी पार कर जाना पड़ता है। जहां छोटी छोटी पहाडि़यों के बीच से रेहड़ नदी बह कर निकली है। कहा जाता है की इस स्थान पर प्रभु श्री राम के पदम चिन्ह विराजमान है इस कारण यहां का अपना विशेष धार्मिक महत्व है।

पहाड़ों पर बना है शिवलिंग
रकसगंडा की खासियत है की यहां के उचे पहाड़ों में शिवलिंग स्थापित है साथ ही यह भी किवंदति है की श्री राम लक्ष्मण एवं माता सीता यहां पर आकर विश्राम किये थे कहा जाता है की वह स्थान वैसे बैठे अवस्था में सुरक्षित है। यहां पर रेड़ नदी का पानी लगभग 80 फिट उपर की उंचाई से गिरता है जिसे करीब से देख कर मन रोमाचिंत हो जाता है। वहीं बारिश के समय में पानी का प्रवाह और तेज होने के कारण नजारा देखने लायक होता है।

दूर दराज से आते है पर्यटक
यहां के रहवासीयों का कहना है की यहां पर दूर दराज से पर्यटक आते रहते है। मकर संक्राती शिवरात्री एवं रामनवमी जैसे पर्व पर यहां पे अच्छी खासी भीड़ रहती है। वहीं मिली जानकारी अनुसार इस स्थान को संरक्षित करने के लिए और सुविधाओं के संबंध में वी के पाठक एक सामुदायकि भवन निर्माण कराने का प्रयास कर रहे है। वहीं इस क्षेत्र का काफी जन समुदाय यहां पर पर्यटन को बढावा दिलाए जाने के संबंध में प्रयास कर रहा है।

कोरिया से पहुच मार्ग
कोरिया जिले वासीयों के लिए यहां पर पहुचना बेहद आसान है इसके लिए सबसे सुलभ रास्ता विकासखंड सोनहत से छतरंग मार्ग होते हुए कैलासनगर और फिर मोहरसोप गुरूघासीदास राष्ट्रीय उद्यान का रेहण्ड क्षेत्र पहुचते है जिसके बाद उसी मार्ग पर आगे ग्राम चंदनी बिहारपुर वाले रस्ते से हो कर पहुचा जा सकता है। वही जिला मुख्यालय बैकुन्ठपुर से पटना भैयाथान और फिर ओड़गी ब्लॉक पार करने के बाद मोहरसोप चांदनी बिहारपुर रस्ते से पहुचा जा सकता है।
प्रकृति का अद्भुत नजारा
जल प्रपात के अलावा जल प्रपात के पूर्व जब नदी जंगलों से कल कल करते हुए बहती है तो शाम के समय इस नदी की वादियों का मन भावन नजारा देखने लायक रहता है, एक तरफ पहाड़ दूसरे तरफ कल कल करती नदी, जंगलों की भीनी खुश्बू के बीच रेत के टापू के बगल से नदी का बहता नीला पानी लोगो को अपनी ओर अकर्षित कर लेता है।
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