नई दिल्ली,04अप्रैल 2025 (ए)। यह बात सही है कि भागदौड़ भरी जिंदगी बदलती लाइफस्टाइल की वजह से भी सिंगल परिवारों की संख्या बढ़ गई हैै। शायद इसीलिए माता-पिता और बच्चों के रिश्तों के सामने एक नई चुनौती हैै। जहां कभी बुजुर्ग माता-पिता को घर की नींव माना जाता था वहीं अब कई बार उन्हें अपने ही बच्चों से सम्मान और देखभाल की लड़ाई लड़नी पड़ रही हैै। ऐसे में जब बुजुर्ग अपने ही घर में अपमान उपेक्षा या मानसिक पीड़ा झेलते हैं तो सवाल उठता है क्या वो अपने बच्चों को घर से निकाल सकते हैं. इसी सवाल पर सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया हैै।
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