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नई दिल्ली@भारत ने पहली बार एक लॉन्चर से 2 मिसाइलें दागीं

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500 किलोमीटर दूर 2 टारगेट तबाह,टेस्ट सफल,पाकिस्तान बॉर्डर पर तैनात होगी

नई दिल्ली,03 नवंबर 2026। डीआरडीओ ने ओडिशा के चांदीपुर से प्रलय मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। इसकी खासियत यह है कि एक ही लॉन्चर से 2 मिसाइलें लगातार दागी जा सकती हैं। 500 किलोमीटर तक मार करने वाली यह मिसाइल दुश्मन के अलग-अलग ठिकानों को निशाना बना सकती है। इसे क्वासी-बैलेस्टिक मिसाइल कहा जाता है,क्योंकि यह उड़ान के दौरान अपना रास्ता भी बदल सकती है। इस परीक्षण के पहले 2किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को वहां से हटा दिया गया था। रूस और अमेरिका पहले से ही इस तरह की मल्टी-मिसाइल लॉन्च क्षमता वाले सिस्टम विकसित कर चुके हैं। हालांकि,भारत ने यह क्षमता अपनी स्वदेशी तकनीक से विकसित की है।
क्वासी बैलिस्टिक मिसाइल क्या है : आम बैलिस्टिक मिसाइल सीधे ऊपर जाकर फिर नीचे आती है,रास्ता पहले से पता चल जाता है। प्रलय लो-ट्रेजेक्टरी पर जाती है, बीच में ही दिशा बदल सकती है,टर्मिनल फेज में मैन्युवर करती है। इसलिए दुश्मन का एयर डिफेंस इसे इंटरसेप्ट नहीं कर पाता। इसे आर्मी और एयरफोर्स दोनों में शामिल किया जाना है। पाकिस्तान के साथ एलओसी पर ऐसे शॉर्ट रेंज,हाई प्रिसीजन हथियार गेम-चेंजर माने जा रहे हैं।
सॉल्वो टेस्टिंग को समझें
द्द साल्वो का मतलब : एक साथ कई फायर। नॉर्मल टेस्ट में एक लॉन्चर से एक मिसाइल जाती है,टारगेट हिट करती है। साल्वो टेस्टिंग में एक ही लॉन्चर से 30-60 सेकंड के अंतर में दो मिसाइलें दागी जाती हैं, दोनों का टारगेट अलग होता है।
द्द मुश्किल क्यों है : पहली मिसाइल के निकलते ही लॉन्चर हिलता है, धुआं, हीट और वाइब्रेशन पैदा होता है। उसी हिले हुए लॉन्चर से दूसरी मिसाइल को सटीक जाना होता है। अगर नेविगेशन सिस्टम में जरा भी एरर आया तो दूसरी मिसाइल फेल।
द्द भारत के लिए फायदा : युद्ध में दुश्मन के पास रिएक्ट करने का टाइम नहीं मिलेगा। पाकिस्तान का एक एयरबेस और उसका रडार-दोनों 500 ्यरू दूर से एक ही ट्रक से तबाह।


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