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बनासकांठा@प्रधानमंत्री ने बनासकांठा को 14 हजार करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं की दी सौगात

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  • बनासकांठा का आलू विश्व प्रसिद्ध,यहां आकर कोई नहीं कहता कि इससे सोना बनाएंगेःपीएम मोदी
  • पीएम किसान सम्मान निधि की 24 चीं किस्त जारी, देशभर के किसानों को मिली आर्थिक सहायता


बनासकांठा,30 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा में कहा कि यहां का आलू दुनियाभर में मशहूर है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा…बनासकांठा में आकर कोई नहीं कहता कि आलू से सोना बनाएंगे,क्योंकि यहां के लोग पहले ही आलू से सोना बना रहे हैं। मोदी की सभा में किसानों के बैठने के लिए कुर्सियों की जगह चारपाइयां बिछाई गई थीं। इस पर उन्होंने कहा कि देश के लोगों के लिए यह अजूबा होगा कि एक सभा में सभी लोग चारपाई पर बैठे हैं। बनासकांठा के लोगों ने गांवों की इस पुरानी परंपरा को जिंदा रखा है। अगर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड वालों को बुलाया होता तो यह रिकॉर्ड में दर्ज हो जाता। इस दौरान पीएम ने किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी की। इसके तहत 9.34 करोड़ से ज्यादा किसान परिवारों को 18,690 करोड़ से अधिक की रकम मिलेगी। उन्होंने 14 हजार करोड़ से ज्यादा की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। साथ ही दो नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई।
पीएम बोले…आईवीएफ की मदद से पशुओं की नस्ल सुधरेगी
पीएम ने कहा…राष्ट्रीय गोकुल मिशन से देसी नस्लों को संरक्षण और बढ़ावा दिया जा है। बनासकांठा में बना नया रिसर्च सेंटर इस मिशन को मजबूती देगा। यहां मुर्रा जाफराबादी जैसी नस्लों का संरक्षण होगा। ये देश में ऐसी पहली सुविधा है। यदि किसी किसान के पास अच्छी नस्ल की गाय है जो ज्यादा दूध देती है और कम खर्च में स्वस्थ रहती है तो वो चाहेगा कि गाय की आने वाली पीढ़ी में भी ये गुण बने रहे। आईवीएफ इसमें मदद करते हैं। इसका सीधा लाभ पशुपालकों को मिलेगा। मोदी ने कहा…किसानों के लिए मौसम में हो रहा बदलाव बहुत बड़ी चुनौती है। बीते सालों में बीजों की करीब 3 हजार नई किस्में किसानों को दी गईं। बीते दशक में भी पशुपालन और डेयरी सेक्टर में भी विज्ञान और टेक्नोलॉजी पर जोर दिया है। पशुओं की नस्ल बेहतर होगी तो दूध उत्पादन बढ़ेगा। 4 गाय से मिलने वाला दूध एक ही गाय से मिले। समय पर टीकाकरण इलाज समय पर मिलेगा तो बीमारी से होने वाला नुकसान कम होगा। यानी पशु स्वस्थ होगा तो मेरे पशुपालक भाई बहनों की कमाई भी बढ़ेगी।
खेती के तरीकों में आधुनिकता आई
मोदी ने कहा…पहले किसान को पता लगाने में मुश्किल होती थी कि उसके खेत को कौन सी खाद चाहिए। आज 26 करोड़ से ज्यादा सॉइल हेल्प कार्ड देश के किसानों के पास हैं। इनसे खेती के तरीकों में आधुनिकता आई है। मोदी ने कहा…5 योजनाओं से देश के किसानों को 50 लाख करोड़ रुपए की बचत हुई है। इससे देश के किसानों की आय बढ़ाई और खेती का सामर्थ्य बढ़ाया है। एग्रीकल्चर इज अवर कल्चर। पीएम किसान सम्मान निधि के 4.50 लाख करोड़ छोटे किसानों के खातों में पहुंचे। आजादी के बाद कभी इन छोटे किसानों की जरूरतों को नहीं समझा गया। कभी उन्हें पूछा नहीं गया। जबकि देश में छोटे किसानों की संख्या 85′ से ज्यादा है। ऐसे छोटे किसानों की हमारी सरकार ने चिंता की उन्हें पीएम किसान सम्मान से मदद की।
मोदी बोले- गुजरात के 50 लाख से ज्यादा किसानों सम्मान निधि मिली
मोदी ने कहा- हमारे किसान विकसित भारत के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक हैं। हमारी सरकार ने किसानों को सशक्त करने में प्राथमिकता दी है। देश का कृषि बजट 2013-14 की तुलना में 5 गुना हो गया है। आज 10 करोड़ किसानों के खातों में 18 हजार करोड़ की राशि भेजी गई है। गुजरात के 50 लाख से ज्यादा किसानों को भी इसका लाभ मिला है। इनके खातों में 1 हजार करोड़ रुपए जमा हुए हैं। बनासकांठा के किसानों के खातों में 50 करोड़ पहुंचे हैं। बीते सालों में 50 लाख करोड़ रुपए किसानों को मिले हैं या उनकी बचत हुई है।
पीएम ने हिंदी में भाषण देने की परमीशन मांगी
मोदी ने कहा- नवरात्र के कुछ ही दिन बात मां अम्बा की पावन भूमि पर आने का अवसर मिला है। मैं मां अम्बा को प्रणाम करता हूं। कुछ देर पहले किसान, महिलाओं , बच्चियों, पशुओं को लिए प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया है। किसानों के खातों में पीएम सम्मान योजना की राशि भी पहुंची है। मैं उन्हें बधाई देता हूं मुझे बनासकांठा के लोगों से माफी मांगता हूं क्योंकि मैं हिंदी में बोल रहा हूं। आपकी परमीशन चाहता हूं। हिंदी में बोलने की।
मोदी बोले…हमें पानी-बिजली बचाना
पीएम ने कहा…जीवन के अंतिम क्षण तक आपकी सेवा में जुटा रहूंगा। आपको पुरानी बातें याद होंगी। 25 साल पहले यहां बिजली पानी की समस्या थी। मैं कहता था हमें बिजली पानी बचाना होगा। लोग विरोध करते थे मोदी कौन होता है जो ये बोलता है। मैं आपसे लड़ता रहा और देखिए हम कहां पहुंच गए। मैं आज फिर से कहूंगा पानी बिजली बचाना है। बनासकांठा का आलू आज विश्व प्रसिद्ध है। कोई बनास कांठा वाले को आकर नहीं कहेगा कि आलू का सोना बनाऊंगा वो पहले से सोना बना रहे हैं।
हमारा सीफूड निर्यात 2 गुना हुआ
मोदी बोले- मछली पालन के क्षेत्र में विस्तार हुआ है। भारत का सीफूड निर्यात 2 गुना हो गया है। मधुमक्खी पालन से शहद का उत्पादन 12 सालों में 2 गुना हो गया है। हमारा देश प्राकृतिक शहद का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक बन गया है।
गोबर से किसानों की कमाई बढ़ाएंगे
पीएम ने कहा…हम चाहते हैं कि किसानों की गोबर से भी कमाई बढ़े। गोबर और खेती के अवशेषों से बायोगैस बायो सीएनजी और जैविक खाद बनाने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर भी बढ़े। इसलिए यहां 2 बायो सीएनजी प्लांट का शिलान्यास हुआ है।
150 करोड़ टीके पशुओं को लगाए जा चुके
मोदी ने कहा…पशुओं को बीमारियों से बचाना भी हमारी प्राथमिकता है। इसलिए हमने मुफ्त टीकाकरण शुरू किया। इसलिए करीब 150 करोड़ टीके पशुओं को लगाए जा चुके है। 8 करोड़ से ज्यादा किसानों के पशुओं को मुफ्त टीके लगे हैं। इससे उनका पैसा बचा है। इससे दूध उत्पादन बढ़ा है। 2013-14 में एक गाय-भैंस से 5 लीटर से भी कम दूध मिलता था। आज वह बढ़कर 8 लीटर हो गया है। भारत में दूध उत्पादन बढ़ने की गति सबसे तेज है। भारत दूध उत्पादन में नंबर वन है।
पीएम बोले…आईवीएफ की मदद से पशुओं की नस्ल सुधरेगी
पीएम ने कहा…राष्ट्रीय गोकुल मिशन से देसी नस्लों को संरक्षण और बढ़ावा दिया जा है। बनासकांठा में बना नया रिसर्च सेंटर इस मिशन को मजबूती देगा। यहां मुर्रा जाफराबादी जैसी नस्लों का संरक्षण होगा। ये देश में ऐसी पहली सुविधा है। यदि किसी किसान के पास अच्छी नस्ल की गाय है जो ज्यादा दूध देती है और कम खर्च में स्वस्थ रहती है तो वो चाहेगा कि गाय की आने वाली पीढ़ी में भी ये गुण बने रहे। आईवीएफ इसमें मदद करते हैं। इसका सीधा लाभ पशुपालकों को मिलेगा। मोदी ने कहा- किसानों के लिए मौसम में हो रहा बदलाव बहुत बड़ी चुनौती है। बीते सालों में बीजों की करीब 3 हजार नई किस्में किसानों को दी गईं। बीते दशक में भी पशुपालन और डेयरी सेक्टर में भी विज्ञान और टेक्नोलॉजी पर जोर दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा…सेवा
करते हुए 25 साल पूरे किए…

पीएम ने कहा…कुछ दिन पहले 7 अक्टूबर को मुझे सेवक के रूप में काम करते हुए 25 साल पूरे हुए। 7 अक्टूबर 2001 को जब मैंने शपथ ली तो आपने प्रेम दिया। एक एक गुजराती ने मुझे बहुत कुछ सिखाया। मैं सामान्य परिवार से निकला जिसके परिवार ने कभी गांव का मुखिया बनने का सपना भी नहीं देखा था उसको आपने लायक समझा। पहले गुजरात फिर देश की सेवा की जिम्मेदारी दी। जनसेवा से राष्ट्रसेवा और गुजरात के विकास से देश का विकास। कैसे करना है कैसे आगे बढ़ना है ये आपने मुझे सिखाया।


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