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अम्बिकापुर@ कर्मचारियों का सुनियोजित आर्थिक शोषण बंद करे सरकार,फिर छले गए कर्मचारी

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99 माह के महंगाई भत्ते के एरियर्स का भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों में आक्रोश,स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने उठाई आवाज
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,30 अक्टूबर 2026 (घटती-घटना)।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश के कर्मचारियों एवं अधिकारियों को जनवरी 2026 के लंबित महंगाई भत्ते (डीए) में महज 2 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा किए जाने से कर्मचारी जगत में नाराजगी बढ़ गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने सरकार के इस निर्णय पर सवाल उठाते हुए इसे कर्मचारियों के साथ आर्थिक अन्याय बताया है। संघ का कहना है कि 10 महीने की देरी के बाद की गई घोषणा में पिछले महीनों के एरियर्स के भुगतान का कोई उल्लेख नहीं है। वहीं, बढ़े हुए महंगाई भत्ते को भी 1 नवंबर से लागू करने की बात कही गई है। संघ के अनुसार, वर्ष 2017 से 2026 तक अलग-अलग अवधि का करीब 99 माह का महंगाई भत्ता एरियर्स लंबित है। इसका भुगतान नहीं होने से प्रत्येक कर्मचारी एवं अधिकारी को हजारों से लेकर लाखों रुपये तक का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। संघ ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के समान निर्धारित तिथि से महंगाई भत्ता नहीं मिलने के कारण प्रदेश के कर्मचारी लगातार आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं। संघ ने लंबित एरियर्स का ब्यौरा देते हुए बताया कि जनवरी 2017 से 10 माह, जनवरी 2018 से 12 माह, जुलाई 2018 से 8 माह,जनवरी 2019 से 7 माह, जुलाई 2021 से 10 माह, जुलाई 2023 से 8 माह, जनवरी 2024 से 9 माह, जुलाई 2024 से 8 माह, जनवरी 2025 से 8 माह, जुलाई 2025 से 7 माह तथा जनवरी 2026 से 10 माह का एरियर्स लंबित बताया गया है। इसके अलावा जुलाई 2026 से अब तक की अवधि भी इसमें शामिल है। कोरोना काल में 1 जुलाई 2020 और 1 जुलाई 2021 को मिलने वाला महंगाई भत्ता भी फ्रीज किए जाने का मुद्दा संघ ने उठाया है। स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का कहना है कि चुनाव के पूर्व वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा वीडियो के माध्यम से केंद्र के समान प्रदेश के कर्मचारियों एवं अधिकारियों को महंगाई भत्ता देने की घोषणा की गई थी।
लेकिन व्यवहार में महंगाई भत्ते के भुगतान की निर्धारित तिथियों का पालन नहीं हो रहा है। संघ के मुताबिक,वर्ष में दो बार जनवरी और जुलाई में महंगाई भत्ता दिए जाने के बजाय भुगतान में देरी और किस्तों में बढ़ोतरी की परंपरा बन गई है। इससे कर्मचारियों को उनके वास्तविक हक से वंचित होना पड़ रहा है। संघ ने कहा कि दीपावली जैसे पर्व के समय कर्मचारी महंगाई भत्ते में राहत की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन एरियर्स को लेकर सरकार की चुप्पी से उनकी खुशियां मायूसी में बदल गईं। बढ़ती महंगाई के बीच वेतन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाने वाले महंगाई भत्ते का समय पर भुगतान कर्मचारियों की आर्थिक जरूरत है,न कि सरकार की कोई अतिरिक्त मेहरबानी।
छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने सरकार की इस नीति का विरोध करते हुए मांग की है कि कर्मचारियों को केंद्र सरकार के समान प्रत्येक वर्ष जनवरी एवं जुलाई में निर्धारित तिथि से महंगाई भत्ते का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही वर्ष 2017 से लंबित बताए जा रहे 99 माह के एरियर्स के भुगतान की तत्काल घोषणा कर वादे को पूरा किया जाए। संघ ने प्रदेश के कर्मचारियों एवं अधिकारियों से भी अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की है।


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