रायपुर,30 अक्टूबर 2026। रायपुर के आसमान में शुक्रवार को भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध हेलीकॉप्टर एरोबेटिक टीम ‘सारंग’ ने उड़ान भरी। पांच हेलीकॉप्टर शहर के अलग-अलग इलाकों के ऊपर से गुजरे। उनकी गड़गड़ाहट सुनकर लोग घरों की छतों और ऊंची इमारतों से प्रदर्शन देखते रहे।
कलेक्ट्रेट की मल्टीलेवल पार्किंग की छत पर कलेक्टर, जिला प्रशासन के अधिकारी और बड़ी संख्या में युवा भी मौजूद रहे। जानकारी के मुताबिक, सारंग टीम का रूट और उड़ान की ऊंचाई पहले से तय थी। इस वजह से हेलीकॉप्टरों ने शहर के ऊपर सीमित चक्कर लगाए। कुछ युवाओं का कहना था कि अगर रूट शहर के और करीब से गुजरता तो लोग इस प्रदर्शन को और नजदीक से देख पाते। सारंग टीम स्वदेशी ध्रुव हेलीकॉप्टरों के जरिए हवाई करतब और आपसी तालमेल का प्रदर्शन करती है।
2003 में हुआ था टीम का गठन : भारतीय वायुसेना की सारंग टीम का गठन साल 2003 में किया गया था। फरवरी 2004 में सिंगापुर के एशियन एयरोस्पेस एयर शो में टीम ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन किया था। इसके बाद सारंग टीम देश-विदेश के कई एयर शो में अपने हवाई करतब दिखा चुकी है। इससे पहले गुरुवार को राज्यपाल रमेन डेका से लोक भवन में एयर कमोडोर-एयर ऑफिसर कमांडिंग, हेडक्वार्टर एंटी नक्सल टास्क फोर्स नंदा कुमार बाला ने मुलाकात की। इस दौरान कैप्टन वैभव विशाल, जीपी कैप्टन अभिजीत कुमार, सीडीआर प्रियांशु, स्क्वाड्रन लीडर अंकिता सिंह, स्क्वाड्रन लीडर विनय पाठक, लेफ्टिनेंट शशांक और लेफ्टिनेंट साई अक्षय भी मौजूद रहे।
स्वदेशी ध्रुव हेलीकॉप्टरों से करती है प्रदर्शन
सारंग टीम में भारत में विकसित एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर ध्रुव का इस्तेमाल किया जाता है। इन हेलीकॉप्टरों के जरिए टीम समूह में उड़ान, तेज मोड़ और आपसी तालमेल के साथ कई हवाई करतब दिखाती है। हेलीकॉप्टरों पर मोर से प्रेरित रंग और डिजाइन भी सारंग टीम की खास पहचान हैं।
टीम में 5 हेलीकॉप्टर होते हैं…
सारंग टीम में 5 हेलीकॉप्टर शामिल होते हैं। आमतौर पर 4 हेलीकॉप्टर हवाई करतब दिखाते हैं, जबकि पांचवें को बैकअप के रूप में रखा जाता है। प्रदर्शन के दौरान हेलीकॉप्टर एक साथ उड़ान भरते हुए आसमान में अलग-अलग आकृतियां बनाते हैं। इस दौरान पायलटों को गति, दिशा और एक-दूसरे से दूरी का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। सारंग टीम के प्रदर्शन का प्रमुख आकर्षण फॉर्मेशन फ्लाइंग होता है। इसमें कई हेलीकॉप्टर एक निश्चित दूरी बनाए रखते हुए आपसी तालमेल के साथ उड़ान भरते हैं। इसके अलावा एक साथ दिशा बदलना, तेजी से ऊपर की ओर उड़ान भरना और आसमान में अलग-अलग आकृतियां बनाना जैसे करतब भी दिखाए जाते हैं।
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