रायपुर,10 सितंबर 2026। खनिज, इस्पात, ऊर्जा और कृषि आधारित उद्योगों के लिए पहचाना जाने वाला छत्तीसगढ़ अब टेक्सटाइल सेक्टर में भी नई संभावनाओं की ओर कदम बढ़ा रहा है। राज्य में परंपरागत वस्त्र उद्योग के साथ अब तकनीकी वस्त्र यानी टेक्निकल टेक्सटाइल को बढ़ावा देने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है,जिसमें एग्रो टेक्सटाइल,मेडिकल टेक्सटाइल, कंस्ट्रक्शन टेक्सटाइल और स्मार्ट टेक्सटाइल जैसे उभरते क्षेत्रों पर विशेष फोकस रखा गया है। तकनीकी वस्त्र सामान्य कपड़ों से अलग होते हैं। इनका निर्माण मुख्य रूप से किसी खास औद्योगिक, चिकित्सकीय, कृषि, निर्माण या तकनीकी जरूरत को पूरा करने के लिए किया जाता है। बदलती तकनीक के साथ इनका इस्तेमाल स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर खेती, सड़क निर्माण,भवन निर्माण,सुरक्षा और आधुनिक उद्योगों तक तेजी से बढ़ रहा है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ इस क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों को निवेश और रोजगार से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में एग्रो टेक्सटाइल राज्य के लिए बड़ी संभावना बन सकता है। खेती में उपयोग होने वाली विशेष जालियां, फसल सुरक्षा सामग्री, शेड नेट, मिट्टी और नमी संरक्षण से जुड़ी टेक्सटाइल सामग्री सहित कई उत्पाद इस श्रेणी में आते हैं। अगर राज्य में इन उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा मिलता है तो इसका फायदा केवल टेक्सटाइल उद्योग को ही नहीं बल्कि किसानों और कृषि आधारित उद्यमों को भी मिल सकता है। स्थानीय स्तर पर उत्पादन होने से नई औद्योगिक इकाइयों और सप्लाई चेन के विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीकी वस्त्रों की मांग लगातार बढ़ रही है। अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाले मास्क, विशेष गाउन, कैप, मेडिकल शीट, ड्रेसिंग सामग्री और अन्य सुरक्षा उत्पाद मेडिकल टेक्सटाइल का हिस्सा हैं। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ मेडिकल टेक्सटाइल से जुड़ी विनिर्माण इकाइयों के लिए भी अवसर पैदा हो सकते हैं। यदि उत्पादन की पूरी श्रृंखला राज्य के भीतर विकसित होती है तो स्थानीय उद्योगों और एमएसएमई को नया बाजार मिल सकता है।
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