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मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर@ वेस्ट चिरमिरी खुली खदान को बंद करने की साजिश बर्दाश्त नहीं,15 दिनों में की जा रही कार्रवाई की जानकारी दे SECL प्रबंधन : अशोक श्रीवास्तव

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चिरमिरी क्षेत्र में एशिया के सबसे उच्च ग्रेड (ए-ग्रेड सुपर क्लेम) कोयला भंडार को नष्ट करने का प्रयास
निजी ठेकेदार की लापरवाही से खदान में पानी भरा गया, जिला कांग्रेस कमेटी ने SECL प्रबंधन को घेरा
-संवाददाता-
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 14 अगस्त 2026 (घटती-घटना)
। जिला कांग्रेस कमेटी (एम.सी.बी.) के अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने एस.ई.सी.एल. चिरमिरी क्षेत्र की महत्वपूर्ण ‘वेस्ट चिरमिरी इकाई’ में संचालित खुली खदान को बंद करने के प्रयासों पर कड़ा रोष जताया है। उन्होंने मुख्य महाप्रबंधक समेत देश के शीर्ष कोयला अधिकारियों और जिला प्रशासन को पत्र सौंपकर स्पष्ट किया है कि खदान को पुनः प्रारंभ करने के संबंध में प्रशासन द्वारा जो भी कार्रवाई की जा रही है, उसकी जानकारी 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से संगठन को प्रदान की जाए।
एशिया के सबसे उच्च गुणवत्ता वाले कोयले को नष्ट करने की साजिश : जिलाध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने बताया कि वेस्ट चिरमिरी इकाई में वर्ष 1950 से ही निजी स्वामित्व के तहत खनन कार्य सुचारू रूप से चल रहा था। इस भूमिगत खदान से एशिया का सबसे उच्च ग्रेड का कोयला (ए-ग्रेड सुपर क्लेम) उत्पादित किया जाता था, जो पूरे छत्तीसगढ़ या मध्य प्रदेश के अन्य राज्यों में दुर्लभ है। वर्ष 1973-74 में राष्ट्रीयकरण के बाद भी यहाँ तीन मुख्य सीमों (सीम नंबर 3, 4 और 5) पर काम होता रहा।
लापरवाह ठेकेदार को काम देकर खदान को किया गया बर्बाद : कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि वर्ष 2015 में एस.ई.सी.एल. द्वारा इस बहुमूल्य खदान का ठेका ‘सर्वना ट्रांसपोर्ट तमिलनाडु’ नामक एक अनुभवहीन निजी ठेकेदार को दे दिया गया। ठेकेदार की घोर लापरवाही के कारण मार्च 2018 में मात्र 1.50 लाख मिट्रिक टन कोयला निकालने के बाद काम को बीच में ही छोड़ दिया गया। इसके बाद एस.ई.सी.एल. प्रबंधन ने खदान को पुनः खोलने का प्रयास करने के बजाय, एक सुनियोजित साजिश के तहत इसमें पानी भर दिया। यह देश के ऐतिहासिक माइंस के अस्तित्व को पूरी तरह समाप्त करने की कोशिश है।
ज्ञापन सौंपते समय वरिष्ठ पदाधिकारी व कार्यकर्ता रहे मौजूद : इस महत्वपूर्ण मांग को लेकर प्रबंधन एवं प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव के साथ मुख्य रूप से जिला कांग्रेस सचिव शाहिद महमूद ,मुमताज कुरैशी, सांसद प्रतिनिधि एवं जिला उपाध्यक्ष निखिल यादव एवं रामवतार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस के अन्य सक्रिय कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित थे। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी प्रतिलिपि माननीय केंद्रीय कोयला मंत्री (भारत सरकार), सीएमडी (कोल इंडिया लिमिटेड, कोलकाता), सीएमडी व निदेशक (एस.ई.सी.एल. बिलासपुर) और जिला कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक (एम.सी.बी.) को भी उचित कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई है।
20 लाख मिट्रिक टन कोयला अब भी मौजूद,15 दिनों में मांगी जानकारी
अनुभवी विशेषज्ञों के अनुसार, इस खदान के सीम नंबर 03, 04 और 05 में अभी भी लगभग 20 लाख मिट्रिक टन उच्च कोटि का कोयला मौजूद है। इस खदान को आगामी 20 से 25 वर्षों तक आसानी से संचालित किया जा सकता है। अशोक श्रीवास्तव ने एस.ई.सी.एल. प्रबंधन से पुरजोर मांग की है कि इस महत्वपूर्ण इकाई को बंद करने की साजिश को तुरंत रोका जाए। खदान को या तो एस.ई.सी.एल. स्वयं के संसाधनों से शुरू करे या नए सिरे से निविदा आमंत्रित कर कार्य प्रारंभ कराए। उन्होंने कड़े शब्दों में प्रबंधन के सामने यह बात भी रखी है कि इस संबंध में आपके द्वारा उठाए जाने वाले कदमों और की जा रही पूरी कार्रवाई से मुझे व संगठन को 15 दिनों के अन्दर अनिवार्य रूप से सूचित किया जावे।


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