स्वामी आत्मानंद स्कूल ने चौथे वर्ष भी दोहराया 100 प्रतिशत परिणाम
सोनहतः शिक्षा में निरंतर उत्कृष्टता की नई पहचान
-राजन पाण्डेय-
कोरिया/सोनहत,01 मई 2026 (घटती-घटना)। शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करते हुए स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, सोनहत ने एक बार फिर अपने शानदार प्रदर्शन से सबका ध्यान आकर्षित किया है, शैक्षणिक सत्र 2025-26 की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में विद्यालय ने शत-प्रतिशत (100′) परिणाम हासिल कर लगातार चौथे वर्ष अपनी उत्कृष्टता सिद्ध की है,वर्ष 2021 में स्थापना के बाद से विद्यालय का यह निरंतर प्रदर्शन न केवल उसकी शैक्षणिक गुणवत्ता को दर्शाता है,बल्कि यह भी साबित करता है कि सही दिशा,नेतृत्व और समर्पण से शासकीय संस्थान भी उत्कृष्टता के शिखर तक पहुंच सकते हैं।
मेरिट सूची में सोनहत का दबदबा
इस वर्ष विद्यालय के चार प्रतिभाशाली विद्यार्थियों स्वाति सिंह, मुस्कान पटेल, त्रिवेंद्र कुशवाहा और सौम्या यादव ने जिला मेरिट सूची में स्थान प्राप्त कर विद्यालय और सोनहत क्षेत्र का नाम रोशन किया है, इन विद्यार्थियों की उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि ग्रामीण क्षेत्र के छात्र भी सही मार्गदर्शन मिलने पर बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं।
परिणामों पर एक नजरः हर स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन
कक्षा 12वीं के परिणामों में विद्यालय के 8 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए, जबकि 11 विद्यार्थियों ने 80 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए, शेष सभी छात्र-छात्राएं प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए, वहीं कक्षा 10वीं में 20 विद्यार्थियों ने 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए और बाकी सभी विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में सफल रहे, यह आंकड़े न केवल उच्च सफलता दर को दर्शाते हैं, बल्कि यह भी बताते हैं कि विद्यालय में गुणवत्ता आधारित शिक्षा दी जा रही है।
‘नो फेलियर,नो थर्ड डिवीजन’ अनोखी उपलब्धि
विद्यालय की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि स्थापना से लेकर अब तक एक भी विद्यार्थी अनुत्तीर्ण नहीं हुआ है और न ही किसी ने तृतीय श्रेणी प्राप्त की है, किसी भी शासकीय विद्यालय के लिए यह उपलब्धि अत्यंत दुर्लभ मानी जाती है, यही कारण है कि स्वामी आत्मानंद विद्यालय, सोनहत अब पूरे क्षेत्र के लिए एक आदर्श शिक्षा संस्थान बन चुका है।
प्राचार्य का संदेश : टीम वर्क से मिली सफलता
प्राचार्य आर.के. मिश्रा ने इस शानदार परिणाम पर सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्टाफ को बधाई दी, उन्होंने कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रयास का परिणाम है और इसमें जिला प्रशासन का विशेष योगदान रहा है, उन्होंने विशेष रूप से कलेक्टर चंदन त्रिपाठी के दूरदर्शी नेतृत्व और सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में विद्यालय में संसाधनों की उपलब्धता और नवाचार को बढ़ावा मिला, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हुआ।
सफलता के स्तंभ में नेतृत्व, समर्पण और योजना-
विद्यालय की इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे कई महत्वपूर्ण कारक हैं, स्वामी आत्मानंद जिला स्तरीय समिति की अध्यक्ष एवं कलेक्टर चंदन त्रिपाठी तथा सदस्य सचिव एवं जिला शिक्षा अधिकारी विनोद राय का कुशल मार्गदर्शन इस उपलब्धि का आधार रहा है, वहीं प्राचार्य आर.के. मिश्रा के प्रभावी नेतृत्व और शिक्षकों के समर्पण ने इस विजन को साकार किया है, नियमित समीक्षा, सख्त शैक्षणिक अनुशासन और व्यक्तिगत मार्गदर्शन ने विद्यार्थियों के प्रदर्शन को नई ऊंचाई तक पहुंचाया है।
शिक्षा मॉडल की खासियत-
इस विद्यालय के ‘शिक्षा मॉडल’ को सफल बनाने में कुछ विशेष तत्वों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, यहां अनुभवी और समर्पित शिक्षक नियमित मूल्यांकन के माध्यम से हर छात्र पर व्यक्तिगत ध्यान देते हैं, कॉन्सेप्ट आधारित पढ़ाई और नैतिक मूल्यों पर जोर दिया जाता है, साथ ही विद्यार्थियों को प्रेरित करने के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार किया गया है, जिससे उनमें आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धात्मक भावना विकसित होती है।
जिला प्रशासन की भूमिकाः दूरदर्शिता और सतत निगरानी-
जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर की गई समीक्षा,कड़े दिशा-निर्देश और शिक्षा के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण ने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई है,कलेक्टर के नेतृत्व में प्रशासन ने न केवल संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की, बल्कि नवाचारी शिक्षण पद्धतियों को भी बढ़ावा दिया, इससे विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ा और शिक्षकों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिली।
ग्रामीण शिक्षा का नया मॉडल
स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय,सोनहत की यह सफलता केवल एक स्कूल की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह पूरे जिले और प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है,लगातार चार वर्षों तक 100 प्रतिशत परिणाम हासिल करना इस बात का प्रमाण है कि यदि सही नेतृत्व, संसाधन और समर्पण मिल जाए,तो सरकारी स्कूल भी उत्कृष्टता की नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं, अब यह ‘सोनहत मॉडल’ अन्य विद्यालयों के लिए भी एक मार्गदर्शक बन सकता है,जिससे शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकते हैं।
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