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मनेन्द्रगढ़ (एमसीबी) @ गैस एजेंसी की मनमानी प्राइवेट खाते में वसूली, सब्सिडी से वंचित ग्रामीण

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  • 1300 वसूली का खेल! गैस एजेंसी पर गबन और धमकी के आरोप…
  • ग्रामीणों का फूटा गुस्सा,गैस एजेंसी संचालक पर शोषण के गंभीर आरोप
  • सब्सिडी में गड़बड़ी और अवैध वसूली, गैस एजेंसी के खिलाफ शिकायत
  • ‘‘जो उखाड़ना है उखाड़ लो…’’ गैस एजेंसी संचालक पर धमकी के आरोप
  • 60 किमी दूर गांवों में मनमानी! गैस एजेंसी पर वसूली और गबन का आरोप
  • गैस सिलेंडर के नाम पर लूट ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार..

-रवि सिंह-
मनेन्द्रगढ़ (एमसीबी),09 अप्रैल 2026 (घटती-घटना)।
जिले के नागपुर क्षेत्र में संचालित महामाया गैस एजेंसी (ग्रामीण) एक बार फिर विवादों में घिर गई है,एजेंसी संचालक उदल जायसवाल के खिलाफ ग्रामीणों ने अवैध वसूली, गैस सब्सिडी में गड़बड़ी,ऑनलाइन एंट्री में लापरवाही और अभद्र व्यवहार जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है, यह मामला अब केवल उपभोक्ता असुविधा तक सीमित नहीं रहा,बल्कि ग्रामीणों के अधिकारों और सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग से जुड़ा बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। महामाया गैस एजेंसी से जुड़ा यह मामला ग्रामीण उपभोक्ताओं के शोषण और व्यवस्था की खामियों को उजागर करता है, अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेकर दोषियों पर क्या कार्रवाई करता है,ताकि आम जनता का विश्वास बना रह सके।
ऑनलाइन एंट्री नहीं, सब्सिडी से वंचित ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि गैस लेने के बावजूद उनके उपभोक्ता कार्ड में ऑनलाइन एंट्री नहीं की जाती, इसका सीधा असर यह हो रहा है कि उन्हें मिलने वाली सरकारी गैस सब्सिडी का लाभ नहीं मिल पा रहा,शिकायत में यह भी उल्लेख है कि कई उपभोक्ताओं के कार्ड लंबे समय से अपडेट नहीं किए गए,जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है।
स्टेटमेंट मांगने पर गाली-गलौज और धमकी
ग्रामीणों के अनुसार, जब उन्होंने अपने उपभोक्ता कार्ड (72948037-रानू साहू, 83725264-कुंती बाई) का ऑनलाइन स्टेटमेंट मांगा, तो एजेंसी संचालक ने देने से इनकार कर दिया,आरोप है कि इस दौरान गाली-गलौज की गई और धमकी दी गई कि जो उखाड़ना है उखाड़ लो, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता,मैं मंत्री का आदमी हूं।
दूरी का फायदा उठाकर मनमानी
ग्राम देवाडांड जैसे दूरस्थ क्षेत्रों के उपभोक्ताओं का कहना है कि एजेंसी की दूरी अधिक होने के कारण वे नियमित निगरानी नहीं कर पाते, जिसका फायदा उठाकर संचालक मनमानी कर रहा है, ग्रामीणों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग तेज-लगातार हो रही परेशानियों से नाराज ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, अवैध वसूली की जांच और वापसी कराई जाए,दोषी संचालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, उपभोक्ताओं को उनकी सब्सिडी का लाभ सुनिश्चित कराया जाए।
प्रशासन की भूमिका पर नजर
इस पूरे मामले में अब प्रशासन की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं, यदि आरोप सही पाए जाते हैं,तो यह मामला न केवल एक एजेंसी की लापरवाही, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी सवाल खड़े करेगा।
क्या है पूरा मामला
ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर को सौंपे गए शिकायती पत्र में बताया गया है कि गैस एजेंसी द्वारा लंबे समय से मनमानी की जा रही है, खासतौर पर दूरस्थ ग्राम देवाडांड, जो एजेंसी से लगभग 60 किलोमीटर दूर है, वहां के उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है, दिनांक 04 अप्रैल 2026 को सौंपे गए आवेदन में इन सभी आरोपों का विस्तृत उल्लेख किया गया है।
1300 तक वसूली, नियमों की अनदेखी
शिकायतकर्ता पवन साहू सहित अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रति गैस सिलेंडर 1300 तक की वसूली की जा रही है, जिसमें गाड़ी भाड़ा भी शामिल बताया जाता है, ग्रामीणों का कहना है कि यह राशि निर्धारित दर से अधिक है और इसे अवैध रूप से लिया जा रहा है।
निजी खातों में भुगतान का दबाव
सबसे गंभीर आरोप यह है कि उपभोक्ताओं को एजेंसी के आधिकारिक खाते में भुगतान करने से रोका जाता है, यदि कोई ऑनलाइन भुगतान करना चाहता है, तो उसे निजी (प्राइवेट) बैंक खातों में पैसा जमा करने के लिए मजबूर किया जाता है, जिससे लेन-देन की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।


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