रेलवे कॉलोनी चोरी कांड अनसुलझा : महीनों बाद भी पुलिस खाली हाथ,क्या मोबाइल खोजने तक सीमित है साइबर टीम? बड़ी चोरी में नहीं मिल रहा सुराग
मनेन्द्रगढ़,05अप्रैल 2026 (घटती-घटना)। शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के बीच मनेन्द्रगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। रेलवे कॉलोनी में हुई लाखों रुपये की चोरी के मामले में महीनों बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। पीडि़त परिवार न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है,लेकिन अब तक मामले का कोई ठोस खुलासा नहीं हो सका है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थी शैलेष चटर्जी, निवासी रेलवे कॉलोनी (वार्ड क्रमांक 03), के सूने मकान में 1 अक्टूबर 2025 की रात अज्ञात चोरों ने धावा बोला था, घटना के समय परिवार दुर्गा पूजा पंडाल में गया हुआ था,जिसका फायदा उठाकर चोरों ने घर का ताला तोड़ दिया।
सोने-चांदी के जेवरात ले उड़े चोर
चोरों ने घर में रखी अलमारी और दीवान को खंगालते हुए सोने-चांदी के कीमती आभूषण पार कर दिए,इनमें सोने का लॉकेट,चेन, अंगूठी,मंगलसूत्र और चांदी के अन्य जेवर शामिल थे,चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये आंकी गई थी।
महीनों बाद भी पुलिस के हाथ खाली
घटना को कई महीने बीत चुके हैं,लेकिन अब तक न तो आरोपियों का पता चल सका है
और न ही चोरी गया सामान बरामद हो पाया है,इस देरी ने पुलिस की जांच पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
साइबर टीम की भूमिका पर उठ रहे सवाल
क्षेत्र में चर्चा है कि साइबर सेल की सक्रियता केवल गुम हुए मोबाइल फोन खोजने तक सीमित रह गई है,बड़े चोरी के मामलों में तकनीकी साक्ष्य जुटाने और अपराधियों तक पहुंचने में अपेक्षित गंभीरता नजर नहीं आ रही है।
पुलिस और साइबर सेल के बीच समन्वय की कमी
सूत्रों के मुताबिक मनेन्द्रगढ़ थाना पुलिस और साइबर सेल के बीच तालमेल की कमी भी इस मामले के लंबित रहने का बड़ा कारण है, यदि तकनीकी जांच और जमीनी स्तर की कार्रवाई में बेहतर समन्वय होता,तो अब तक आरोपियों तक पहुंचा जा सकता था।
संदिग्धों से दोबारा पूछताछ की जरूरत
सूत्रों का यह भी कहना है कि पहले जिन संदिग्धों से पूछताछ की गई थी,उनसे दोबारा कड़ाई से पूछताछ की जाए तो मामले में अहम सुराग मिल सकते हैं, अक्सर शुरुआती जांच में छूटी कडि़यां दोबारा जांच में सामने आती हैं,जिससे केस सुलझाने में मदद मिलती है।
पुलिस के सामने साख बचाने की चुनौती
अब यह मामला मनेन्द्रगढ़ पुलिस के लिए साख का विषय बन गया है, यदि जल्द ही मामले का खुलासा नहीं होता,तो जनता का भरोसा और कमजोर हो सकता है।
पीडि़त परिवार की गुहार
पीडि़त परिवार ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए और जल्द से जल्द चोरी का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।
क्या बदलेगी पुलिस की रणनीति?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मनेन्द्रगढ़ पुलिस अपनी जांच रणनीति में बदलाव लाकर इस मामले को सुलझा पाएगी या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
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