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मनेंद्रगढ़@ मनेंद्रगढ़ बना उभरता मेडिकल हब, फिजियोथेरेपी कॉलेज का भूमिपूजन,इसी सत्र से शुरू होगी पढ़ाई

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  • मनेंद्रगढ़ में फिजियोथेरेपी कॉलेज की नींव,50 सीटों पर होगा प्रवेश
  • अब नहीं जाना पड़ेगा रायपुर : मनेंद्रगढ़ में ही तैयार होंगे डॉक्टर और फिजियोथेरेपिस्ट
  • जायसवाल मॉडल’ की झलक : मनेंद्रगढ़ में मेडिकल शिक्षा को मिली नई रफ्तार
  • 14 करोड़ की सौगात : मनेंद्रगढ़ में बनेगा अत्याधुनिक फिजियोथेरेपी कॉलेज
  • मेडिकल हब बनने की ओर मनेंद्रगढ़ : फिजियोथेरेपी कॉलेज से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर
  • सुस्ती पर भारी विकास : मनेंद्रगढ़ में फिजियोथेरेपी कॉलेज से तेज हुई स्वास्थ्य क्रांति

मनेंद्रगढ़,03 अप्रैल 2026 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ के उत्तर क्षेत्र में स्थित मनेंद्रगढ़ अब स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान स्थापित करता नजर आ रहा है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के नेतृत्व में क्षेत्र को एक और बड़ी सौगात मिली है, शुक्रवार को आमाखेरवा ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 1393.71 लाख रुपये की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक फिजियोथेरेपी कॉलेज भवन का भूमिपूजन किया गया। इस आयोजन को क्षेत्र के विकास की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।
अब नहीं जाना पड़ेगा बाहरः घर के पास ही उच्च शिक्षा-
मनेंद्रगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अब तक फिजियोथेरेपी और मेडिकल शिक्षा के लिए राजधानी रायपुर या अन्य राज्यों का रुख करना पड़ता था, आर्थिक और सामाजिक रूप से यह कई परिवारों के लिए चुनौतीपूर्ण था, अब इस नए कॉलेज की स्थापना के साथ यह स्थिति बदलने जा रही है। विद्यार्थियों को अपने ही जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त होगी,जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी, यह पहल ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के छात्रों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित होगी।
‘मनेंद्रगढ़ को मेडिकल हब बनाना हमारा लक्ष्य’ – स्वास्थ्य मंत्री- कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्यामबिहारी जायसवाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार का उद्देश्य मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले को एक मजबूत मेडिकल हब के रूप में विकसित करना है, उन्होंने कहा कि यह कॉलेज केवल एक भवन नहीं बल्कि क्षेत्र के युवाओं के भविष्य का निर्माण केंद्र होगा, 2 हेक्टेयर भूमि का आवंटन किया जा चुका है, प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है, मेडिकल कॉलेज की 50 सीटों पर भी इसी सत्र से पढ़ाई शुरू की जाएगी, उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रोजेक्ट की मुख्य बातें…
कुल लागतः 1393.71 लाख (लगभग 14 करोड़ रुपये)
निर्माण एजेंसीः छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन
प्रमुख सुविधाएं…
ऑर्थोपेडिक्स आधारित फिजियोथेरेपी
न्यूरोलॉजी सेवाएं
कार्डियोलॉजी संबंधित उपचार
क्षेत्र के विकास की नई दिशा

फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना मनेंद्रगढ़ के लिए केवल एक शैक्षणिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक विकास का आधार भी बनेगा,इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा,बल्कि शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे, यह परियोजना आने वाले समय में मनेंद्रगढ़ को छत्तीसगढ़ के प्रमुख मेडिकल और एजुकेशन हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के उज्जवल भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है।
इसी सत्र से शुरू होगी पढ़ाई,50 सीटों पर प्रवेश
फिजियोथेरेपी कॉलेज में इसी शैक्षणिक सत्र से 50 सीटों के साथ स्नातक पाठ्यक्रम प्रारंभ किया जाएगा, यह कदम न केवल शिक्षा के अवसर बढ़ाएगा बल्कि स्थानीय स्तर पर मेडिकल प्रोफेशनल्स तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा,मुख्य भवन के निर्माण तक कॉलेज का संचालन अस्थाई रूप से सिंधी कालरी एजुकेशन सोसाइटी,झगराखांड में किया जाएगा। इसके लिए स्श्वष्टरु के साथ एमओयू किया गया है, जिससे व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हो सकें।
मेडिकल क्षेत्र में बढ़ेंगे अवसर, रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
फिजियोथेरेपी कॉलेज और मेडिकल कॉलेज के एक साथ विकसित होने से मनेंद्रगढ़ में एक मजबूत मेडिकल इकोसिस्टम तैयार होगा,इससे कई सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेंगे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, स्वास्थ्य सेवाओं में प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होगा,निजी और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के विस्तार की संभावना बढ़ेगी,यह परियोजना क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी नई गति देने में सहायक होगी।
‘जायसवाल मॉडल’ से तेज हुई विकास की रफ्तार
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस बात की चर्चा है कि श्यामबिहारी जायसवाल के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में विकास की गति तेज हुई है, पूर्व में जिन योजनाओं पर धीमी प्रगति देखी जा रही थी,वे अब तेजी से धरातल पर उतर रही हैं, रिक्त पदों पर नियुक्तियां,मेडिकल संस्थानों का विस्तार,नई परियोजनाओं की स्वीकृति और क्रियान्वयन, इन सभी पहलुओं को ‘जायसवाल मॉडल’ के रूप में देखा जा रहा है,जिसमें त्वरित निर्णय और प्रभावी क्रियान्वयन प्रमुख है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही अहम मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण अवसर पर कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस परियोजना को क्षेत्र के विकास के लिए ऐतिहासिक कदम बताया, कार्यक्रम में प्रमुख रूप से विधायक रेणुका सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष चंपादेवी पावले,महापौर रामनरेश राय सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए,प्रशासनिक स्तर पर एमसीबी कलेक्टर डी राहुल वेंकट और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने परियोजना की रूपरेखा और भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा की।


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