- माँ कुदुरगढ़ी की कृपा में डूबा महोत्सव,संस्कृति और खेल का दिखा अद्भुत मेल
- कुदुरगढ़ महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब,भक्ति के साथ खेल और संस्कृति का उत्सव
- कुश्ती,कबड्डी और मल्लखंभ के बीच सजी आस्था की झलक,कुदुरगढ़ महोत्सव संपन्न
- तीन दिन तक चला आस्था और संस्कृति का उत्सव,कुदुरगढ़ महोत्सव का भव्य समापन
- जब आस्था,परंपरा और खेल एक मंच पर आए—कुदुरगढ़ महोत्सव बना जनउत्सव
- कुदुरगढ़ महोत्सव 2026 संपन्न,खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिखा उत्साह

-संवाददाता-
सूरजपुर,26 मार्च 2026 (घटती-घटना)। कुदुरगढ़ महोत्सव 2026 इस वर्ष भी पूरे वैभव और उत्साह के साथ संपन्न हुआ, यह महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रहा,बल्कि आस्था,लोकसंस्कृति, परंपरा और खेल गतिविधियों का एक व्यापक मंच बनकर सामने आया,तीन दिनों तक चले इस आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं, कलाकारों,खिलाडि़यों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली,महोत्सव ने सरगुजा अंचल की सांस्कृतिक पहचान को न केवल सुदृढ़ किया,बल्कि इसे प्रदेश और देश स्तर तक पहुंचाने का कार्य भी किया। बता दे की कुदुरगढ़ महोत्सव 2026 ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि आस्था, संस्कृति और खेल का संगम समाज को जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है,यह आयोजन न केवल सरगुजा अंचल की पहचान को मजबूत करता है,बल्कि आने वाली पीढि़यों के लिए सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का मार्ग भी प्रशस्त करता है,भविष्य में भी इस तरह के आयोजनों से क्षेत्रीय विकास,सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक एकता को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां- महोत्सव का सांस्कृतिक पक्ष भी उतना ही मजबूत और आकर्षक रहा,लोकनृत्य,लोकगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, सरगुजा अंचल की सांस्कृतिक विविधता मंच पर जीवंत हुई,कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से स्थानीय परंपराओं को नई पहचान दी,शाम के समय आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में दर्शकों की उपस्थिति रही, जिससे पूरा परिसर उत्सव स्थल में बदल गया।
खेल प्रतियोगिताओं में दिखा व्यापक उत्साह- महोत्सव के दौरान खेल गतिविधियों को भी प्रमुखता दी गई,जिससे आयोजन को एक समग्र स्वरूप मिला।
कबड्डी प्रतियोगिता : पचीरा ने बरकरार रखा वर्चस्व
कबड्डी प्रतियोगिता में 19 टीमों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ।
-फाइनल में पचीरा ने गंगोटी को 25-14 से हराया
-पचीरा ने लगातार दूसरे वर्ष खिताब जीतकर अपना दबदबा कायम रखा
– नरेशपुर तीसरे स्थान पर रहा
व्यक्तिगत पुरस्कारों में…
– बेस्ट डिफेंडरः प्रदीप राजवाड़े (पचीरा)
– बेस्ट रेडरः सत्या (गंगोटी)
– मैन ऑफ द टूर्नामेंटः अमन किंडो (पचीरा)
मल्लखंभ प्रदर्शनः साहस और संतुलन का अद्भुत संगम- समापन दिवस पर पामगढ़ के मल्लखंभ खिलाडि़यों ने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया, खंभे पर संतुलन और कठिन योग मुद्राओं का प्रदर्शन, साहसिक करतबों ने दर्शकों को रोमांचित किया, पारंपरिक खेल के प्रति युवाओं की प्रतिभा उजागर हुई,मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने खिलाडि़यों की सराहना करते हुए कहा कि मल्लखंभ जैसे खेल न केवल शारीरिक क्षमता बढ़ाते हैं, बल्कि मानसिक एकाग्रता और सांस्कृतिक जुड़ाव भी मजबूत करते हैं।
पुरस्कार वितरण और सम्मान समारोह- महोत्सव के अंत में पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया,विजेता खिलाडि़यों को ट्रॉफी और सम्मान प्रदान किया गया, आयोजकों और प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया, इस अवसर पर कुदुरगढ़ ट्रस्ट के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
यह महोत्सव हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक : मंत्री
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि कुदुरगढ़ महोत्सव हमारी सांस्कृतिक विरासत और आस्था का जीवंत प्रतीक है,उन्होंने कहा कि माँ कुदुरगढ़ी की कृपा से यह आयोजन हर वर्ष नई ऊंचाइयों को छू रहा है और सरगुजा क्षेत्र की पहचान को व्यापक स्तर पर स्थापित कर रहा है, मंत्री ने लोककलाकारों और युवा प्रतिभाओं की सराहना करते हुए कहा कि पारंपरिक कलाओं और देवी-देवताओं में आस्था हमारी असली पूंजी है, जिसे सहेजना और आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
आस्था और भक्ति का केंद्र बना कुदुरगढ़
महोत्सव के दौरान कुदुरगढ़ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, दूर-दराज के गांवों और जिलों से भक्त पहुंचे,पूजा-अर्चना और दर्शन का क्रम लगातार चलता रहा, धार्मिक वातावरण में भक्ति और आस्था का अद्भुत समावेश देखने को मिला, माँ कुदुरगढ़ी के प्रति श्रद्धा ने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
अखिल भारतीय कुश्ती प्रतियोगिता
इस वर्ष पहली बार अखिल भारतीय स्तर की कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसने महोत्सव की गरिमा को और बढ़ा दिया,हरियाणा,पंजाब,दिल्ली,उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के पहलवानों ने भाग लिया, नेपाल से आए पहलवानों की भागीदारी ने प्रतियोगिता को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया, रोमांचक मुकाबलों ने दर्शकों को बांधे रखा,पुरुष वर्ग में उत्तर प्रदेश के श्रीराम पहलवान विजेता रहे, जबकि महिला वर्ग में उत्तर प्रदेश की कलशपाल ने खिताब अपने नाम किया।
वॉलीबॉल प्रतियोगिता : गजाधरपुर का दबदबा
जिला स्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता में कुल 22 टीमों ने भाग लिया जिसमे फाइनल मुकाबले में गजाधरपुर ने गोंदा को 2-0 से पराजित किया और गोंदा उपविजेता रहा और सूरजपुर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। व्यक्तिगत प्रदर्शन मेंः बेस्ट अटैकरः नेगी (गजाधरपुर), बेस्ट ब्लॉकरः चमन (सूरजपुर), मैन ऑफ द टूर्नामेंटः हिमांशु रजक (गोंदा)
प्रशासन और आयोजन की भूमिका
इस आयोजन को सफल बनाने में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही, कलेक्टर एस. जयवर्धन के निर्देशन में आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई, मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजेंद्र सिंह पाटले के मार्गदर्शन में व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं, विभिन्न विभागों और स्वयंसेवकों ने मिलकर आयोजन को सुचारू रूप से संचालित किया।
स्थानीय सहभागिता
और जनउत्सव का रूप
कुदुरगढ़ महोत्सव केवल एक सरकारी आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह एक जनउत्सव के रूप में उभरा, स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी, कलाकारों और खिलाडि़यों को मंच, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों का सांस्कृतिक संगम इससे महोत्सव को व्यापक सामाजिक समर्थन मिला।
सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व
कुदुरगढ़ महोत्सव का महत्व केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है यह क्षेत्रीय संस्कृति को संरक्षित करने का माध्यम है, पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहन देता है युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ता है सामाजिक एकता और सहभागिता को बढ़ावा देता है।
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