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एमसीबी/चिरमिरी@बड़ा बाजार से हटाया गया पुराना बस स्टैंड,नए स्थान पर यात्रियों के लिए नहीं कोई सुविधा

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बिना समुचित तैयारी के कर दिया गया बस स्टैंड का स्थानांतरण,यात्रियों के बैठने के लिए न शेड,न बेंच,पेयजल, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव

-संवाददाता-
एमसीबी/चिरमिरी,15 मार्च 2026 (घटती-घटना)। चिरमिरी शहर के बड़ा बाजार क्षेत्र में वर्षों से संचालित हो रहा पुराना बस स्टैंड हाल ही में हटाकर दूसरे स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है,प्रशासन द्वारा किए गए इस स्थानांतरण के बाद उम्मीद की जा रही थी कि नए स्थान पर यात्रियों के लिए बेहतर और व्यवस्थित बस स्टैंड की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है।
नए स्थान पर बसों का संचालन तो शुरू हो गया है,लेकिन यात्रियों के लिए मूलभूत सुविधाओं की कोई व्यवस्था नहीं की गई है,न तो वहां बैठने के लिए शेड है और न ही यात्रियों के लिए बेंच की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा पेयजल,शौचालय और साफ-सफाई जैसी आवश्यक सुविधाओं का भी अभाव है,इससे रोजाना बस का इंतजार करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सिर्फ स्थानांतरण,व्यवस्था नहीं…
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन ने बस स्टैंड को तो हटा दिया, लेकिन नए स्थान को व्यवस्थित बस स्टैंड के रूप में विकसित करने की दिशा में गंभीर प्रयास नहीं किए गए,लोगों का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो केवल औपचारिक रूप से बस स्टैंड को स्थानांतरित कर दिया गया हो,जबकि यात्रियों की सुविधा को नजरअंदाज कर दिया गया है।
स्थानीय लोगों में बढ़ रहा असंतोष
बस स्टैंड की वर्तमान स्थिति को लेकर स्थानीय नागरिकों और यात्रियों में असंतोष भी बढ़ता दिखाई दे रहा है। लोगों का कहना है कि शहर में बस स्टैंड जैसी महत्वपूर्ण सुविधा को बिना पर्याप्त तैयारी के स्थानांतरित करना उचित नहीं था,कई नागरिकों ने यह भी कहा कि प्रशासन को पहले नए स्थान पर आवश्यक सुविधाएं विकसित करनी चाहिए थीं और उसके बाद ही बस स्टैंड को स्थानांतरित करना चाहिए था।
प्रशासन से की जा रही है मांग…
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि नए बस स्टैंड पर जल्द से जल्द यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं,लोगों का कहना है कि यहां शेड,बैठने की व्यवस्था,पेयजल,शौचालय और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं तुरंत विकसित की जानी चाहिए,ताकि यात्रियों को यात्रा के दौरान होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके।
समस्या जल्द हल नहीं हुई तो बढ़ेगी परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही बस स्टैंड पर आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं की गईं तो आने वाले समय में यात्रियों की समस्या और बढ़ सकती है,विशेष रूप से गर्मी और बरसात के मौसम में बिना शेड और अन्य सुविधाओं के बस का इंतजार करना यात्रियों के लिए और अधिक कठिन हो जाएगा,अब देखना यह है कि प्रशासन यात्रियों की इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है और नए बस स्टैंड को सुविधायुक्त बनाने के लिए कब तक ठोस कदम उठाता है।
जल्दबाजी में किया गया स्थानांतरण
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बस स्टैंड को स्थानांतरित करने का निर्णय शायद जल्दबाजी में लिया गया है,पुराने बस स्टैंड को तो हटा दिया गया,लेकिन नए स्थान को बस स्टैंड के रूप में विकसित करने की दिशा में कोई ठोस तैयारी दिखाई नहीं देती,लोगों का कहना है कि यदि पहले से योजना बनाकर नए स्थान पर आवश्यक सुविधाएं विकसित की जातीं तो यात्रियों को इस प्रकार की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता।
धूप और गर्मी में खड़े रहने को मजबूर यात्री
नए बस स्टैंड पर यात्रियों के बैठने के लिए न तो कोई बेंच लगाई गई है और न ही छाया के लिए शेड का निर्माण किया गया है,ऐसे में यात्रियों को खुले आसमान के नीचे खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ रहा है,दिन के समय तेज धूप और गर्मी में यह स्थिति और भी अधिक कष्टदायक हो जाती है,कई बार बसों के देरी से आने पर यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है,जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है।
बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी
बस स्टैंड पर बुनियादी सुविधाओं के अभाव का सबसे अधिक असर बुजुर्गों,महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है,बुजुर्ग यात्रियों को लंबे समय तक खड़े रहना मुश्किल हो जाता है,जबकि महिलाओं और बच्चों को भी धूप और गर्मी में इंतजार करना पड़ता है,कई यात्रियों ने बताया कि यदि बैठने और छाया की व्यवस्था होती तो उनकी परेशानी काफी हद तक कम हो सकती थी।
पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाओं का भी अभाव
नए बस स्टैंड पर पेयजल की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। यात्रियों को पीने के पानी के लिए आसपास की दुकानों या अन्य स्थानों पर जाना पड़ता है,इसके अलावा शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है,जिससे विशेष रूप से महिलाओं और बुजुर्ग यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है,बस स्टैंड जैसी सार्वजनिक जगह पर इन बुनियादी सुविधाओं का अभाव प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े करता है।


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