न्यायालय परिसर में महिला शक्ति का सम्मान,अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रतिभाओं को मिला मंच
बैकुंठपुर जिला न्यायालय में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष आयोजन,उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं का हुआ सम्मान
नारी सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश,जिला न्यायालय में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस गरिमामय ढंग से मनाया गया
महिलाओं के योगदान को मिला सम्मान,बैकुंठपुर जिला न्यायालय में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर भव्य कार्यक्रम

-संवाददाता-
कोरिया,13 मार्च 2026 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बैकुंठपुर (जिला-कोरिया) के मार्गदर्शन में 8 मार्च 2026 को जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर बैकुंठपुर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया, इस अवसर पर न्यायिक अधिकारियों,अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और महिलाओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया,कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के योगदान,उनके अधिकारों और समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करना था।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती माता के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया,इसके साथ ही कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई, उपस्थित अतिथियों एवं महिलाओं का स्वागत पारंपरिक तरीके से बैज और तिलक लगाकर किया गया,इस दौरान पूरे परिसर में उत्साह और सम्मान का वातावरण देखने को मिला।
मुख्य अतिथि के रूप में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रहे उपस्थित
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश पारिक उपस्थित रहे,उनके साथ जिला न्यायालय बैकुंठपुर में पदस्थ सभी न्यायिक अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए,इसके अलावा मनेंद्रगढ़,चिरमिरी और जनकपुर न्यायालयों में पदस्थ न्यायिक अधिकारियों की भी कार्यक्रम में उपस्थिति रही,कार्यक्रम में न्यायालय के कर्मचारी तथा विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत महिला अधिवक्ताओं की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही,जिससे कार्यक्रम का महत्व और बढ़ गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के इस आयोजन में महिलाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लिया,कार्यक्रम के दौरान कविता पाठ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की गईं,जिनमें महिलाओं ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया,इन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया और उपस्थित लोगों ने तालियों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं का किया गया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान जिला न्यायालय में कार्यरत महिलाओं को उनके उत्कृष्ट कार्य और समर्पण के लिए प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया, यह सम्मान महिलाओं के कार्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और मेहनत की सराहना के रूप में दिया गया,सम्मान प्राप्त करने वाली महिलाओं ने कहा कि यह सम्मान उन्हें अपने कार्य के प्रति और अधिक प्रेरित करेगा तथा वे भविष्य में भी पूरी निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करती रहेंगी।
वक्ताओं ने महिलाओं की भूमिका पर डाला प्रकाश
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षा, प्रशासन, न्यायपालिका,चिकित्सा और सामाजिक कार्यों सहित सभी क्षेत्रों में महिलाएं अपनी प्रतिभा और क्षमता का परिचय दे रही हैं,उन्होंने कहा कि महिलाओं के बिना समाज की प्रगति की कल्पना भी नहीं की जा सकती, इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह महिलाओं का सम्मान करे और उन्हें समान अवसर प्रदान करे।
नारी सम्मान बनाए रखने का किया गया आह्वान
मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश पारिक ने अपने उद्बोधन में कहा कि महिलाओं का सम्मान और उनकी सुरक्षा समाज की प्राथमिक जिम्मेदारी है,उन्होंने कहा कि नारी शक्ति समाज की आधारशिला है और महिलाओं के योगदान को सम्मान देना हम सभी का कर्तव्य है, उन्होंने सभी लोगों से यह आह्वान किया कि समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता की भावना को और अधिक मजबूत किया जाए तथा महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
महिला सशक्तिकरण का दिया गया संदेश
कार्यक्रम के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का मजबूत संदेश दिया गया, इस आयोजन ने न केवल न्यायालय परिसर में कार्यरत महिलाओं को सम्मानित करने का अवसर प्रदान किया,बल्कि समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान और समानता की भावना को भी प्रोत्साहित किया,कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने महिलाओं के सम्मान,समान अधिकार और सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
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