:
डकईपारा की महिलाओं ने रचा प्राकृतिक रंगों का कमाल
कोरिया,02 मार्च 2026 (घटती-घटना)। होली के रंग इस बार कोरिया जिले के ग्राम डकईपारा से और भी खास होने जा रहे हैं। जनपद बैकुंठपुर अंतर्गत उजाला महिला स्वसहायता समूह की 11 महिलाओं ने प्राकृतिक रंगों से 100 किलो से अधिक हर्बल गुलाल तैयार कर बाजार में नई पहचान बनाई है, महज 10 दिन पहले शुरू हुई इस पहल ने आज स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण का सुंदर उदाहरण पेश किया है।
प्राकृतिक खुशबू के साथ सुरक्षित रंग- महिलाओं ने चुकंदर,हल्दी,पलाश के फूल, पालक,लाल भाजी,एसेंशियल ऑयल और प्राकृतिक फूड कलर का उपयोग कर त्वचा के अनुकूल,खुशबूदार और पर्यावरण हितैषी गुलाल तैयार किया है,रासायनिक रंगों से होने वाली त्वचा एलर्जी और पर्यावरण प्रदूषण के बीच यह पहल हरित होली का संदेश दे रही है। प्राकृतिक उत्पादों से बने इन रंगों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
बिहान से मिला प्रशिक्षण और संबल
यह पहल राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के मार्गदर्शन में आगे बढ़ी, मास्टर ट्रेनर द्वारा महिलाओं को हर्बल गुलाल निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया, प्रोडक्ट तैयार होने के बाद आकर्षक पैकेजिंग और विपणन में भी बिहान स्टाफ ने सहयोग किया, समूह ने इस कार्य की शुरुआत आंतरिक ऋण से की, जो अब आत्मविश्वास और आय का मजबूत माध्यम बनता जा रहा है।
गुणवत्ता उच्च,कीमत किफायती
महिलाओं द्वारा तैयार हर्बल गुलाल बाजार में 300 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध है, सिर्फ दो दिनों में ही समूह ने 3,200 रुपये की आय अर्जित की है और मांग लगातार बढ़ रही है, होली के निकट आते ही बिक्री में और वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पाद होने के कारण ग्राहक भी इसे प्राथमिकता दे रहे हैं।
कहां मिलेगा यह हर्बल गुलाल?
यह हर्बल गुलाल जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में नगरपालिका के पास तथा संयुक्त जिला कार्यालय के समीप स्थित कोरिया मिलेट्स कैफे के सामने लगाए गए स्टॉल पर उपलब्ध है, इसके साथ ही इसे कोरिया अमृत डॉट कॉम वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन भी खरीदा जा सकता है।
प्रशासन का समर्थन
कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन त्रिपाठी के मार्गदर्शन में शुरू हुई इस पहल को जिला प्रशासन का पूरा सहयोग मिला है, जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे स्थानीय महिलाओं द्वारा तैयार उत्पाद खरीदकर नारी शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दें।
आत्मनिर्भरता का नया रंग
ग्राम डकईपारा की 11 महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि यदि अवसर, प्रशिक्षण और आत्मविश्वास मिले तो ग्रामीण महिलाएं भी बाजार में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं, इस होली, प्राकृतिक रंगों के साथ आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी फैलेगा और सचमुच, कोरिया जिले की होली ‘उजाला’ से सजेगी।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur