जन सहयोग समिति के अध्यक्ष ने उठाए संभाग, मेडिकल कॉलेज और सोनहत पैकेज के मुद्दे
-संवाददाता-
कोरिया,19 फरवरी 2026(घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हालिया कोरिया दौरा राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है,जहां सत्तापक्ष इसे विकास कार्यों की नई शुरुआत बता रहा है,वहीं पुष्पेंद्र राजवाड़े,अध्यक्ष कोरिया जन सहयोग समिति,ने इसे घोषणाओं का झुनझुना बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है, मुख्यमंत्री के प्रस्थान के बाद मीडिया से चर्चा में राजवाड़े ने कहा कि कोरिया की जनता जिस ऐतिहासिक निर्णय की प्रतीक्षा कर रही थी, वह केवल आश्वासनों तक सीमित रह गया, उनके अनुसार, जिले को संभाग का दर्जा दिए जाने की व्यापक उम्मीद थी, लेकिन इस पर कोई ठोस घोषणा नहीं हुई।
संभाग का दर्जाः सबसे बड़ा सवाल
राजवाड़े ने कहा कि कोरिया को संभाग का दर्जा दिलाने की मांग लंबे समय से उठती रही है, उनका आरोप है कि दौरे से पहले माहौल ऐसा बनाया गया था मानो इस पर सकारात्मक निर्णय होगा,किंतु अंततः इस विषय पर मौन साध लिया गया,उन्होंने कहा कि संभाग बनने से प्रशासनिक शक्ति बढ़ेगी,स्थानीय स्तर पर फैसले तेजी से होंगे और दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर नाराज़गी
विपक्षी स्वर में राजवाड़े ने मेडिकल कॉलेज और लॉ कॉलेज जैसी उच्च शिक्षण संस्थाओं की घोषणा न होने को जिले के भविष्य के साथ अन्याय बताया,उनका कहना है कि यदि मेडिकल कॉलेज की स्थापना होती, तो न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होता बल्कि स्थानीय युवाओं को शिक्षा के बेहतर अवसर भी मिलते, उन्होंने यह भी कहा कि जिला अस्पताल की वर्तमान स्थिति और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को देखते हुए मेडिकल कॉलेज की मांग अत्यंत आवश्यक है।
सोनहत और वनांचल क्षेत्रों की अनदेखी का आरोप
राजवाड़े ने विशेष रूप से सोनहत और अन्य दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन इलाकों के लिए कोई विशेष आर्थिक पैकेज या ठोस कार्ययोजना सामने नहीं आई,उन्होंने कहा कि भौगोलिक विषमता और आदिवासी बहुल आबादी को देखते हुए अलग से विकास मॉडल की आवश्यकता है।
अटके विकास कार्यों पर सवाल
पूर्ववर्ती सरकार के समय स्वीकृत सड़क और विद्युतीकरण परियोजनाओं का जिक्र करते हुए राजवाड़े ने आरोप लगाया कि बजट के अभाव में कई कार्य ठप पड़े हैं, उनके अनुसार, मुख्यमंत्री दौरे के दौरान इन परियोजनाओं को पुनर्जीवित करने के लिए स्पष्ट वित्तीय खाका प्रस्तुत नहीं किया गया।
बाईपास नहीं,दूरदृष्टि चाहिए
राजवाड़े ने कहा कि केवल सड़कों के पैचवर्क, चौड़ीकरण या बाईपास से जिले का समग्र विकास संभव नहीं है, उनके शब्दों में,कोरिया को प्रशासनिक मजबूती और बड़े संस्थानों की जरूरत है, जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है क्योंकि बुनियादी जरूरतें आज भी फाइलों में कैद हैं।
सत्तापक्ष का रुख
हालांकि सत्तापक्ष का कहना है कि मुख्यमंत्री ने जिले के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं और आने वाले समय में योजनाओं का क्रियान्वयन तेज किया जाएगा, उनका दावा है कि चरणबद्ध तरीके से शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना पर काम होगा।
राजनीतिक तापमान बढ़ा
मुख्यमंत्री के दौरे के बाद कोरिया में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, विपक्ष जहां इसे जनभावनाओं की अनदेखी बता रहा है, वहीं सत्ता पक्ष इसे विकास यात्रा का आरंभ मान रहा है, अब नजर इस बात पर टिकी है कि क्या आने वाले महीनों में कोई ठोस प्रशासनिक निर्णय लिया जाता है या यह बहस केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रह जाएगी।
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