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कोरिया@ घुघरा में ‘जंगल कैफे’ का शुभारंभ, बसन्तोत्सव में शामिल हुईं मुख्यमंत्री की पत्नी कौशल्या साय —पर्यटन, संस्कृति और सियासत का दिखा संगम

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पत्रकारों के सवालों पर अधूरे विद्युतीकरण और पंडो जनजाति के जाति प्रमाणपत्र मुद्दे को सरकार तक पहुँचाने का भरोसा, विधायक की गैरमौजूदगी और ‘सुपर CMÓ’ वाले तंज से बढ़ी राजनीतिक चर्चा
कोरिया,06 फरवरी 2026 (घटती-घटना)।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी एवं कंवर समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती कौशल्या साय ने कोरिया जिले के सोनहत ब्लॉक स्थित घुघरा गांव पहुंचकर बसन्तोत्सव कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘जंगल कैफे’ का फीता काटकर औपचारिक शुभारंभ किया। कार्यक्रम में ग्रामीणों का उत्साह देखने लायक रहा और पारंपरिक स्वागत के साथ उनका अभिनंदन किया गया।
पत्रकारों के सवालों पर दिया जवाब…
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों ने क्षेत्र में अधूरे विद्युतीकरण और लंबे समय से बंद पड़े कार्यों को लेकर सवाल किए। इस पर श्रीमती कौशल्या साय ने कहा कि इन समस्याओं से सरकार को अवगत कराया जाएगा और समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे,विशेष पिछड़ी जनजाति पंडो के जाति प्रमाण-पत्र से जुड़ी जटिलताओं पर भी उन्होंने गंभीरता दिखाई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में शिकायतें मिली हैं और जशपुर क्षेत्र में भी पंडो जनजाति निवास करती है, इसलिए इस गंभीर विषय पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया जाएगा।
स्थानीय विधायक की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय विधायक की अनुपस्थिति राजनीतिक चर्चा का केंद्र बनी रही। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रीमती साय ने संतुलित बयान दिया और कहा कि सबका अपना-अपना कार्य होता है,संभव है कि विधायक किसी अन्य कार्यक्रम में व्यस्त रही हों। उन्होंने सहज अंदाज में कहा—हम लोग यहां संभाल लिए तो बहन हमारी कहीं और संभाल ली।
सोशल मीडिया पर ‘सुपर सीएमओ’ वाला तंज, सियासत में हलचल
जंगल कैफे के उद्घाटन के बाद पूर्व विधायक की सोशल मीडिया पोस्ट ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया। काल्पनिक CM दीदी और सुपर CM जैसे शब्दों के इस्तेमाल को राजनीतिक हलकों में सत्ता के भीतर दो केंद्रों की ओर इशारा माना जा रहा है। इस पोस्ट के बाद समर्थकों और विरोधियों के बीच बहस तेज हो गई है और उद्घाटन का कार्यक्रम राजनीतिक विमर्श का विषय बन गया है।
पर्यटन, संस्कृति और राजनीति—तीनों का मिला संगम-
घुघरा में आयोजित बसन्तोत्सव और जंगल कैफे का उद्घाटन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं रहा,बल्कि इसमें पर्यटन विकास,सामाजिक संदेश और सियासी चर्चाओं का अनूठा मिश्रण देखने को मिला। अब देखना होगा कि सरकार तक पहुँचाए जाने वाले स्थानीय मुद्दों पर आगे क्या कार्रवाई होती है और यह पहल क्षेत्र के पर्यटन को कितनी नई पहचान दिला पाती है।
पर्यटन और स्थानीय रोजगार को मिलेगा नया आयाम
उद्घाटन के बाद अपने संबोधन में श्रीमती साय ने कहा कि जंगल कैफे प्राकृतिक सौंदर्य और स्थानीय स्वाद का अनूठा संगम है, उन्होंने विश्वास जताया कि यह कैफे क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा और स्थानीय युवाओं तथा महिला स्व-सहायता समूहों को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराएगा, उन्होंने कैफे की बनावट और आसपास के प्राकृतिक वातावरण की सराहना करते हुए इसे क्षेत्रीय पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।
आध्यात्मिक संदेश के साथ संस्कृति से जुड़ने का आह्वान
बसन्तोत्सव के मंच से श्रीमती कौशल्या साय ने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों पर जोर देते हुए कहा कि हमारी जड़ें हमारी संस्कृति और अध्यात्म में निहित हैं,उन्होंने कहा कि बसन्तोत्सव जैसे आयोजन लोगों को प्रकृति, परंपराओं और सामाजिक एकता से जोड़ते हैं। कार्यक्रम के दौरान कंवर समाज और स्थानीय ग्रामीणों ने पारंपरिक नृत्य-गीतों के माध्यम से उनका भव्य स्वागत किया।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में बैकुण्ठपुर विधायक भईयालाल राजवाड़े,भाजपा जिलाध्यक्ष देवेंद्र तिवारी,कलेक्टर कोरिया,जिला पंचायत सीईओ,जनपद सीईओ सहित स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। मंच से नेताओं ने क्षेत्र में पर्यटन विकास और महिला सशक्तिकरण को लेकर सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया।
लखपति दीदी’ की दिशा में बढ़ रहीं महिलाएं : देवेंद्र तिवारी
भाजपा जिलाध्यक्ष देवेंद्र तिवारी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की पहल से गांव-गांव में महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों की महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं और लखपति दीदी की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
‘हमर पहुनी आइन है’ःभईयालाल राजवाड़े का भावुक स्वागत
पूर्व मंत्री और विधायक भईयालाल राजवाड़े ने छत्तीसगढ़ी अंदाज में श्रीमती साय का स्वागत करते हुए कहा…आज हमर पहुनी आइन है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी का क्षेत्र में आगमन सौभाग्य की बात है और उनके आशीर्वाद से सोनहत क्षेत्र में विकास और पर्यटन को नई रफ्तार मिलेगी।


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