Breaking News

अम्बिकापुर@विकासखंड प्रतापपुर में ब्लूप्रिंट प्रश्न निर्माण एवं शिक्षण शास्त्र प्रशिक्षण संपन्न

Share


‘शिक्षकों को ब्लूप्रिंट का उपयोग कर कक्षा 10वीं और 12 वीं के बच्चों की करनी चाहिए पहचान’


-संवाददाता-
अम्बिकापुर,22 दिसम्बर 2025 (घटती-घटना)। स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और आगामी बोर्ड परीक्षाओं में छात्र-छात्राओं को प्रावीण्य सूची में स्थान दिलाने के उद्देश्य से विकासखंड प्रतापपुर में 17 से 21 दिसंबर तक पांच दिवसीय ब्लूप्रिंट प्रश्न निर्माण एवं शिक्षण शास्त्र प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विज्ञान विषय के व्याख्याताओं को आधुनिक शैक्षणिक पद्धतियों और बोर्ड परीक्षा के पैटर्न से परिचित कराना था। प्रशिक्षण के दौरान जिला स्तर से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स ने गहन सत्र आयोजित किए, जिनमें ब्लूप्रिंट के आधार पर अंकों का विभाजन, कठिन विषयों को सरल बनाने की तकनीक और महत्वपूर्ण अध्यायों से प्रश्न तैयार करने की विधि पर चर्चा की गई। रसायन विज्ञान की विशेषज्ञ श्रद्धा गुप्ता, गणित के व्याख्याता रविन्द्र सोनी, भौतिकी के विशेषज्ञ एसके गुप्ता और जीव विज्ञान के व्याख्याता देव रतन रवि ने संबंधित विषयों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और सतत विकास के लक्ष्यों (एसडीजी) पर राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त व्याख्याता अजय कुमार चतुर्वेदी ने विस्तृत जानकारी दी। इसके अतिरिक्त,ब्लूम टैक्सनॉमी,एनसीएफ भारतीय ज्ञान परंपरा और विद्यालय में सीखने हेतु उपयुक्त वातावरण पर भी सत्र आयोजित किए गए। संयुक्त संचालक संजय गुप्ता ने प्रशिक्षण स्थल का निरीक्षण करते हुए शिक्षकों को प्रेरित किया और कहा कि ‘‘शिक्षकों के हाथ में विद्यार्थियों का भविष्य है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों को ब्लूप्रिंट का उपयोग कर कक्षा 10वीं और 12वीं के बच्चों की पहचान करनी चाहिए,जिन्हें विशेष मार्गदर्शन की आवश्यकता हो। विकासखंड शिक्षा अधिकारी एमएस धुर्व ने प्रशिक्षण की सार्थकता पर जोर देते हुए शिक्षकों से विद्यालयों में इसे लागू करने की अपील की और परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए तकनीकी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी।


Share

Check Also

बलरामपुर @एनएच-343 पर परिवहन व यातायात विभाग की संयुक्त कार्रवाई

Share बिना परमिट चल रही स्कूल बस जब्त,10 हजार रुपये का चालानबलरामपुर ,22 अप्रैल 2026 …

Leave a Reply