रायपुर,27 नवम्बर 2025। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लंबे समय से लंबित प्राचार्य पदोन्नति प्रक्रिया को पूर्ण करते हुए बुधवार को बड़ा कदम उठाया गया। अवर सचिव आर. पी. वर्मा के हस्ताक्षर से 1284 नियमित व्याख्याता, व्याख्याता (एलबी) एवं प्रधान पाठक को प्राचार्य, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के पद पर पदस्थापना का आदेश जारी कर दिया गया। जारी आदेश के अनुसार पदोन्नत सभी प्राचार्यों को सात दिनों के भीतर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य किया गया है। इस निर्णय के साथ ही प्रदेश में पिछले लगभग 10 वर्षों से अटकी हुई पदोन्नति प्रक्रिया का समाधान हो गया है, जिससे पूरे शिक्षक समुदाय में हर्ष और संतोष का माहौल है।
फोरम की बड़ी भूमिका—न्यायालय से लेकर संचालनालय तक संघर्ष छत्तीसगढ़ प्राचार्य पदोन्नति फोरम ने लंबे समय से इस मुद्दे पर लगातार आवाज उठाई और प्रक्रिया को पूर्ण कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फोरम के प्रतिनिधि अनिल शुक्ला, राकेश शर्मा, आर. के. झा, श्यामकुमार वर्मा और मलखम वर्मा ने कहा कि यह आदेश स्कूल शिक्षा विभाग के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने बताया कि फोरम ने संचालनालय से लेकर न्यायालय तक संघर्ष किया, कई दौर की बैठकें कीं और सभी स्तरों पर ज्ञापन सौंपे। उनके अनुसार, दस वर्षों से लंबित इस पदोन्नति के पूरा होने से हजारों शिक्षक लाभान्वित हुए हैं और अब स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था और मजबूत होगी।
ऐतिहासिक उपलब्धि—एक साथ 2813 प्राचार्यों की पदोन्नति प्राचार्य पदोन्नति फोरम ने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत शिक्षा विभाग ने टी संवर्ग में 1335 और ई संवर्ग में 1478, इस प्रकार कुल 2813 प्राचार्यों को पदोन्नत किया है। फोरम ने इसे स्कूल शिक्षा विभाग के इतिहास में अभूतपूर्व एवं सबसे बड़ा पदोन्नति अभियान बताया। प्रदेश में इतने बड़े पैमाने पर प्राचार्य पदोन्नति के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में प्रशासनिक क्षमता और शैक्षणिक गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिलेगा।
शिक्षकों में उत्सव का माहौल
सरकार का जताया आभार : आदेश जारी होने के बाद प्रदेश के शिक्षकों एवं प्राचार्य पदोन्नति फोरम के सदस्यों ने हर्ष व्यक्त किया। फोरम ने प्रदेश के मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री और शिक्षा प्रशासन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह फैसला शिक्षकों के मनोबल को बढ़ाने वाला है और शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देगा। फोरम ने कहा कि विभाग द्वारा वर्षों से लंबित फाइलों को निपटाकर आदेश जारी करना यह दर्शाता है कि सरकार शिक्षा और शिक्षकों के हितों के प्रति गंभीर है।
आगे बेहतर प्रबंधन की उम्मीद शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी संख्या में प्राचार्यों की पदस्थापना होने से अब स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों की मॉनिटरिंग, प्रशासनिक प्रबंधन और छात्रों की मार्गदर्शन व्यवस्था और प्रभावी होगी। नई पदस्थापना के साथ शिक्षकों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है और वे अपने नए दायित्वों को समय पर ग्रहण करने की तैयारी में जुट गए हैं।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur