कभी सकूं से बैठ कर मिटा लीजिये
अपने जीवन भर की थकान
न जाने कब आ जाये मालिक का बुलावा
खाली करवा ले अपना मकान
अपना ही समझते रहे उम्र भर
था जो किसी दूसरे का किराए का मकान
किराए पर आगे दे दिया उसको भी
बसा लिए उसमें ईर्ष्या अहंकार और कड़बी जुबान
थोड़ी सी बात पर निकाल लेते तीर कमान
दूसरों को सुखी देख कर हो जाते परेशान
सामने निकल रहा हो जब इंसानियत का जनाज़ा
खुलती नहीं बन्द हो जाती है जुबान
भागम भाग रही जिंदगी भर
मिला न एक पल भी चैन
अंत समय जब आया पास
क्यों सजल हो रहे तेरे नैन
गोरी चिट्टी चमड़ी जल जाएगी
हड्डियों की तेरी बन जाएगी राख
मर मर के कमाई जो दौलत तूने
जाएगी न साथ तेरे खाली होंगे हाथ
दूसरों के लिए जिया बहुत
कुछ पल अपने लिए भी जी ले
छोड़ दे मोह माया कर ले किनारा
करना मुश्किल है पर कड़वा घूंट पी ले
रवीन्द्र कुमार शर्मा
घुमारवी बिलासपुर
हिमाचलप्रदेश
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur