Breaking News

@कविता@श्रवण कुमार को देखो .

Share


तरक्की करनी हो तो
आसमान को देखो!
दोस्ती करनी हो तो
कृष्ण सुदामा को देखो!
प्रभु में आस्था समझनी हो
तो धन्ना भगत को देखो।
गुरु भक्ति समझनी हो ं
तो एकलव्य को देखो।
ममता को समझना हो
तो अपनी मां को देखो।
त्याग को समझना हो तो
अपने बहादुर पिता को देखो।
पिता का आज्ञाकारी जानना हो
तो श्री रामचंद्र जी को देखो।
दरिया दिली देखनी हो तो
कुदरत को आप देखो।
पवित्रता को देखना हो तो
मोक्षदायिनी गंगा को देखो।
एकता को देखना हो तो
मोतियों की माला को देखो।
माता-पिता की भक्ति देखनी हो
तो फिर श्रवण कुमार को देखो।
शामलाल कौशल
रोहतक
हरियाणा


Share

Check Also

संपादकीय@ विरासत का गौरव,विकास का उत्सव… लेकिन मंजिल अभी बाकी है!

Share 01 नवंबर 2000 को देश के नक्शे पर छत्तीसगढ़ के रूप में एक नए …

Leave a Reply