कोरबा,04 जून 2025 (घटती-घटना)। राज्य शासन के दिशा निर्देशों के तहत कोरबा जिले में अतिशेष शिक्षको के काउंसिलिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इस प्रक्रिया के पूरा होने के साथ ही जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में मौजूद शिक्षकविहीन और एकल शिक्षकीय विद्यालयों को नए शिक्षक मिल गए, वहीं इन क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को भी बेहतर शिक्षा की गारण्टी सुनिश्चित हो गई है। आने वाले दिनों में जब विद्यालय खुलेंगे तो उन्हें नए शिक्षक के साथ अध्ययन का अवसर मिलेगा। कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशन में आयोजित की गई काउंसिलिंग प्रक्रिया के पश्चात पोड़ी उपरोड़ा, पाली, कोरबा लॉक के दूरस्थ क्षेत्रों के अनेक विद्यालयों के बच्चों को सीधा लाभ मिलेगा। पिपरिया,लमना,मोरगा,दुल्लापुर, चोटिया,पसान,अरसिया, पोड़ी,पाली, सिरमिना,सपलवा,उड़ान,रतखंडी,परसदा, बारी उमराव,पहाडग़ांव,बाईसेमर,नकिया, श्यांग,लेमरू,खमहून,सिमकेन्दा, लामपहाड़,बिंझकोट जैसे दूरस्थ क्षेत्र के विद्यालयों में अब पर्याप्त शिक्षक होंगे। शासन के दिशा निर्देशों के तहत जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग द्वारा अतिशेष शिक्षको की काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। लगातार तीन दिनों तक चले इस प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ अतिशेष शिक्षकों को शिक्षकविहीन विद्यालय और शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में पदस्थ किया गया। सर्वप्रथम प्राथमिक शालाओं में अतिशेष प्रधानपाठकों और सहायक शिक्षको की काउंसलिंग 31 मई को की गई। इस प्रक्रिया में 287 सहायक शिक्षको की काउंसलिंग की गई। प्राथमिक शाला के इस काउंसिलिंग प्रक्रिया में 14 शिक्षकविहीन और 273 एकलशिक्षकीय विद्यालय भी शामिल है, जहाँ अतिशेष शिक्षकों की नियुक्ति के पश्चात अब ये विद्यालय शिक्षकविहीन नहीं रहेंगे। अतिशेष शिक्षको के समायोजन के पश्चात सभी प्राथमिक शाला में अब कम से कम दो शिक्षक होंगे। इसी तरह 3 जून को माध्यमिक शाला अंतर्गत शिक्षको की काउंसिलिंग की प्रक्रिया आयोजित की गई। जिसमें 4 प्रधानपाठकों और 147 शिक्षकों की काउंसिलिंग आयोजित कर उन्हें शिक्षकविहीन और एकलशिक्षकीय-द्विशिक्षकीय विद्यालयों में पदस्थ किया गया है। काउंसिलिंग के पश्चात 20 एकलशिक्षकीय और 4 शिक्षकविहीन और 62 द्विशिक्षकीय मिडिल स्कूलों में भी अब कम से कम तीन शिक्षक पदस्थ हो गए हैं।
अतिशेष शिक्षको के समायोजन से दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी लाभ मिलेगा। इस व्यवस्था से विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम समय पर पूरा होगा। सभी प्राथमिक शालाओं में अब कम से कम दो शिक्षक और मिडिल स्कूल में तीन शिक्षक होंगे। प्राथमिक और माध्यमिक शाला के बच्चों को शिक्षक मिलने से उनके शिक्षा की नींव मजबूत होगी। इसके बाद हाई और हायर सेकण्डरी विद्यालयों में भी गणित, रसायन,भौतकी,जीवविज्ञान,अंग्रेजी आदि विषय के व्याख्याता पदस्थ हो जाने से उन्हें कठिन लगने वाले विषय को अध्ययन करने में आसानी होगी। विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षको की व्यवस्था हो जाने से आने वाले दिनों में जिले का शैक्षणिक माहौल बदलेगा और शिक्षा की नई तस्वीर दिखेगी ।
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