जब मुंह दिया ओखली में तो मुसलों से क्या डर?
जब पहले आज़ादी के समय हमने पाकिस्तान को छोड़ा,फिर 1965 में हमने दरियादिली दिखाई। 1971 का युद्ध किसको याद नहीं है। हमारे जैसा दिलेर देश कोई हो ही नहीं सकता। उसके बाद 1999 में कारगिल में हमने कितने शूरवीरों को शहीद बना दिया और पाकिस्तान के सैनिकों को जिंदा ही छोड़ दिया। अरे आखिर कब तक?
अब जब पाकिस्तान ने दोबारा अपनी औकात दिखाई थी तो अब किसी भी हाल में उसको छोड़ना नहीं चाहिए था। वो आपके हमारे भाई बंधुओं को कहीं भी मार के चले जाएं और हम दो चार दिन में ही युद्ध विराम कर दें,वो भी किसी तीसरे की सहमति से?
बात कुछ हजम नहीं हो रही । अरे अगर पाकिस्तान ने युद्ध विराम करना ही था तो सीधे भारत के राष्ट्रपति,प्रधामंत्री या रक्षा मंत्री से हॉटलाइन पर संवाद करते? अमेरिका को बीच में क्यों घुसेड़ा जा रहा है? पाकिस्तान माफी मांगता अपनी करतूत के लिए हमसे। ये जो आज हमारे वीर जवान शहीद हुए शायद ये जिंदा होते,अपने परिवार के लिए अपने देश के लिए। इनके घर में किसी की रिटायरमेंट नजदीक थी तो किसी की शादी। अरे सोचो क्या बीती होगी उनके दिलों पर,कैसी ग़ाज़ गिरी होगी? ये सोच के ही मन सिहर उठता है। आज हर भारत वासी लगभग तैयार बैठा था,, कि देश की सेवा का मौका मिलेगा? इसलिए नहीं कि हम युद्ध चाहते हैं बल्कि इसलिए कि
हर बार हमारे फौजी भाई सरहद पर निर्दोष मारे जाते हैं। काश उस दुश्मन देश को सबक सिखाया जाता!!!!!!!!!
काश!!!!!!!!!!
काश!!!!!!!!!!
दो दिन में ही पाकिस्तान को आपकी औकात का पता चल गया। लेकिन सबक तगड़ा सिखाया जाना चाहिए था। शायद हर बार हम कसर छोड़ देते हैं,और अपने भाइयों को ऐसे ही खो देते हैं। शहीद हमारे गरीब घरों के फौजी भाई होते हैं,उस पैसे का भी कितना सहारा होगा उस मां,उस बहन,उस पत्नि को जिसने उनको खोया है? याद रखना वो वापिस नहीं आएंगे अब कभी भी। हम इंसानियत के पक्ष में है परंतु वो इंसान बनने के लायक नहीं। बिना मतलब के हमारे वीर जवान शहीद हुए। हमें उनकी वीरगति का अत्यंत दुख है क्योंकि वो वापिस नहीं आ सकते और हमको उनपर गर्व इसलिए है कि उनके जैसे वीर सपूत हमारी मां भारती के पास हैं। अमेरिका दोहरा रवैया अपनाता है भारत के प्रति। युद्ध विराम की घोषणा तो हो गई है,पर क्या ट्रंप सीमा पर लगातार होने वाली गोला बारी को बंद करवा सकता है? कभी नहीं! अगर दम है अमेरिका में तो कर के बताए,तब मानें ट्रंप को, कि बहुत बुद्धिमान है। दोहरे चरित्र वाले इंसानों का हम खुल के विरोध करते हैं। भारत हमारा एकजुट है। ऐसे कई पाकिस्तान को झटके में उड़ा सकता है मगर हम ठहरे अमन प्रिय,इंसानों के ऊपर हमला नहीं किया,सिर्फ आतंकियों को खदेड़ा। अरे अगर हम अपनी करनी पर आ गए तो बॉम्ब, हथियारों की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। पानी से ही पाकिस्तान का सफाया कर देंगे। सुधर जाओ पाकिस्तान,ये आखिरी चेतावनी समझो……..वरना रिश्ते में हम तुम्हारे बाप लगते हैं,नाम है भारत।
जय हिन्द
जय हिन्द की सेना
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